
UP Weather: यूपी में तेज हुई ठंड, हवा की रफ्तार बढ़ी तो सताएगी शीतलहर; जानें मौसम की भविष्यवाणी
मौसम विभाग ने 26 और 27 नवंबर को पश्चिमी और पूर्वी उत्तर प्रदेश में मौसम शुष्क रहने और सुबह के समय कहीं-कहीं छिछला से मध्यम कोहरा छाने की संभावना जताई है। लखनऊ और आसपास सुबह के समय कोहरा और बाद में धुंध रहने की संभावना है। यदि हवा की गति बढ़ी तो शीतलहर फिर लौटेगी।
UP Weather Update: यूपी में पश्चिमी हवाएं चलने से फिर सर्दी रफ्तार पकड़ने लगी है। बर्फ की चादर से लिपटे पहाड़ों से गुजर कर आ रही हल्की हवाएं भी सर्दी का अहसास करा रही हैं। मौसम विभाग के अनुसार अगर हवा की गति बढ़ी तो शीतलहर फिर लौटेगी। इस बीच मौसम विभाग ने 26 और 27 नवंबर को पश्चिमी और पूर्वी उत्तर प्रदेश में मौसम शुष्क रहने और सुबह के समय कहीं-कहीं छिछला से मध्यम कोहरा छाने की संभावना जताई है। लखनऊ और आसपास के इलाकों में सुबह के समय कोहरा और बाद में धुंध रहने की संभावना है। अधिकतम और न्यूनतम तापमान क्रमश: 27 और 12 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहेगा।
कानपुर में पांच दिनों के बाद सोमवार को न्यूनतम पारा फिर 09.0 डिग्री पहुंच गया। 18 नवंबर को न्यूनतम पारा 09.2 डिग्री सेल्सियस था। इसके बाद से पारा 10 डिग्री या अधिक बना रहा। छठे दिन तापमान में फिर कमी आ गई। सोमवार को पारा 09.0 डिग्री पर पहुंच गया जो सामान्य से 03.4 डिग्री कम है। 24 घंटों में 01.2 डिग्री पारा कम हो गया।26 नवंबर के बाद मौसम में बदलाव के आसार हैं।
धुंध की वजह से स्पेशल बनीं 18 ट्रेनें घंटों लेट
कोहरे और धुंध का आगाज होते ही 18 ट्रेनें स्पेशल स्पेशल ट्रेनें एक तरह से स्पेशल बन चुकी है। सोमवार को कानपुर या गोविंदपुरी से गुजरी यह स्पेशल ट्रेनें घंटों लेट आकर गई। 287 यात्रियों ने टिकट लौटाए तो 26 को दूसरी ट्रेनों में सफर की छूट दी गई। एनसीआर के सीपीआरओ शशिकांत त्रिपाठी ने बताया कि कोहरे से कुछ ट्रेनों का संचालन रद्द करने का निर्णय लिया गया है।
हवा की सेहत और बिगड़ी
बदलते मौसम के साथ हवा की सेहत लगातार बिगड़ती जा रही है। धूल-धुएं के कण तो बढ़ ही रहे बल्कि दमघोंटू गैसें भी बढ़ती जा रही हैं। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के अनुसार सोमवार को कानपुर में एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) 161 से 186 पर पहुंच गया। नेहरू नगर सेंटर पर सुबह छह बजे एक्यूआई 263 पहुंच गया जो ऑरेंज जोन में आता है। प्रदेश के कई अन्य जिलों में भी वायु प्रदूषण बढ़ने की स्थिति है।
कानपुर में अनेक स्थानों पर हो रही खुदाई और इस दौरान हो रही मानकों की अनदेखी से धूल-धुआं के बारीक कण बढ़ते जा रहे हैं। पीएम 2.5 के कणों की अधिकतम संख्या 359 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर रही। इसकी संख्या मानक के अनुरूप 60 माइक्रोन प्रति घन मीटर होनी चाहिए। इनकी संख्या मानक से छह गुना अधिक है।
लोगों को सांस लेने में दिक्कत हुई
पीएम 10 के कणों की संख्या भी मानक से ढाई गुना अधिक है। सोमवार को 246 माइक्रोन प्रति घन मीटर रही। नाइट्रोजन डाइऑक्साइड की मात्रा 49 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर सल्फर डाइऑक्साइड की मात्रा 18 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर, कार्बन मोनोऑक्साइड की मात्रा 74 पीपीबी रही। सांस लेने में दिक्कतें हुईं।





