
UP Weather: यूपी में 26 से 28 के बीच बदलेगा मौसम, हो सकती है बारिश; बढ़ेगी सर्दी
पूर्वी हवाओं के गति पकड़ने से उत्तर पश्चिमी हवाएं रुक गई हैं। इस कारण बर्फ से ढके पहाड़ों से सर्द हवा नहीं आ पा रही है। ऐसे में रात के तापमान में वृद्धि होने लगी है। धुंध और कोहरे के कारण दिन का पारा नरम पड़ा है। गुरुवार के मुकाबले शुक्रवार को पारा 28.4 से 27.9 डिग्री सेल्सियस हो गया।
UP Weather Update: बंगाल की खाड़ी में उथल पुथल से चल रहीं उत्तर पूर्वी हवाओं ने रात का तापमान बढ़ा दिया है। शुक्रवार को कानपुर में 13 दिन बाद तापमान 11.2 डिग्री पहुंच गया। प्रदेश में इटावा के समान यह सबसे कम पारा है। 26 से 28 के बीच प्रदेश के कुछ जिलों में बारिश की संभावनाएं बन रही हैं। इसके बाद सर्दी बढ़ेगी। बंगाल की खाड़ी में शनिवार को निम्न दबाव का क्षेत्र बन रहा है। यह 48 से 72 घंटों में कम दबाव के क्षेत्र में बदल जाएगा। इसके बाद फिर 26 को ऐसी ही स्थितियां बनेंगी। बंगाल की खाड़ी में चल रही इस उथल पुथल से देश के दक्षिणी हिस्से में बारिश हो रही है। लेकिन अगले सप्ताह इससे उत्तर प्रदेश समेत अन्य राज्य प्रभावित हो सकते हैं।
पूर्वी हवाओं के गति पकड़ने से उत्तर पश्चिमी हवाएं रुक गई हैं। इस कारण बर्फ से ढके पहाड़ों से सर्द हवा नहीं आ पा रही है। ऐसे में रात के तापमान में वृद्धि होने लगी है। लेकिन धुंध और कोहरे के कारण दिन का पारा नरम पड़ा है। गुरुवार के मुकाबले शुक्रवार को पारा 28.4 से 27.9 डिग्री सेल्सियस हो गया। अभी भी न्यूनतम और अधिकतम सामान्य से कम चल रहा है। नमी का अधिकतम प्रतिशत 95 तक पहुंच गया है। न्यूनतम नमी 49 फीसदी पर आ गई है। यह नमी इतनी ज्यादा है कि इससे धुंध व कोहरा बढ़ सकता है। इससे दिन के तापमान में कमी आ सकती है। चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय (सीएसए) के मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार फिलहाल तापमान बढ़ेंगे। इसमें किसी तरह के खास बदलाव की संभावना कम है।
इस साल में अब तक का सबसे प्रदूषित दिन रहा शुक्रवार
उधर, दिन के तापमान में गिरावट और हवा की रफ्तार पूरी तरह शांत होते ही शुक्रवार को मेरठ में प्रदूषण नए रिकॉर्ड पर पहुंच गया। 2025 के 325 दिनों में शुक्रवार इस साल का सबसे प्रदूषित दिन दर्ज हुआ। 2019 से 2025 तक के सात वर्षों में शुक्रवार मेरठ का आठवां सबसे प्रदूषित दिन रहा। देश और प्रदेश में मेरठ दूसरा सर्वाधिक प्रदूषित शहर दर्ज हुआ। देशभर के तीन सर्वाधिक प्रदूषित शहरों में तीनों ही मेरठ मंडल के जिले रहे। इसमें 422 एक्यूआई से गाजियाबाद देश का सर्वाधिक प्रदूषित और 411 एक्यूआई से मेरठ दूसरे पायदान पर रहा। एक्यूआई 406 से हापुड़ तीसरा सर्वाधिक प्रदूषित शहर रहा। उक्त एक्यूआई के साथ ही मेरठ में हवा की गुणवत्ता बेहद गंभीर श्रेणी में पहुंच गई है।
धुंध से हल्की पड़ी धूप
शुक्रवार को अत्यधिक प्रदूषण से धूप धुधंली पड़ गई। आसमान में दिनभर धुंध की चादर तनी रही। गंगा नगर केंद्र पर पीएम-10 का स्तर अधिकतम 500 के स्तर पर रहा जबकि पीएम-2.5 यहां रिकॉर्ड नहीं हुआ। जयभीम नगर और पल्लवपुरम में पीएम-2.5 एवं पीएम-10 के स्तर क्रमश: 479, 468 और 481, 500 दर्ज हुए। शाम चार बजे मेरठ के गंगा नगर में रियल टाइम एक्यूआई 404, जयभीम नगर में 402 एवं पल्लवपुरम में 426 दर्ज हुआ।





