बाहुबली धनंजय सिंह पर हमले में विधायक अभय सिंह दोषमुक्त, एमएलसी विनीत सिंह भी बरी

Apr 15, 2026 02:12 pm ISTYogesh Yadav लाइव हिन्दुस्तान
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बाहुबली धनंजय सिंह पर वाराणसी में 24 साल पहले हुए जानलेवा हमले के मामले में विधायक अभय सिंह और एमएलसी विनीत सिंह राहत मिल गई है। अदालत ने सभी 6 आरोपियों को दोषमुक्त कर दिया है। 

बाहुबली धनंजय सिंह पर हमले में विधायक अभय सिंह दोषमुक्त, एमएलसी विनीत सिंह भी बरी

यूपी की जौनपुर सीट से पूर्व सांसद बाहुबली धनंजय सिंह पर जानलेवा हमले के मामले में विधायक अभय सिंह और एमएलसी विनीत सिंह को बड़ी राहत मिल गई है। वाराणसी की अदालत ने अभय सिंह, विनीत सिंह समेत मामले में आरोपी सभी को दोषमुक्त कर दिया है। 24 साल पहले वाराणसी में धनंजय सिंह के काफिले पर हमला हुआ था।

जौनपुर से लौटते समय 4 अक्तूबर 2002 को धनंजय सिंह पर नदेसर के टकसाल सिनेमा के सामने अंधाधुंध फायरिंग की गई थी। इसमें धनंजय, उनके गनर, चालक समेत कई लोग घायल हो गए थे। धनंजय सिंह पर अभय सिंह और उनके 4-5 साथियों पर फायरिंग का आरोप लगाया था। बाद में एमएलसी विनीत सिंह का नाम भी मामले में जुड़ गया था। विवेचना में नाम आने के बाद अभय सिंह, विनीत सिंह के साथ ही संदीप सिंह, संजय सिंह रघुवंशी, विनोद सिंह और सतेन्द्र सिंह को भी नामजद कर कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की गई थी।

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विशेष न्यायाधीश (एमपी-एमएलए) यजुवेंद्र विक्रम सिंह की अदालत में मामले की सुनवाई हो रही थी। अदालत ने साक्ष्य के अभाव में संदेह का लाभ देते हुए सभी छह आरोपियों को दोषमुक्त कर दिया। फैसले की दिन होने से धनंजय सिंह के अलावा मामले में आरोपी अभय सिंह और विनीत सिंह भी अदालत पहुंचे। अभय सिंह अयोध्या की गोसाईगंज सीट से विधायक हैं।

24 साल पहले क्या हुआ था

4 अक्टूबर 2002 को पूर्व सांसद धनंजय सिंह अपने साथियों के साथ सफारी गाड़ी में बैठकर वाराणसी से गुजर रहे थे। उस समय धनंजय जौनपुर की रारी सीट से निर्दलीय विधायक थे। जब वह कैंट थाना क्षेत्र के नदेसर में टकसाल सिनेमा के पास पहुंचे, बोलेरो सवार कुछ लोगों ने उन पर फायरिंग शुरू कर दी। हमले में धनंजय, उनके गनर, चालक समेत कई लोग घायल हो गए। घायलों को मलदहिया के सिंह मेडिकल में भर्ती कराया गया।

धनंजय सिंह की तरफ से हमले के लिए अभय सिंह और उनके 4-5 साथियों पर आरोप लगाते हुए एफआईआर दर्ज कराई गई थी। विवेचना के बाद अभय सिंह, विनीत सिंह, संदीप सिंह, संजय सिंह, विनोद सिंह और सतेंद्र सिंह बबलू के खिलाफ चार्जशीट दायर की गई थी।

कभी जिगरी दोस्त थे फिर दुश्मन और बाहुबली की पहचान

धनंजय सिंह और अभय सिंह पहले जिगरी दोस्त भी थे। लखनऊ यूनिवर्सिटी की राजनीति में दोनों सक्रिय थे। टेंडर-ठेके वगैरह को लेकर दोनों आमने-सामने आए तो राजनीति में भी एंट्री ली और बाहुबली नेताओं के रूप में पहचान हो गई। धनंजय सिंह का दावा है कि अभय सिंह से मिलने के बाद उनके हर केस में मैं भी मुल्जिम बनता गया। बाद में राजनीति में सक्रिय हुआ तो राजनीतिक कारणों से मुकदमे लदते चले गए।

उधर, अभय सिंह दावा करते हैं कि दो दशक पहले लखनऊ यूनिवर्सिटी छात्रसंघ चुनाव से पहले मेरे ऊपर सिर्फ एक मारपीट का मुकदमा दर्ज हुआ था। इसके बाद सारे मुकदमे दर्ज हुए। कई मुकदमे बिना अपराध के भी दर्ज हुए। कई में धनंजय सिंह के अपराध में मुझे भी आरोपी बनाया गया।

Yogesh Yadav

लेखक के बारे में

Yogesh Yadav

योगेश यादव लाइव हिन्दुस्तान में पिछले छह वर्षों से यूपी सेक्शन को देख रहे हैं। यूपी की राजनीति, क्राइम और करेंट अफेयर से जुड़ी खबरों को कवर करने की जिम्मेदारी निभा रहे हैं। यूपी की राजनीतिक खबरों के साथ क्राइम की खबरों पर खास पकड़ रखते हैं। यूपी में हो रहे विकास कार्यों, शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों में आ रहे बदलाव के साथ यहां की मूलभूत समस्याओं पर गहरी नजर रखते हैं।

पत्रकारिता में दो दशक का लंबा अनुभव रखने वाले योगेश ने डिजिटल से पहले प्रिंट में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई। लम्बे समय तक हिन्दुस्तान वाराणसी में सिटी और पूर्वांचल के नौ जिलों की अपकंट्री टीम को लीड किया है। वाराणसी से पहले चड़ीगढ़ और प्रयागराज हिन्दुस्तान को लांच कराने वाली टीम में शामिल रहे। प्रयागराज की सिटी टीम का नेतृत्व भी किया।

बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से बीकॉम में ग्रेजुएट और बनारस की ही काशी विद्यापीठ से मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएट योगेश ने कई स्पेशल प्रोजेक्ट पर काम भी किया है। राष्ट्रीय नेताओं के दौरों को कवर करते हुए उनके इंटरव्यू किये। नेताजी सुभाष चंद्र बोस की मौत से जुड़े रहस्यों पर हिन्दुस्तान के लिए सीरीज भी लिख चुके हैं।

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