
किर्गिस्तान में फंसे यूपी के युवक को एजेंट ने फिर ठगा,अलमाटी एयरपोर्ट पर पकड़ा गया फर्जी टिकट
किर्गिस्तान में फंसे कुशीनगर के युवक को एजेंटों ने फिर झांसा दे दिया है। शिवा को अलमाटी एयरपोर्ट पर सुरक्षा कर्मियों ने रोक लिया है। दरअसल, गोरखपुर के सिंघड़िया और किर्गिस्तान में मौजूद एजेंटों ने उसे फर्जी हवाई टिकट भेज दिया था
किर्गिस्तान में फंसे कुशीनगर के युवक शिवा को एजेंटों ने फिर झांसा दे दिया है। शिवा को अलमाटी एयरपोर्ट पर सुरक्षा कर्मियों ने रोक लिया है। गोरखपुर के सिंघड़िया और किर्गिस्तान में मौजूद एजेंटों ने उसे फर्जी हवाई टिकट भेज दिया था। एयरपोर्ट से दूतावास के अधिकारियों ने टिकट फर्जी होने की जानकारी दी तो उसे अवगत करा दिया गया। अधिकारियों के बुलाने के बाद भी एजेंट एयरपोर्ट नहीं पहुंचा। युवक अभी वहीं फंसा हुआ है।
परिवार की माली हालत सुधारने के लिए बीते 14 दिसंबर को हाटा कोतवाली क्षेत्र स्थित बरडीहा पिपरैचा निवासी शिवा सिंह विदेश गया था। तीन दिन पहले उसने किर्गिस्तान से एक वीडियो वायरल कर बताया कि वह वहां फंस गया है। गोरखपुर के सिंघड़िया स्थित एक विदेश भेजने वाली संस्था के एजेंट ने उसके साथ धोखा किया है। उसने अपना पासपोर्ट रशिया में फूड पैकिंग के काम के लिए लगवाया था। संस्था ने कजाकिस्तान का वीजा देकर किर्गिस्तान में एजेंट को बेच दिया। रशिया के नाम पर उसके साथ फ्रॉड किया गया। इसके लिए उससे तीन लाख रुपये भी लिए गए l अपनी जमीन गिरवी रखकर एवं रिश्तेदार से पैसा लेकर उसने दिए थे। शिवा ने डीएम व एसपी को भी ई-मेल भेजकर मदद की गुहार लगाई थी। डीएम महेन्द्र सिंह तंवर ने उसके वतन वापसी के लिए गृहमंत्रालय से लिखापढ़ी भी शुरू कर दी।
हिंदी अखबार हिन्दुस्तान ने शनिवार को किर्गिस्तान में फंसा कुशीनगर का युवक, वतन वापसी की गुहार शीर्षक से खबर प्रकाशित की। गोरखपुर से एजेंट ने खुद शिवा से संपर्क किया। शिवा के पिता रामाज्ञा सिंह ने हिन्दुस्तान को बताया कि एजेंट ने शिवा को वापसी की टिकट भेजकर शनिवार की रात डेढ़ बजे अलमाटी एयरपोर्ट से मुंबई के विमान पर सवार होने को कहा। शिवा उसकी बात पर भरोसा कर एयरपोर्ट पहुंचा तो उसे बताया गया कि उसका टिकट फर्जी है। अधिकारियों को उसने पूरी बता बताई।
एजेंट से बात कराई तो उसने टिकट कैंसिल करा दिया। एजेंट ने वहां पहुंचने की बात कही मगर रविवार की शाम तक नहीं पहुंचा। गोरखपुर के एजेंट ने अपना मोबाइल बंद कर लिया है। रामाज्ञा सिंह ने पूरे घटनाक्रम पर निराशा जताते हुए कहा कि गोरखपुर की संस्था के एजेंट व उससे जुड़े किर्गिस्तान के एजेंट ने मिलकर बेटे को दूसरी बार फंसा दिया है। उन्होंने भारत सरकार, स्थानीय प्रशासन व जनप्रतिनिधियों से बेटे की मदद कर वतन वापसी की गुहार लगाई है।

लेखक के बारे में
Pawan Kumar Sharmaपवन कुमार शर्मा पिछले चार वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान से जुड़े हैं। डिजिटल मीडिया में काम करते हुए वह उत्तर प्रदेश की राजनीति, क्राइम, सरकारी योजनाओं और टूरिज्म से जुड़े मुद्दों पर नियमित रूप से लिखते हैं। इससे पहले पवन एबीपी न्यूज के साथ बतौर फ्रीलांसर काम कर चुके हैं। पवन ने नई दिल्ली स्थित भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) से रेडियो एवं टेलीविजन पत्रकारिता की पढ़ाई की है। इससे पहले क्राइस्ट चर्च कॉलेज, कानपुर से राजनीति विज्ञान में पोस्ट ग्रेजुएशन किया। ग्राउंड रिपोर्टिंग और अकादमिक समझ के साथ पवन तथ्यात्मक, संतुलित और पाठक-केंद्रित समाचार लेखन करते हैं।
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