यूपी में कारोबारी के साथ ‘धुरंधर’ जैसी साजिश! खून में मिला खतरनाक जहर, हत्या के प्रयास का केस दर्ज

Yogesh Yadav वाराणसी हिन्दुस्तान टाइम्स
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वाराणसी के एक कारोबारी के साथ फिल्म धुरंधर जैसी साजिश का मामला सामने आया है। कारोबारी को बेहद खतरनाक माना जाने वाला जहर देकर मारने की कोशिश हुई है। कोतवाली पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

यूपी में कारोबारी के साथ ‘धुरंधर’ जैसी साजिश! खून में मिला खतरनाक जहर, हत्या के प्रयास का केस दर्ज

UP News: वाराणसी के एक कारोबारी को एक दुर्लभ और अत्यधिक विषैला जहर देने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। तबीयत बिगड़ने के बाद कारोबारी को पहले दिल्ली फिर मुंबई में भर्ती कराया गया। मुंबई में ही पुलिस कमिश्नर से इसकी शिकायत के बाद वाराणसी में अब केस दर्ज किया गया है। वाराणसी की कोतवाली पुलिस ने हत्या के प्रयास का मामला दर्ज किया है। पिछले कुछ समय से चर्चा का केंद्र बनी फिल्म 'धुरंधर: द रिवेंज' में भी इसी तरह के जहर से दुश्मन को निबटाने की साजिश दिखाई गई थी।

वाराणसी के कोतवाली में कारोबारी संदीप सिंह की पत्नी खुशबू सिंह की तरफ से एफआईआर दर्ज कराई गई है। खुशबू के अनुसार पहली बार फरवरी 2025 के अंत में गुरुग्राम में कारोबारी की तबीयत खराब हुई। शुरुआती लक्षणों में बुखार, पैरों में झनझनाहट, शरीर में दर्द और उल्टी की शिकायत हुई। धीरे-धीरे गंभीर न्यूरोलॉजिकल स्थिति पैदा हो गई।

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इसके बाद कारोबारी को पहले मेदांता अस्पताल और बाद में मैक्स सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहां डॉक्टरों को 'गुइलेन-बैरे सिंड्रोम' (GBS) का संदेह हुआ। हालत बिगड़ने पर उन्हें एयरलिफ्ट कर मुंबई के पीडी हिंदुजा अस्पताल ले जाया गया, जहां टॉक्सिकोलॉजी टेस्ट में उनके खून में खतरनाक जहर थैलियम की पुष्टि हुई।

दुर्लभ जहर ने बढ़ाई चिंता

कारोबारी के खून में खतरनाक जहर की पुष्टि ने परिवार को हैरान कर दिया। डॉक्टरों ने बताया कि थैलियम एक ऐसा दुर्लभ पदार्थ है जिसे पहचानना बेहद मुश्किल है। शुरुआती चरणों में इसके लक्षण न्यूरोलॉजिकल (तंत्रिका तंत्र) विकारों जैसे लगते हैं। संदीप की पत्नी ने आरोप लगाया है कि किसी अज्ञात व्यक्ति ने जान से मारने की नीयत से उन्हें यह जहर दिया होगा।

इसके बाद संदीप सिंह के भाई अजीत सिंह ने 30 मार्च 2025 को मुंबई के माहिम थाने में 'जीरो एफआईआर' दर्ज कराई थी। वहां से पुलिस ने शिकायत यूपी पुलिस को ट्रांसफर कर दी, लेकिन करीब पांच महीने बाद केस फाइल वापस मुंबई भेज दी गई। इससे न केस दर्ज हुआ और न ही जांच शुरू हुई।

इसके बाद अजीत सिंह ने मुंबई पुलिस कमिश्नर से इसकी शिकायत की। पुलिस कमिश्नर ने यूपी पुलिस के अधिकारियों के साथ मामले को उठाया और जांच पर बात की। इसके बाद बुधवार को वाराणसी के कोतवाली में मुकदमा दर्ज किया गया।

कोतवाली थाना प्रभारी दयाशंकर सिंह ने बताया कि संदीप सिंह की पत्नी खुशबू सिंह की शिकायत पर अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ बीएनएस (BNS) की धारा 109(1) (हत्या का प्रयास) के तहत प्राथमिकी (FIR) दर्ज की गई है। पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि संदिग्ध जहर यात्रा के दौरान, अस्पताल में भर्ती होने, बिजनेस मीटिंग के दौरान दिया गया या घर के बाहर खाए गए भोजन के माध्यम से दिया गया। संदीप फिलहाल अपने लखनऊ स्थित आवास पर डॉक्टरों की देखरेख में इलाज करा रहे हैं। संदीप कारोबारी होने के साथ ही सपा से भी जुड़े हैं। वह समाजवादी पार्टी छात्र सभा के पूर्व राष्ट्रीय महासचिव रह चुके हैं।

थैलियम पर क्या बोले विशेषज्ञ

चिकित्सा जगत में थैलियम को "पॉइजनर्स पॉइजन" (जहरों का जहर) कहा जाता है क्योंकि यह रंगहीन, गंधहीन और स्वादहीन होता है। इससे खाने या पीने में मिलाए जाने पर इसका पता लगाना नामुमकिन होता है।

लखनऊ के डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान में फोरेंसिक मेडिसिन और टॉक्सिकोलॉजी विभाग की प्रमुख डॉ. ऋचा चौधरी ने बताया कि इसके लक्षण जहर की खुराक पर निर्भर करते हैं। उन्होंने कहा, "हल्की विषाक्तता में मतली और उल्टी हो सकती है, जबकि गंभीर मामलों में श्वसन तंत्र विफल होने के कारण मृत्यु भी हो सकती है।" उन्होंने बताया कि थैलियम पॉइजनिंग के तीन मुख्य संकेत हैं। चेहरे पर चकत्ते, नसों की कमजोरी (पेरिफेरल न्यूरोपैथी) और बालों का झड़ना।

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लेखक के बारे में

Yogesh Yadav

योगेश यादव लाइव हिन्दुस्तान में पिछले छह वर्षों से यूपी सेक्शन को देख रहे हैं। यूपी की राजनीति, क्राइम और करेंट अफेयर से जुड़ी खबरों को कवर करने की जिम्मेदारी निभा रहे हैं। यूपी की राजनीतिक खबरों के साथ क्राइम की खबरों पर खास पकड़ रखते हैं। यूपी में हो रहे विकास कार्यों, शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों में आ रहे बदलाव के साथ यहां की मूलभूत समस्याओं पर गहरी नजर रखते हैं।

पत्रकारिता में दो दशक का लंबा अनुभव रखने वाले योगेश ने डिजिटल से पहले प्रिंट में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई। लम्बे समय तक हिन्दुस्तान वाराणसी में सिटी और पूर्वांचल के नौ जिलों की अपकंट्री टीम को लीड किया है। वाराणसी से पहले चड़ीगढ़ और प्रयागराज हिन्दुस्तान को लांच कराने वाली टीम में शामिल रहे। प्रयागराज की सिटी टीम का नेतृत्व भी किया।

बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से बीकॉम में ग्रेजुएट और बनारस की ही काशी विद्यापीठ से मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएट योगेश ने कई स्पेशल प्रोजेक्ट पर काम भी किया है। राष्ट्रीय नेताओं के दौरों को कवर करते हुए उनके इंटरव्यू किये। नेताजी सुभाष चंद्र बोस की मौत से जुड़े रहस्यों पर हिन्दुस्तान के लिए सीरीज भी लिख चुके हैं।

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