टीजीटी परीक्षा: प्रयागराज से ठेकेदार चला रहा था साल्वर गिरोह का नेटवर्क, कई के बैंक खाते फ्रीज
TGT exam: यूपी टीजीटी परीक्षा में गिरफ्तार साल्वरों को प्रयागराज में बैठा ठेकेदार (सरगना) ऋषिकेश आपरेट कर रहा था। तफ्तीश में बैंक खातों से लाखों रुपये के लेन-देन की पुष्टि हुई है। इसके बाद बैंक खाते फ्रीज कर दिए गए हैं।

यूपी टीजीटी परीक्षा में लखनऊ से गिरफ्तार साल्वरों को प्रयागराज में बैठा ठेकेदार (सरगना) ऋषिकेश आपरेट कर रहा था। वह सुल्तानपुर के दोषपुर का रहने वाला है। साल्वर प्रवक्ता राजेश प्रताप सिंह और अन्य के पकड़े जाने के बाद से मोबाइल बंद कर फरार है। पुलिस की तफ्तीश में दोनों के बीच बैंक खातों से लाखों रुपये के लेन-देन की पुष्टि हुई है। इसके बाद दोनों के बैंक खाते फ्रीज कर दिए गए हैं।
प्रवक्ता राजेश प्रताप सिंह मूल रूप से जौनपुर जनपद के मीरगंज इलाके बरनियांव गांव का रहने वाला है। वह प्रतापगढ़ के कुंडा में टीपी इंटर कॉलेज में हिंदी का प्रवक्ता था। पुलिस की पूछताछ में गिरोह के नेटवर्क के संबंध में कई अहम राज उगले हैं। प्रवक्ता राजेश को जेल भेजने के बाद उससे मिली जानकारी के आधार पर अब अपनी तफ्तीश आगे बढ़ा रही है। टीमें अब सरगना ऋषिकेश की तलाश में दबिश दे रही हैं। हुसैनगंज पुलिस महानगर से गिरफ्तार साल्वर मनतेश सिंह निवासी आजमगढ़ ग्राम शमसाबाद अहरौला, अमीनाबाद से पकड़े गए राम मनुज निवासी आंबेडकर नगर के बसखारी आजमपुर अरुसा और नाका से पकड़े गए रंग बहादुर निवासी प्रयागराज के ममरेज सराय कटेहरी के आपस में कनेक्शन की जांच की जा रही है।
डीआईओएस और शिक्षा विभाग को लिखा पत्र :
थानाप्रभारी हुसैनगंज ने बताया कि राजेश के संबंध में मौखिक जानकारी प्रतापगढ़ डीआईओएस कार्यालय को दे दी गई थी। अब डीआईओएस कार्यालय और शिक्षा विभाग को पत्र भेजकर उसकी करतूतों की जानकारी दी जा रही है। जिससे उसके खिलाफ वहां विभागीय कार्रवाई हो सके। साल्वर राजेश को जेल भेज दिया गया है।
सात लाख रुपये के लेन-देन के साक्ष्य मिले :
थानाप्रभारी शिवमंगल सिंह ने बताया कि सरगना ऋषिकेश ने अभ्यर्थी विजय प्रताप सिंह से 15 लाख रुपये में सौदा तय कराया था। सात लाख रुपये राजेश के खाते में ऋषिकेश ने ट्रांसफर किए थे। ऋषिकेश ने लिए थे। तीन लाख रुपये राजेश को और मिलना था। यह राशि उसे परीक्षा परीणाम आने के बाद मिलनी थी।
अन्य साल्वरों से भी उसके कलेनक्शन खंगाले जा रहे
हजरतगंज एसीपी विकास जायसवाल ने बताया कि गिरोह के सरगना ऋषिकेश और प्रवक्ता के बैंक खाते फ्रीज करा दिए गए हैं। ऋषिकेश मोबाइल बंद कर फरार है। गिरफ्तारी के लिए तीन टीमें गठित की गई हैं। इसके अलावा अन्य साल्वरों से भी उसके कलेनक्शन खंगाले जा रहे हैं।
लेखक के बारे में
Deep Pandeyदीप नरायन पांडेय लाइव हिन्दुस्तान में पिछले आठ सालों से यूपी की खबरें करते हैं। डिजिटल, टीवी और प्रिंट जर्नलिज्म में 15 साल से अधिक का अनुभव रखने वाले दीप नरायन पांडेय वरिष्ठ पत्रकार हैं। दीप अब डिजिटल मीडिया के जाने माने नाम बन गए हैं। दीप हिंदी भाषा की डिजिटल पत्रकारिता के नए आयामों को बेहतर समझते हैं। यूपी की राजनीति के साथ क्राइम की खबरों पर अच्छी पकड़ है। सामाजिक, इंफ्रास्ट्रक्चर, पर्यटन, शिक्षा और हेल्थ पर भी लिखते हैं। दीप पाठकों की पसंद को समझने और उसी तरह से न्पूज प्रस्तुत करने में माहिर हैं। दीप सरल भाषा में खबरों को पाठकों तक पहुंचाते हैं। खबर लिखने के अलावा साहित्य पढ़ने-लिखने में भी रुचि रखते हैं। मास कम्युनिकेशन में बीए और एमए दीप नरायन पांडेय मूल रूप से उत्तर प्रदेश के गोंडा के रहने वाले हैं। दीप ने पत्रकारिता की शुरुवात लखनऊ से की। टीवी चैनल से करियर का आगाज करने वाले दीप इसके बाद प्रिंट अमर उजाला लखनऊ में भी रहे। हिन्दुस्तान प्रिंट में वाराणसी, गोरखपुर, फिर लखनऊ में कार्य के दौरान विभिन्न जिलों के डेस्क इंचार्ज रहे हैं। यूपी विधानसभा चुनाव 2012, 2017, 2022, लोकसभा चुनाव, पंचायत चुनावों के दौरान बेहतर कवरेज कर चुके हैं।
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