Hindi NewsUP NewsUP tiger Reserve Ecotourism Jungle Safari for 2025 2026 to begin from 1 November
यूपी के टाइगर रिजर्व्स में 1 नवंबर से शुरू होंगे इकोटूरिज्म और जंगल सफारी, ये सुविधाएं

यूपी के टाइगर रिजर्व्स में 1 नवंबर से शुरू होंगे इकोटूरिज्म और जंगल सफारी, ये सुविधाएं

संक्षेप:

उत्तर प्रदेश के बाघ अभयारण्यों और वन्यजीव अभयारण्यों में वर्ष 2025-26 के लिए इकोटूरिज्म और जंगल सफारी इस साल समय से पहले ही शुरू हो रही है। 15 दिनों पहले ही इसकी शुरुआत करने की घोषणा कर दी गई है। सत्र 15 नवंबर को नहीं बल्कि अब 1 नवंबर से शुरू होगा

Oct 25, 2025 09:36 am ISTSrishti Kunj पीलीभीत
share Share
Follow Us on

उत्तर प्रदेश के बाघ अभयारण्यों और वन्यजीव अभयारण्यों में वर्ष 2025-26 के लिए इकोटूरिज्म और जंगल सफारी इस साल समय से पहले ही शुरू हो रही है। 15 दिनों पहले ही इसकी शुरुआत करने की घोषणा कर दी गई है। सत्र 15 नवंबर को नहीं बल्कि अब 1 नवंबर से शुरू होगा। उत्तर प्रदेश की प्रमुख मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव) अनुराधा वेमुरी ने इस बारे में जानकारी देते हुए कहा कि इस निर्णय का उद्देश्य पर्यटन के लिए अधिक दिन उपलब्ध कराना है। इससे सत्र के दिनों की संख्या बढ़ाकर पर्यटकों की आमद के दबाव को कुछ हद तक कम कर सकती है।

प्यार से लेकर प्रमोशन तक 2026 का पूरा हाल जानें ✨अभी पढ़ें

राज्य में इकोटूरिज्म के प्रमुख स्रोतों, विशेष रूप से वन क्षेत्रों में ठहरने की सुविधाओं के प्रबंधन का दायित्व संभालने वाली उत्तर प्रदेश वन निगम (यूपीएफसी) ने भी घोषणा की है कि आगामी जंगल पर्यटन सत्र के दौरान पर्यटक झोपड़ियों और कॉटेज के किराए में कोई वृद्धि नहीं की जाएगी। इसको लेकर उन्होंने सहमति व्यक्त की है। यूपीएफसी के प्रबंध निदेशक, ए.के. सिंह ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि आगामी इकोटूरिज्म सत्र के दौरान पर्यटकों की बढ़ती संख्या के कारण पर्यटक सुविधाओं के शुल्क स्थिर मिलेंगे।

ये भी पढ़ें:लड़कियों को जाल में फंसा कर देह व्यापार कराने वाले गिरोह पर ऐक्शन, 3 पर गैंगस्टर

दुधवा टाइगर रिजर्व के फील्ड डायरेक्टर एच. राजामोहन और पीलीभीत टाइगर रिजर्व के प्रभागीय वनाधिकारी, मनीष सिंह ने कहा कि चालू वर्ष के मानसून ने भारी बाढ़ और जलप्रलय की विकट स्थिति पैदा कर दी थी, जिससे पीटीआर और दुधवा टाइगर रिजर्व (डीटीआर) के मुख्य वन क्षेत्रों में भारी जलभराव की स्थिति पैदा हो गई थी, जिसमें इसके तीन अभिन्न अंग - दुधवा राष्ट्रीय उद्यान, किशनपुर वन्यजीव अभयारण्य और कतर्नियाघाट वन्यजीव अभयारण्य - शामिल हैं। सफारी मार्गों पर मिट्टी की सड़कों की मरम्मत और नवीनीकरण का काम एक पखवाड़े पहले ही सफारी वाहनों की सुचारू आवाजाही के लिए उन्हें चालू करना काफी चुनौतीपूर्ण था। हालांकि ये कर दिया गया है और अब पर्यटकों के लिए खोला जाएगा।

Srishti Kunj

लेखक के बारे में

Srishti Kunj

सृष्टि कुंज लाइव हिन्दुस्तान में लगभग 6 वर्षों से यूपी की टीम संग काम कर रही हैं। एक दशक से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय सृष्टि ने जर्नलिज्म एंड मास कॉम में डिग्री लेकर पंजाब केसरी ग्रुप की डिजिटल टीम के साथ अपने करियर की शुरुआत की थी। सृष्टि ने इंडिया न्यूज के साथ भी लंबे समय तक काम किया। 2020 से वह उत्तर प्रदेश की राजनीति, क्राइम, स्वास्थ्य, शिक्षा और अन्य बीटों से जुड़ीं खबरें लिखती हैं।

और पढ़ें
लेटेस्ट Hindi News, बॉलीवुड न्यूज , बिजनेस न्यूज , क्रिकेट न्यूज पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करे| पाएं Lucknow news , Prayagraj News , Varanasi News , Gorakhpur News , Kanpur News , Aligarh News से जुड़ी ताजा खबरें हिंदी में |