
सात साल में साइकिल से सुपर कार, यूट्यूबर अनुराग ने कम समय में कैसे तय किया ऐसा सफर
यूट्यूबर अनुराग द्विवेदी के घर ईडी की छापेमारी के बाद लोग यह जानने को उत्सुक हैं कि आखिर एक साधारण लड़का इतनी कम उम्र में इतनी जल्दी 'धन कुबेर' कैसे बन गया। इन सात सालों में अनुराग तीन बार मीडिया और सोशल मीडिया की सुर्खियां भी बना।
उत्तर प्रदेश के एक छोटे से कस्बे से निकलकर दुबई के आलीशान विला तक का सफर तय करने वाले यूट्यूबर अनुराग द्विवेदी की कहानी आज चर्चा के केंद्र में है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) की छापेमारी और करोड़ों की पांच लग्जरी कारों की जब्ती के बाद लोग यह जानने को उत्सुक हैं कि आखिर एक साधारण लड़का इतनी कम उम्र में इतनी जल्दी 'धन कुबेर' कैसे बन गया। इन सात सालों में अनुराग तीन बार मीडिया और सोशल मीडिया की सुर्खियां भी बना।
लखनऊ-कानपुर के बीच स्थित उन्नाव के ग्राम पंचायत भीतरेपार के मजरे खजूर से ताल्लुक का अनुराग द्विवेदी कभी साधारण ग्रामीण जीवन जीता था। सात साल पहले 2017-18 में गांव में रहते हुए क्रिकेट सट्टेबाजी में लाखों गंवाने के बाद पिता की फटकार मिली तो दोस्त संजीत कुमार के साथ दिल्ली चला गया। यहीं से उसकी किस्मत का पासा पलटा। 'फेंटेसी क्रिकेट' की दुनिया में कदम रखते ही उसके गैरेज में लैंबोर्गिनी, मर्सिडीज और बीएमडब्ल्यू जैसी सुपरकारें खड़ी हो गईं। इस 'अर्श से फर्श' तक के सफर ने न केवल युवाओं को आकर्षित किया, बल्कि जांच एजेंसियों के कान भी खड़े कर दिए कि आखिर एक यूट्यूबर के पास इतनी संपत्ति इतने कम समय में कैसे आ गई। पहले जानते हैं अनुराग आखिर करता क्या है।
फेंटेसी टीम प्रेडिक्शन (FantasyTeam Prediction)
अनुराग का सबसे बड़ा आधार उसका यूट्यूब चैनल और टेलीग्राम ग्रुप था। वह क्रिकेट मैचों से पहले वीडियो बनाता था और यह दावा करता था कि कौन सा खिलाड़ी चलेगा और कौन सा नहीं। वह अपनी 'प्राइम टीमें' साझा करता था। लाखों लोग उसके बताए अनुसार पैसा लगाते थे, जिससे उसकी लोकप्रियता और पहुंच (Reach) बहुत बढ़ गई। उसकी कमाई का एक बहुत बड़ा हिस्सा 'रेफरल' से आता था। जब कोई यूजर उसके दिए गए लिंक से कोई फेंटेसी ऐप डाउनलोड करता था तो अनुराग को उसका मोटा कमीशन मिलता था। जितने ज्यादा लोग उसके लिंक से जुड़ते थे, कंपनी उसे उतने ही रुपये कमीशन के तौर पर देती थी।
'पेड प्राइम' ग्रुप्स और कोर्सेज
दावा किया जाता है कि वह टेलीग्राम पर 'प्राइम ग्रुप्स' भी चलाता था। जहाँ जुड़ने के लिए लोगों से मोटी फीस ली जाती थी। इसमें वह 'गारंटीड जीत' वाली टीमें देने का वादा करता था। इस तरह के सब्सक्रिप्शन मॉडल से उसने कम समय में बहुत ज्यादा पैसा इकट्ठा किया। यूट्यूब पर करोड़ों सब्सक्राइबर्स होने के कारण उसे बड़ी-बड़ी फेंटेसी गेमिंग कंपनियों से विज्ञापन (Sponsorships) मिलते थे। एक-एक वीडियो के लिए वह लाखों रुपये चार्ज करता था।
ED को क्या शक
ईडी (ED) को शक है कि यह सब तो सिर्फ 'ऊपरी कमाई' है। एजेंसी मुख्य रूप से दो बिंदुओं की जांच कर रही है। पता किया जा रहा है कि क्या उसने विदेशी हवाला ऑपरेटरों के जरिए पैसा दुबई भेजा और वहां संपत्तियां खरीदीं? ईडी का मानना है कि फेंटेसी क्रिकेट की आड़ में ब्लैक मनी को व्हाइट किया जा रहा था। इसके अलावा यह पता लगाने की कोशिश हो रही है कि क्या अनुराग पर्दे के पीछे से अवैध क्रिकेट सट्टेबाजी (Betting) के बड़े रैकेट से जुड़ा था?
