वाराणसी दालमंडी चौड़ीकरण; दौ सौ साल पुरानी लंगड़ा हाफिज मस्जिद पर लगा लाल निशान
वाराणसी में दालमंडी सड़क चौड़ीकरण प्रोजेक्ट के तहत नई सड़क पर स्थित लगभग 200 साल पुरानी लंगड़ा हाफिज मस्जिद पर प्रशासन ने लाल निशान लगा दिया है। जांच में सामने आया है कि मस्जिद का कुछ हिस्सा नजूल की जमीन पर बना है, जिसे लेकर नगर निगम अब नोटिस भेजने की तैयारी में है।

दालमंडी सड़क चौड़ीकरण के दायरे में नई सड़क स्थित लंगड़ा हाफिज मस्जिद भी आ रही है। यह मस्जिद करीब दो सौ साल पुरानी बताई जाती है। इसका प्रबंधन अंजुमन इंतेजामिया मसाजिद कमेटी के पास है। पीडब्ल्यूडी ने भवनों के चिह्नांकन में मस्जिद पर भी लाल निशान लगाया है। इसके अगले हिस्से की 20 फीट जमीन चौड़ीकरण के दायरे में है।
खास यह कि मस्जिद नजूल की जमीन पर है। राजस्व विभाग और नगर निगम के संयुक्त सत्यापन में इसकी पुष्टि हुई है। जिला प्रशासन की पहल पर नगर निगम ने इसे खाली करने का नोटिस भेजने की प्रक्रिया शुरू दी है। पीडब्ल्यूडी के रिकॉर्ड के मुताबिक सड़क चौड़ीकरण में वक्फ की आठ संपत्तियां आ रही हैं। इनमें छह मस्जिदें हैं। लगड़ा हाफिज मस्जिद भी इनमें शामिल है।
राजस्व विभाग ने दस्तावेजों की जांच में इसके नजूल की जमीन पर बने होने का खुलासा हुआ। हालांकि मस्जिद का कुछ ही हिस्सा नजूल है, लेकिन मस्जिद प्रबंधन इनकार रहा है। अब नगर निगम से भी कागजात सत्यापित कराए जा रहे हैं। राजस्व विभाग की टीम जल्द ही मौके पर जाकर सत्यापन करेगी जिसके बाद हिस्सेदारी भी स्पष्ट हो जाएगी।
मुसाफिरखाना की भी हुई रजिस्ट्री
दालमंडी सड़क चौड़ीकरण अभियान में तेजी लाने के मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद अब सुबह 9 से रात 12 बजे तक चौक थाना स्थित पीडब्ल्यूडी के कैंप ऑफिस में रजिस्ट्री शुरू हो गई है। बुधवार को दालमंडी स्थित मुसाफिरखाना की रजिस्ट्री की गई है। यह जिला प्रशासन के लिए बड़ी उपलब्धि रही। इसके लिए काफी दिन से वार्ता चल रही थी।
अब तक 48 से ज्यादा भवनों की रजिस्ट्री
वाराणसी। दालमंडी मार्ग के चौड़ीकरण के दायरे में 184 भवन आ रहे हैं। इस परियोजना पर लगभग 221 करोड़ लागत आएगी। 650 मीटर लम्बी इस सड़क को 17.4 मीटर चौड़ा किया जाना है। अब तक 48 से ज्यादा भवनों की रजिस्ट्री हो चुकी है। पीडब्ल्यूडी ने पिछले कई महीनों में अभियान चलाकर तकरीबन 40 भवन ध्वस्त कर चुका है।
पीडब्ल्यूडी (प्रांतीय खंड) के अधिशासी अभियंता केके सिंह का कहना है कि अभी रजिस्ट्री कराए गए भवनों को ध्वस्त किया जा रहा है। बता दें कि कुल चिह्नित भवनों में 21 को नगर निगम ने जर्जर और 12 मकानों को वाराणसी विकास प्राधिकरण (वीडीए) ने अवैध भी घोषित किया है। सभी जर्जर भवनों के अलावा दो अवैध भवन भी पिछले दिनों तोड़े जा चुके हैं।
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Yogesh Yadavयोगेश यादव लाइव हिन्दुस्तान में पिछले छह वर्षों से यूपी सेक्शन को देख रहे हैं। यूपी की राजनीति, क्राइम और करेंट अफेयर से जुड़ी खबरों को कवर करने की जिम्मेदारी निभा रहे हैं। यूपी की राजनीतिक खबरों के साथ क्राइम की खबरों पर खास पकड़ रखते हैं। यूपी में हो रहे विकास कार्यों, शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों में आ रहे बदलाव के साथ यहां की मूलभूत समस्याओं पर गहरी नजर रखते हैं।
पत्रकारिता में दो दशक का लंबा अनुभव रखने वाले योगेश ने डिजिटल से पहले प्रिंट में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई। लम्बे समय तक हिन्दुस्तान वाराणसी में सिटी और पूर्वांचल के नौ जिलों की अपकंट्री टीम को लीड किया है। वाराणसी से पहले चड़ीगढ़ और प्रयागराज हिन्दुस्तान को लांच कराने वाली टीम में शामिल रहे। प्रयागराज की सिटी टीम का नेतृत्व भी किया।
बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से बीकॉम में ग्रेजुएट और बनारस की ही काशी विद्यापीठ से मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएट योगेश ने कई स्पेशल प्रोजेक्ट पर काम भी किया है। राष्ट्रीय नेताओं के दौरों को कवर करते हुए उनके इंटरव्यू किये। नेताजी सुभाष चंद्र बोस की मौत से जुड़े रहस्यों पर हिन्दुस्तान के लिए सीरीज भी लिख चुके हैं।


