UP Weather: यूपी में समय से पहले सबसे आ रहे ठंडे दिन, नवंबर में ही चलेगी दिसंबर वाली शीतलहरी
यूपी में इस बार समय से पहले ही ठंडे दिन आ रहे हैं। दिसंबर वाली ठंड नवंबर में ही आने के संकेत मौसम विभाग ने दिए हैं। आम तौर पर शीतलहर दिसंबर से जनवरी के बीच चलती है। इसी दौरान सीजन के सबसे ठंडे दिन आते हैं। दिन और रात का पारा तेजी से गिरता है

यूपी में इस बार समय से पहले ही ठंडे दिन आ रहे हैं। दिसंबर वाली ठंड नवंबर में ही आने के संकेत मौसम विभाग ने दिए हैं। आम तौर पर शीतलहर दिसंबर से जनवरी के बीच चलती है। इसी दौरान सीजन के सबसे ठंडे दिन आते हैं। दिन और रात का पारा तेजी से गिरता है। बीते वर्षों में यहां अधिक सर्दी के दौरान दिन का तापमान 10 डिग्री और रात का पारा माइनस 1 डिग्री तक जा चुका है। ऐसे में ओस जम जाती है। दिन का तापमान 16 डिग्री या उससे कम होने पर कोल्ड-डे-कंडीशन हो जाती है। 2024 में यह सबसे ज्यादा थी। करीब 24 दिन सबसे ठंडे रहे थे। साथ ही 14 दिन कोल्ड-डे-कंडीशन वाले रहे थे। आम तौर पर यह दिन चार से पांच ही रहते हैं। इस साल भी नवंबर में शीलतहर के अलर्ट से सबसे ठंडे दिन जल्द आने के आसार हैं। ऐसा होने पर अनाज और सब्जियों की फसलें भी प्रभावित होंगी। कुछ को नुकसान तो कुछ को फायदा भी हो सकता है।
मौसम विभाग ने शनिवार से शीतलहर चलने का अलर्ट जारी किया था। अलर्ट अभी तक बना हुआ है। लेकिन तापमान में अधिक गिरावट नहीं देखी गई। अधिकतम तापमान 27.1 डिग्री सेल्सियस रहा और न्यूनतम तापमान सामान्य से 4.0 डिग्री कम होकर 11.4 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। जबकि यह 10 डिग्री से नीचे आना था। आर्द्रता का अधिकतम प्रतिशत 93 रहा है।
वहीं, आरबीएस कालेज बिचपुरी प्रभारी कृषि विज्ञान केंद्र के डा. आरएस चौहान इस बार पिछले साल की तरह अच्छी और लंबी सर्दी के आसार हैं। आलू जैसी फसलों को बचाकर रखने की जरूरत है। इसी तरह अधिक पानी वाली फसलों या सब्जियों को नुकसान हो सकता है। गेंहू और सरसों के लिए सीजन बहुत फायदेमंद साबित होगा।
ठंडे पानी से नहाना खतरनाक
तापमान स्थिर है लेकिन गलन का स्तर बहुत बढ़ गया है। विशेषकर सुबह और देर रात भारी गलन महसूस हो रही है। ऐसे में सुबह ठंडे पानी से नहाना खतरनाक हो सकता है। गुनगुने पानी से ही नहाएं। तड़के टहलना बंद करें। शरीर को पूरा ढंकने वाले कपड़े पहनें। कोल्ड ड्रिंक, आइसक्रीम, फ्रीज में रखा पानी और ठंडी चीजें खाना बंद करें। सर्दी रहने तक गुनगुना पानी पीना अच्छा रहेगा।
इन फसलों को फायदा
1. गेंहू:- आदर्श तापमान 10 से 20 डिग्री सेल्सियस। टिलरिंग अच्छी होने से फूल और दाना तेजी से बनेगा, बड़ा होगा।
2. सरसों:- आदर्श तापमान 8 से 15 डिग्री सेल्सियस। फूल नहीं झड़ेंगे, जल्दी सर्दी आने से पौधे मजबूती से बड़े होंगे।
3. चना:- आदर्श तापमान 10- से 25 डिग्री सेल्सियस। इस तापमान में अच्छी बढ़वार होगी, पाला नुकसान दायक है।
4. मटर:- आदर्श तापमान 8 से 20 डिग्री सेल्सियस। जल्दी आने वाली हल्की सर्दी में फली मजबूती से विकसित होगी।
5. हरी सब्जियां:- आदर्श तापमान 8 से 18 डिग्री सेल्सियस। गोभी, गाजर, पालक, लहसुन-प्याज को होगा फायदा।
इन्हें नुकसान का खतरा
1. आलू:- आदर्श तापमान 15 से 20 डिग्री सेल्सियस। अधिक सर्दी, पाले से पत्तियां जल सकती हैं। रंग खराब होता है।
2. टमाटर:- 4.0 डिग्री सेल्सियस से नीचे जाने पर फूल और कच्ची फलियां झड़ जाती हैं, पौधा काला पड़ सकता है।
3. लौकी:- 15 डिग्री सेल्सियस से कम तापमान पर पत्तियां पीली पड़ जाती हैं, बढ़वार रुक जाती है, फूल झड़ जाते हैं।
4. बैंगन:- यह भी 15 डिग्री सेल्सियस तक सुरक्षित रहता है। इससे कम पर फूल कम लगना, फल छोटे रह जाते हैं।
5. मिर्च:- करीब 20 डिग्री सेल्सियस के नीचे पत्तियां सिकुड़ जाती हैं, नई कोपलें बनना बंद, फफूंद रोग लग जाता है।

लेखक के बारे में
Yogesh Yadavयोगेश यादव हिन्दुस्तान में डिप्टी न्यूज एडिटर के पद पर हैं।
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