एक साल में तीसरी बार चर्चा में आया
अनुराग पिछले एक साल में तीसरी बार ईडी की छापेमारी के कारण चर्चा में आया है। इससे पहले क्रूज पर शादी और अंडरवर्ल्ड डॉन लॉरेंस बिश्नोई की धमकी के कारण चर्चा में आया था। दिसंबर 2024 में अनुराग को लेकर विवादों ने जोर पकड़ा था। दावा हुआ कि लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़ा रोहित गोदारा फोन कर एक करोड़ की रंगदारी और जान से मारने की धमकी दे रहा है। अनुराग ने सोशल मीडिया पर सुरक्षा की गुहार लगाई, फिर पोस्ट हटा ली। इससे चर्चाएं और तेज हो गईं।
इसके बाद पिछले ही महीने यानी नवंबर में दुबई के होटल और क्रूज पर भव्य शादी ने फिर सुर्खियां बटोरीं। भारत से भी करीब 100 रिश्तेदारों को हवाई जहाज से वहां बुलाने और खर्च करने की बात सामने आई। इस शादी की भव्यता ऐसी थी कि इसकी चर्चा सोशल मीडिया से लेकर न्यूज़ चैनल्स तक हुई। करोड़ों रुपये के खर्च के साथ आयोजित इस समारोह में फेंटेसी गेमिंग जगत की बड़ी हस्तियां शामिल हुई थीं। जानकारों का मानना है कि इसी आलीशान शादी ने ईडी को अनुराग की आय के स्रोतों की जांच करने पर मजबूर किया।
अब ईडी की छापेमारी से चर्चा
अनुराग तीसरी बार अब ईडी की छापेमारी के कारण सुर्खियों में है। वह खुद को फेंटेसी क्रिकेट एक्सपर्ट बताता है और टेलीग्राम व यूट्यूब पर टीमें प्रेडिक्ट करने का दावा करता है। ईडी को अंदेशा है कि यह केवल एक मुखौटा है। जांच एजेंसी का दावा है कि अनुराग हवाला ऑपरेटरों, फर्जी बैंक खातों और बिचौलियों के जरिए अवैध भुगतान प्राप्त कर रहे थे। क्रिकेट सट्टेबाजी और विदेशी संपत्तियों में निवेश के आरोपों ने उनकी साख पर सवालिया निशान लगा दिया है।
बुधवार को ईडी की कोलकाता टीम ने लखनऊ पुलिस के सहयोग से उनके आवास पर छापा मारा। इस दौरान 5 करोड़ की लैंबोर्गिनी सहित कुल पांच लग्जरी गाड़ियां जब्त की हैं। जांच में यह भी सामने आया है कि अनुराग ने दुबई में करोड़ों की अचल संपत्ति खरीदी है और वहीं शिफ्ट हो गए थे। अब ईडी यह खंगाल रही है कि क्या यह सारा पैसा वाकई 'गेमिंग स्किल' से आया है या इसके पीछे कोई अंतरराष्ट्रीय मनी लॉन्ड्रिंग का बड़ा सिंडिकेट काम कर रहा है।

लेखक के बारे में
Yogesh Yadavयोगेश यादव हिन्दुस्तान में डिप्टी न्यूज एडिटर के पद पर हैं।
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