
वंदे भारत डिरेल होने से बची, चेन के साथ लोहा फंसने से 80 मीटर तक घिसटती गई ट्रेन
वंदे भारत एक्सप्रेस रोजा यार्ड के किलोमीटर संख्या-आरएसी 1014 के पास से गुजर रही थी, तभी लोको पायलट को अचानक तेज झटके महसूस हुए। पहियों के नीचे किसी भारी वस्तु के फंसने की आवाज और घर्षण को भांपते हुए लोको पायलट ने तुरंत सूझबूझ दिखाई और इमरजेंसी ब्रेक लगाकर ट्रेन रोक दी।
उत्तर प्रदेश के बरेली में रोजा रेलवे स्टेशन के पास गोमतीनगर से सहारनपुर जाने वाली वंदे भारत एक्सप्रेस हादसे का शिकार होने से बाल-बाल बच गई। पटरियों पर पड़ी लोहे की रॉड और 10 फीट लंबी भारी-भरकम जंजीर ट्रेन के नीचे फंस गई। इसके कारण ट्रेन करीब 80 मीटर तक घिसटती चली गई। गनीमत रही कि ट्रेन यार्ड से गुजर रही थी और उसकी रफ्तार कम थी, अन्यथा डिरेल यानी पटरी से उतर भी सकती थी।
घटना मंगलवार शाम करीब छह बजे की है। कोहरे के कारण विजिबिलिटी कम थी और अंधेरा हो चुका था। जब वंदे भारत एक्सप्रेस रोजा यार्ड के किलोमीटर संख्या-आरएसी 1014 के पास से गुजर रही थी, तभी लोको पायलट को अचानक तेज झटके महसूस हुए। पहियों के नीचे किसी भारी वस्तु के फंसने की आवाज और घर्षण को भांपते हुए लोको पायलट ने तुरंत सूझबूझ दिखाई और ट्रेन रोक दी। उन्होंने तत्काल इसकी सूचना ट्रेन मैनेजर और कंट्रोल रूम को दी।
80 मीटर तक स्लीपरों पर रगड़ के निशान
ट्रेन रुकने के बाद जब रेलवे अधिकारियों और तकनीकी टीम ने जांच शुरू की तो मंजर देख सबके होश उड़ गए। ट्रेन के निचले हिस्से में 10 फीट लंबी लोहे की चेन और एक भारी रॉड फंसी हुई थी। जांच में पाया गया कि यह चेन इतनी भारी थी कि इसने पटरियों के बीच लगे कंक्रीट के स्लीपरों को भी रगड़ दिया था। करीब 80 मीटर तक घिसटने के निशान स्लीपरों पर साफ दिखाई दे रहे थे। सूचना मिलते ही स्टेशन अधीक्षक, आरपीएफ और टीआई समेत आला अधिकारी मौके पर पहुंच गए।
मिलिट्री स्पेशल ट्रेन से जुड़ा है मामला
शुरुआती जांच में यह तथ्य सामने आया है कि वंदे भारत के गुजरने से ठीक पहले उसी ट्रैक से एक 'मिलिट्री स्पेशल' ट्रेन गुजरी थी। रेलवे अधिकारियों का अनुमान है कि मिलिट्री स्पेशल के वैगनों पर सेना के ट्रकों और वाहनों को बांधने के लिए इस्तेमाल की जाने वाली लोहे की रॉड और चेन टूटकर पटरी पर गिर गई होगी। वही चेन बाद में वंदे भारत के इंजन या बोगियों के नीचे फंस गई। करीब 20 मिनट तक ट्रेन को घटनास्थल पर ही रोका गया और चेन को सुरक्षित निकालने के बाद ट्रैक को क्लियर किया गया।
मुरादाबाद मुख्यालय को भेजी गई रिपोर्ट
रोजा के स्टेशन अधीक्षक श्रीकांत सिंह ने बताया कि वंदे भारत एक्सप्रेस को कोई बड़ी तकनीकी क्षति नहीं पहुंची है, जो एक बड़ी राहत की बात है। हालांकि, इस सुरक्षा चूक को लेकर रेलवे प्रशासन बेहद गंभीर है। स्टेशन अधीक्षक समेत पांच अधिकारियों की एक संयुक्त जांच टीम ने मौका मुआयना कर अपनी विस्तृत रिपोर्ट मुरादाबाद रेल मंडल मुख्यालय को भेज दी है। रेलवे इस बात की जांच कर रहा है कि क्या यह महज एक दुर्घटना थी या मिलिट्री स्पेशल ट्रेन के लोडिंग में कोई लापरवाही बरती गई थी।

लेखक के बारे में
Yogesh Yadavयोगेश यादव हिन्दुस्तान में डिप्टी न्यूज एडिटर के पद पर हैं।
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