यूपी आपदा प्रबंधन पर खर्च होंगे 410 करोड़, फसलों के नुकसान पर किसानों को तुरंत मुआवजा: मुख्य सचिव
यूपी आपदा प्रबंधन पर 410 करोड़ खर्च होंगे। फसलों के नुकसान पर किसानों को तुरंत मुआवजा दिया जाएगा। मुख्य सचिव ने बैठक में आपदा प्रबंधन संबंधित 31 परियोजनाओं को मंजूरी दी।

UP News: यूपी में आने वाली आपदाओं से निपटने के लिए 410 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है। इससे प्राकृतिक आपदाओं से निपटने की तैयारी की जाएगी और बेमौसम बारिश से फसलों के नुकसान पर किसानों को तुरंत मुआवजा दिया जाएगा। मुख्य सचिव एसपी गोयल की अध्यक्षता में शुक्रवार को हुई उत्तर प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की राज्य कार्यकारिणी समिति की महत्वपूर्ण बैठक में यह फैसला हुआ।
मुख्य सचिव एसपी गोयल ने बैठक में आपदा प्रबंधन संबंधित 31 परियोजनाओं को मंजूरी दी। उन्होंने कहा कि राज्य में आपदा प्रबंधन की व्यवस्थाएं और बेहतर की जाएं। आपदा से बचाव संबंधी योजनाओं को समय से पूरी की जाएं। असमय आने वाली प्राकृतिक आपदाओं के प्रति पूरी तैयारी रखी जाए, ताकि आम जनमानस को किसी भी प्रकार की कठिनाई का सामना न करना पड़े। साथ ही, बेमौसम बारिश के कारण फसल क्षति से प्रभावित किसानों को शीघ्र मुआवजा उपलब्ध कराने के भी निर्देश दिए।
बाढ़ प्रभावित 44 जिलों की तहसीलों में बराइज्ड मोटर बोट की खरीद के लिए 40 करोड़
मुख्य सचिव एसपी गोयल ने बताया कि स्वीकृत परियोजनाओं में मानव-वन्यजीव द्वंद्व को कम करने के लिए 34.75 करोड़ रुपये, अयोध्या में बाढ़ शरणालय के निर्माण 19.31 लाख तथा वाराणसी के घाटों पर फ्लोटिंग बैरियर निर्माण पर 5.28 करोड़ रुपये खर्च होंगे। बाढ़ प्रभावित 44 जिलों की तहसीलों में रबराइज्ड मोटर बोट की खरीद पर 40 करोड़, ग्राम स्तर पर आपदा प्रबंधन योजनाएं तैयार करने पर 43.45 करोड़, बाल तरणवीर कार्यक्रम पर 7.5 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
आपदा परिस्थितियों में बचाव कार्यों के लिए प्रशिक्षित करने के लिए 8.23 करोड़
इसके अलावा नगर निगम कार्मिकों के प्रशिक्षण देने पर 5.18 करोड़, नागरिक सुरक्षा विभाग के स्वयंसेवकों के प्रशिक्षण पर 14.62 करोड़ तथा होमगार्ड्स को आपदा परिस्थितियों में बचाव कार्यों के लिए प्रशिक्षित करने पर 8.23 करोड़ रुपये खर्च होंगे। बैठक में प्रमुख सचिव राजस्व अपर्णा यू ने एक-एक परियोजनाओं का प्रस्ताव रखा।
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लेखक के बारे में
Deep Pandeyदीप नरायन पांडेय लाइव हिन्दुस्तान में पिछले आठ सालों से यूपी की खबरें करते हैं। डिजिटल, टीवी और प्रिंट जर्नलिज्म में 15 साल से अधिक का अनुभव रखने वाले दीप नरायन पांडेय वरिष्ठ पत्रकार हैं। दीप अब डिजिटल मीडिया के जाने माने नाम बन गए हैं। दीप हिंदी भाषा की डिजिटल पत्रकारिता के नए आयामों को बेहतर समझते हैं। यूपी की राजनीति के साथ क्राइम की खबरों पर अच्छी पकड़ है। सामाजिक, इंफ्रास्ट्रक्चर, पर्यटन, शिक्षा और हेल्थ पर भी लिखते हैं। दीप पाठकों की पसंद को समझने और उसी तरह से न्पूज प्रस्तुत करने में माहिर हैं। दीप सरल भाषा में खबरों को पाठकों तक पहुंचाते हैं। खबर लिखने के अलावा साहित्य पढ़ने-लिखने में भी रुचि रखते हैं। मास कम्युनिकेशन में बीए और एमए दीप नरायन पांडेय मूल रूप से उत्तर प्रदेश के गोंडा के रहने वाले हैं। दीप ने पत्रकारिता की शुरुवात लखनऊ से की। टीवी चैनल से करियर का आगाज करने वाले दीप इसके बाद प्रिंट अमर उजाला लखनऊ में भी रहे। हिन्दुस्तान प्रिंट में वाराणसी, गोरखपुर, फिर लखनऊ में कार्य के दौरान विभिन्न जिलों के डेस्क इंचार्ज रहे हैं। यूपी विधानसभा चुनाव 2012, 2017, 2022, लोकसभा चुनाव, पंचायत चुनावों के दौरान बेहतर कवरेज कर चुके हैं।
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