यूपी में इबोला वॉयरल से प्रभावित देशों से आए यात्रियों की निगरानी, 95 की लिस्ट बनी; 2 होम क्वारंटीन

संवाददाता, सल्टौआ (बस्ती)
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इबोला सर्विलांस एंड पैसेंजर मॉनिटरिंग की लाइन लिस्ट में  यूपी के बस्ती मंडल के 2 यात्रियों के नाम शामिल हैं। पूरे प्रदेश में विदेश से आने वाले कुल 95 यात्रियों की लिस्ट तैयार कराई गई है। ये वे यात्री हैं, जो किसी न किसी तरह से इबोला वॉयरस से प्रभावित देश से भारत आए हैं।

यूपी में इबोला वॉयरल से प्रभावित देशों से आए यात्रियों की निगरानी, 95 की लिस्ट बनी; 2 होम क्वारंटीन

UP News : इबोला से प्रभावित देशों से वापस भारत आए यात्रियों की यूपी में भी निगरानी की जा रही है। इबोला सर्विलांस एंड पैसेंजर मॉनिटरिंग की लाइन लिस्ट में बस्ती मंडल के दो यात्रियों का नाम शामिल है। पूरे प्रदेश में विदेश से आने वाले कुल 95 यात्रियों की सूची तैयार कराई गई है। यह वह यात्री हैं, जो किसी न किसी तरह से इबोला वॉयरस से प्रभावित देश से वापस भारत में आए हैं। मंडल के जो दो यात्री हैं, उसमें एक बस्ती और दूसरा संतकबीरनगर का है। स्वास्थ्य विभाग ने दोनों यात्रियों को होम क्वारंटाइन करा दिया है। उधर, पूर्वांचल में विशेषज्ञ उत्तर प्रदेश से लगी नेपाल सीमा पर स्थायी स्वास्थ्य जांच चौकियां बनाने का सुझाव दे रहे हैं ताकि इस ओर से आने वाले विभिन्न देशों के नागरिकों के स्वास्थ्य पर निगरानी रखी जा सके।

बस्ती जिले के सल्टौआ ब्लॉक के एक गांव का 22 वर्षीय युवक बंग्लादेश की राजधानी ढाका से हवाई यात्रा कर दिल्ली पहुंचा है। यह किसी इलेक्ट्रानिक उपकरण का व्यापार करता है। दिल्ली उतरने के साथ ही इसकी सूचना स्वास्थ्य विभाग को दे दी गई थी। संतकबीरनगर जिले के बघौली ब्लॉक का रहने वाला दूसरा यात्री यूगांडा के इंटेबी शहर से मुम्बई पहुंचा था। वहां पर एक दशक से रहकर मजदूरी का काम करता है। दोनों का नाम बस्ती की लाइन लिस्ट में शामिल है। सीएमओ बस्ती ने संतकबीरनगर के यात्री की सूचना सीएमओ संतकबीरनगर को पत्र के माध्यम से दे दी है। अफ्रीका के कुछ देशों में इन दिनों इबोला बीमारी का प्रकोप फैला हुआ है, इसे देखते हुए विश्व स्वास्थ्य संगठन की ओर से अलर्ट जारी कर दुनिया के सभी देशों के लिए हेल्थ गाइड लाइन जारी की गई है। इसके तहत इबोला प्रभावित क्षेत्र से आपके देश में कोई यात्री जाता है तो उसे आम लोगों से अलग क्वारंटाइन में रखकर उस पर नजर रखी जाएगी।

सीमा पर स्थापित हों स्थायी स्वास्थ्य जांच चौकियां

मिशन सेव इंडिया के संस्थापक और बाल रोग विशेषज्ञ डॉ.आरएन सिंह ने सरकार से भारत-नेपाल सीमा के सभी स्थलीय प्रवेश द्वारों (लैंड पोर्ट्स) पर स्थायी स्वास्थ्य जांच चौकियां स्थापित करने की मांग की है। डॉ.सिंह ने कहा कि वैश्विक स्तर पर तेजी से फैलने वाली संक्रामक और घातक वायरल बीमारियों के बढ़ते खतरे को देखते हुए भारत की सीमाओं पर स्वास्थ्य सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाया जाना समय की आवश्यकता है। डॉ. सिंह ने कहा कि सरकार ने त्वरित कार्रवाई करते हुए अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों पर यात्रियों की स्वास्थ्य जांच की व्यवस्था तो कर दी है लेकिन लैंड पोर्ट्स पर भी सतर्कता बेहद जरूरी है। भारत और नेपाल के बीच खुली सीमा होने की वजह से हर रोज हजारों लोग विभिन्न लैंड पोर्ट्स और सीमा चौकियों के जरिए आते और जाते हैं। ऐसे में यदि किसी संक्रामक बीमारी का संक्रमण सीमा पार फैलता है तो सीमा पर चौकसी के जरिए उसका अपने देश में प्रवेश रोका जा सकता है। डॉ.सिंह ने कहा कि कोविड-19 महामारी ने यह स्पष्ट कर दिया है कि किसी भी संक्रामक रोग के प्रसार को रोकने के लिए प्रारंभिक स्तर पर निगरानी और जांच व्यवस्था अत्यंत महत्वपूर्ण होती है।

Ajay Singh

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अजय कुमार सिंह पिछले आठ वर्षों से लाइव हिन्दुस्तान की यूपी टीम में पूर्वांचल के बड़े हिस्से से खबरों का कोआर्डिनेशन देख रहे हैं। वह हिन्दुस्तान ग्रुप से 2010 से जुड़े हैं। पत्रकारिता में 27 वर्षों का लंबा अनुभव रखने वाले अजय ने टीवी, प्रिंट और डिजिटल मीडिया में अपनी एक विशिष्ट पहचान बनाई है। हिन्दुस्तान से पहले वह ईटीवी, इंडिया न्यूज और दैनिक जागरण के लिए अलग-अलग भूमिकाओं में काम कर चुके हैं। अजय राजनीति, क्राइम, सेहत, शिक्षा और पर्यावरण से जुड़ी खबरों को गहराई से कवर करते हैं। बैचलर ऑफ जर्नलिज्म और मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएट अजय फिलहाल लाइव हिन्दुस्तान में असिस्टेंट एडिटर हैं और उत्तर प्रदेश की राजनीति और क्राइम की खबरों पर विशेष फोकस रखते हैं।

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