
मेडिकल कॉलेज में बैड टच के बाद छात्रा को ही निकालने पर बवाल, सुपरिटेंडेंट पर गंभीर आरोप
यूपी में उन्नाव के मेडिकल कॉलेज में छात्रा के बैड टच का आरोप सुपरिटेंडेंट पर लगाया तो उसे ही कॉलेज से निकाल दिया गया। इसकी जानकारी मिलते ही छात्रों का गुस्सा फूट पड़ा। छह थानों की पुलिस ने पहुंच कर किसी तरह मामला संभाला।
यूपी के उन्नाव में सरस्वती मेडिकल कॉलेज के मेडिकल सुपरिटेंडेंट पर एएनएम सेकेंड ईयर की छात्रा ने बैड टच का आरोप लगाया। शिकायत के बाद छात्रा को ही धमकाया गया और कॉलेज से बाहर निकाले जाने के बाद छात्रों का गुस्सा फूट पड़ा है। छात्र-छात्राओं ने कॉलेज में जमकर बवाल काटा। नारेबाजी, धक्का-मुक्की, झड़प और अफरा-तफरी के बीच हालात इतने बिगड़े कि छह थानों की फोर्स बुलानी पड़ी। पीड़ित पक्ष, मेडिकल सुपरिटेंडेंट की ओर से एक-दूसरे के खिलाफ तहरीरें दी गईं। मामला शांत कराने के लिए विशाखा कमेटी गठित कर दी गई।
अजगैन थाना क्षेत्र के एक गांव की 17 वर्षीय किशोरी सोहरामऊ स्थित सरस्वती मेडिकल कॉलेज में एएनएम सेकेंड ईयर की छात्रा है। छात्रा के मुताबिक, 17 नवंबर को वह कॉलेज परिसर स्थित हॉस्पिटल में ट्रेनिंग कर रही थी, तभी मेडिकल सुपरिटेंडेंट ने उसे गलत ढंग से छुआ। विरोध पर छात्रा को कथित तौर पर भविष्य खराब करने की धमकी भी दी गई। पीड़ित छात्रा ने मामले की शिकायत लिखित और मौखिक रूप से प्रिंसिपल से की, जिसके बाद शिकायत कॉलेज प्रशासन तक पहुंच गई। शनिवार सुबह साढ़े 11 बजे छात्रा को कॉलेज चेयरमैन के कमरे में बुलाकर जवाब-तलब किया गया।
चेयरमैन ने मेडिकल सुपरिटेंडेंट का पक्ष लेते हुए उससे कहा कि दो कौड़ी की डिग्री के लिए कॉलेज को बदनाम कर रही हो। इतना ही नहीं, छात्रा और उसकी दो सहेलियों को कॉलेज से बाहर निकाल दिया गया। जैसे ही यह बात कैंपस में फैली, छात्र-छात्राओं का गुस्सा फूट पड़ा। सभी नारेबाजी करते हुए धरने पर बैठ गए और आरोपित एमएस को निलंबित करने व माफी मांगने की मांग उठाई। हालात बिगड़ते देख सोहरामऊ थाना प्रभारी संदीप शुक्ला फोर्स के साथ पहुंच गए।
इस दौरान माहौल इतना गर्म हो गया कि छात्र-छात्राओं ने मेडिकल सुपरिटेंडेंट की ओर दौड़ लगा दी। पुलिस ने किसी तरह उन्हें सुरक्षित किया। इसी अफरातफरी के बीच पीड़िता के चाचा को थाना प्रभारी ने खदेड़कर पकड़ लिया। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। हालांकि, हिन्दुस्तान इस वायरल वीडियो की पुष्टि नहीं करता है। इसके बाद माहौल और खराब हो गया। स्थिति नियंत्रण से बाहर जाती देख हसनगंज, अजगैन, पुरवा, असोहा व दही थानों की फोर्स भी मौके पर बुलानी पड़ी।
पीड़ित छात्रा की ओर से मेडिकल सुपरिटेंडेंट के खिलाफ और छात्रा के चाचा की ओर से थाना प्रभारी व सिपाहियों के खिलाफ शिकायत दी गई है। वहीं, मेडिकल सुपरिटेंडेंट ने छात्र-छात्राओं के खिलाफ तहरीर दी है। मामला शांत करने के लिए कॉलेज प्रशासन ने जांच को विशाखा कमेटी का गठन किया, जिसके बाद छात्र-छात्राओं ने धरना समाप्त किया।

लेखक के बारे में
Yogesh Yadavयोगेश यादव हिन्दुस्तान में डिप्टी न्यूज एडिटर के पद पर हैं।
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