एक प्रतिशत कमीशन पर व्यापारी ने बेचा खाता, 6 महीने में करोड़ों का लेन-देन मिला
एक प्रतिशत कमीशन पर वाराणसी के व्यापारी ने अपना बैंक का खाता बेच दिया। साइबर क्राइम के जरिए इस खाते में 6 महीनों में करोड़ों का लेन-देन मिला है। पुलिस मामले में केस दर्ज कर जांच कर रही है।
यूपी के वाराणसी में साइबर ठगी के लिए अपनी फर्म का चालू खाता बेचने के आरोप में चौक पुलिस ने सुड़िया के कारोबारी विपुल अग्रवाल के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। विपुल से पूछताछ में सामने आए चार अन्य को भी नामजद किया गया है। विपुल ने एक फीसदी कमीशन पर अपना खाता बेचा था। जांच में 16 राज्यों से ठगी के 1.88 करोड़ रुपयों के लेन-देन की बात सामने आई है। इंस्पेक्टर चौक दिलीप मिश्रा और साइबर सेल प्रभोरी मनोज तिवारी ने बताया कि लखनऊ स्थित मुख्यालय से 'येलो-16 म्यूल अकाउंट' के तहत कारोबारी के बंधन बैंक में फर्म के चालू खाता की जानकारी ली गई।
टीम ने कारोबारी के लक्सा क्षेत्र सूरजकुंड स्थित प्रतिष्ठान पर पहुंचकर पूछताछ की। विपुल ने स्वीकार किया कि मोबाइल के माध्यम से उसकी पहचान ईशान ठाकुर नामक व्यक्ति से हुई। बाद में वह ब्रजेश, राजवीर और रोहित ठाकुर के संपर्क में आया। आरोपियों ने खुद को ट्रेडिंग कंपनी का संचालक बताते हुए उसके खाते का उपयोग करने के बदले एक प्रतिशत कमीशन देने की बात कही। विपुल की लक्सा में प्लास्टिक डमी की दुकान है। कपड़ों के शोरूम या दुकानों पर इस डमी का इस्तेमाल कपड़ों को दशनि के लिए किया जाता है।
विपुल ने अपनी इस कंपनी का चालू खाता बेच दिया। इस खाते में साइबर ठगी की रकम ट्रांसफर की जाती थी। हालांकि विपुल का कहना है कि उसे इसकी जानकारी नहीं थी। उसे बताया गया था कि ये खाता ट्रेडिंग कंपनी की रकम ट्रांसफर करवाने के लिए इस्तेमाल किया जाएगा। मामले में पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। पुलिस आरोपियों की तलाश कर रही है। पुलिस का कहना है कि विपुल को पहले भी नोटिस भेजा गया था लेकिन उसने इसके बाद भी अपने खाते के इस्तेमाल पर रोक नहीं लगाई। इस कारण उसके खिलाफ अब केस दर्ज किया गया है।
छह माह में लेनदेन का ब्योरा निकाला
बैंक स्टेटमेंट की जांच में सामने आया कि इस साल 5 जनवरी से 8 मई के बीच इस खाते से करोड़ों रुपयों के लेनदेन हुए। राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर जांच में पता चला कि इस खाते के खिलाफ कई राज्यों में साइबर धोखाधड़ी की 16 शिकायतें दर्ज हैं। 15 मामलों में पीड़ितों से ठगी गई रकम सबसे पहले इसी खाते में ट्रांसफर कराई गई थी। इसी कारण पुलिस पहले ही विपुल को नोटिस भी भेज चुकी थी। इसके बावजूद उसने स्थानीय पुलिस से शिकायत नहीं की, न ही अपने खाते का दुरुपयोग करने से रोका।
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Srishti Kunjसृष्टि कुंज एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें मीडिया इंडस्ट्री में एक दशक से अधिक का अनुभव है। वर्तमान में वह लाइव हिन्दुस्तान में कार्यरत हैं। उन्होंने पंजाब केसरी ग्रुप के नवोदय टाइम्स और इंडिया न्यूज जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों के साथ काम किया है, जहां उन्होंने नेशनल और दिल्ली डेस्क के लिए कंटेंट क्रिएशन और मल्टीमीडिया स्टोरीटेलिंग में अपनी स्किल्स को निखारा है। सृष्टि कुंज लाइव हिन्दुस्तान में लगभग 6 वर्षों से यूपी की टीम संग काम कर रही हैं। 2020 से वह हिन्दुस्तान डिजिटल के लिए उत्तर प्रदेश की राजनीति, क्राइम, स्वास्थ्य, शिक्षा और अन्य बीटों से जुड़ीं खबरें लिखती हैं। सृष्टि ने अपनी स्कूलिंग के बाद एनिमेशन की पढ़ाई की और फिर बतौर एनिमेटर एक विदेशी गेम के लिए कैरेक्टर डिजाइनिंग की। इसके बाद सृष्टि ने मॉस कम्यूनिकेशन और जर्नलिजम में स्नातक की डिग्री हासिल की। एक दशक से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय सृष्टि ने जर्नलिज्म एंड मास कॉम में डिग्री लेकर पंजाब केसरी ग्रुप के दिल्ली संस्करण नवोदय टाइम्स की डिजिटल टीम के साथ अपने करियर की शुरुआत की थी। 3 साल नवोदय टाइम्स से जुड़े रहने के बाद सृष्टि ने इंडिया न्यूज की डिजिटल टीम (इनखबर) की नेशनल डेस्क के साथ भी काम किया। 2020 से सृष्टि लाइव हिन्दुस्तान की डिजिटल टीम के साथ अब ट्रेंड्स के अनुसार पाठकों तक यूपी की हर खबर को पहुंचा रही हैं।
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