काशी में पौधरोपण का विश्व रिकॉर्ड बनाने के बाद यूपी को हरित प्रदेश बनाने में जुटी योगी सरकार, यह तैयारी
वाराणसी में चीन का 8 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़कर एक घंटे में 2.51 लाख पौधे लगाने के बाद योगी सरकार अब 2026 में 35 करोड़ पौधरोपण के लक्ष्य पर काम कर रही है। पिछले 9 वर्षों में 242 करोड़ पौधे लगाकर यूपी का वन का क्षेत्रफल 559.19 वर्ग किमी बढ़ाया गया है।

UP NEWS: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजनरी नेतृत्व में उत्तर प्रदेश अब केवल औद्योगिक और ढांचागत विकास में ही नहीं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में भी दुनिया का नेतृत्व कर रहा है। 'उत्तम प्रदेश' से 'हरित प्रदेश' बनने की राह पर अग्रसर उत्तर प्रदेश ने रविवार को वाराणसी के सुजाबाद डोमरी में एक नया इतिहास रच दिया। काशीवासियों ने सामूहिक भागीदारी का परिचय देते हुए मात्र एक घंटे में 2,51,446 पौधों का रोपण कर चीन के आठ साल पुराने विश्व रिकॉर्ड को जमींदोज कर दिया। इस उपलब्धि के बाद योगी सरकार अब वर्ष 2026 के लिए और भी बड़े हरित लक्ष्यों के साथ मिशन मोड में जुट गई है।
चीन का रिकॉर्ड ध्वस्त, काशी ने रचा इतिहास
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रेरणा और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कुशल मार्गदर्शन में वाराणसी के सुजाबाद डोमरी के 350 बीघा क्षेत्र में एक विशाल 'शहरी वन' (Urban Forest) विकसित किया गया है। रविवार को आयोजित 'वृहद पौधरोपण कार्यक्रम' में गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स के आधिकारिक जज ऋषिनाथ ने नगर निगम और प्रशासन को विश्व रिकॉर्ड का प्रमाणपत्र सौंपा। इससे पहले यह रिकॉर्ड चीन की हेनान प्रांतीय समिति के पास था, जिन्होंने 10 मार्च 2018 को एक घंटे में 1,53,981 पौधे लगाए थे। काशी ने इस संख्या को करीब एक लाख के अंतर से पीछे छोड़ते हुए विश्व पटल पर भारत का मान बढ़ाया है।
9 वर्षों का सफर: 242 करोड़ पौधों का सुरक्षा कवच
वर्ष 2017 में सत्ता संभालने के बाद से ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश की हरियाली को अपनी व्यक्तिगत प्राथमिकता बनाया है। पिछले 9 वर्षों के दौरान प्रदेश में 242 करोड़ से अधिक पौधों का रोपण किया जा चुका है। 'भारतीय वन स्थिति रिपोर्ट-2023' के आधिकारिक आंकड़े गवाही देते हैं कि इन निरंतर प्रयासों के कारण उत्तर प्रदेश का वनाच्छादन (Forest Cover) 559.19 वर्ग किमी तक बढ़ गया है। 9 जुलाई 2024 को तो सरकार ने एक ही दिन में 37.21 करोड़ पौधे लगाकर अपनी प्रशासनिक क्षमता का लोहा मनवाया था।
वर्ष 2026 की रणनीति और भारी-भरकम बजट
विश्व रिकॉर्ड बनाने के बाद योगी सरकार ने अपने अभियान को और गति देने का निर्णय लिया है। वर्ष 2026 के वर्षाकाल के लिए 35 करोड़ पौधरोपण का लक्ष्य प्रस्तावित किया गया है। इसके लिए हालिया बजट में वित्तीय प्रावधानों की झड़ी लगा दी गई है। सामाजिक वानिकी योजना के लिए 800 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है। नर्सरी और पौधों के रखरखाव के लिए 220 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। प्रतिकारात्मक वन रोपण के लिए राज्य स्तर पर 189 करोड़ रुपये प्रस्तावित हैं।
'ग्रीन चौपाल' बना जन-आंदोलन का आधार
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का लक्ष्य वर्ष 2030 तक प्रदेश के कुल हरित आवरण को 15 प्रतिशत तक पहुंचाना है। इस लक्ष्य की प्राप्ति के लिए वन विभाग ने 'ग्रीन चौपाल' जैसा नवाचार शुरू किया है। अब तक 15,000 से अधिक गांवों में ग्राम प्रधानों की अध्यक्षता में चौपालों का गठन किया जा चुका है। यहाँ न केवल पौधे लगाए जाते हैं, बल्कि उनके संरक्षण की शपथ भी दिलाई जाती है। 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान के तहत भी लाखों परिवारों को जोड़कर पर्यावरण संरक्षण को एक भावुक और सामाजिक जिम्मेदारी बनाया गया है।
लेखक के बारे में
Yogesh Yadavयोगेश यादव हिन्दुस्तान में डिप्टी न्यूज एडिटर के पद पर हैं।
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