SIR में खड़ी हुआ नई समस्या, पिता 2003 से पहले नहीं रहे अब बच्चे कैसे बनें वोटर
यूपी में गहन मतदाता पुनरीक्षण कार्य (एसआईआर) भले ही एक माह बढ़ गया हो लेकिन तकनीकी दिक्कतों की वजह से युवा या नवविवाहिता वोटर नहीं बन पा रही हैं। प्रमाण होने के बाद भी लोगों को भटकना पड़ रहा है।

यूपी में गहन मतदाता पुनरीक्षण कार्य (एसआईआर) भले ही एक माह बढ़ गया हो लेकिन तकनीकी दिक्कतों की वजह से युवा या नवविवाहिता वोटर नहीं बन पा रही हैं। प्रमाण होने के बाद भी लोगों को भटकना पड़ रहा है। किसी के पिता का 2003 से पहले ही निधन हो गया तो किसी के पिता का सरकारी नौकरी की वजह से वोट ही नहीं बन पाया। ऐसे में इनकी मैपिंग न होने की वजह से बच्चे वोटर बनने के लिए परेशान हैं। भाजपा उत्तर, दक्षिण और ग्रामीण क्षेत्र में ऐसी 412 शिकायतें आई हैं।
हेल्प डेस्क से हल कराएंगे समस्या
भाजपा दक्षिण जिला के मीडिया प्रभारी मनीष त्रिपाठी ने इस बारे में जानकारी देते हुए कहा कि विभागीय खामी, मैपिंग न हो पाने से युवा और नवविवाहिता वोटर नहीं बन पा रहे हैं। जिन क्षेत्रों में सबसे अधिक वोटर कटे हैं, वहां अधिक समस्याएं हैं। जिला प्रशासन के जिम्मेदारों से बात करके इन तकनीकी और व्यावहारिक दिक्कतों को दूर करा समस्या हल कराएंगे। कार्रवाई के बाद वोटरों के नाम जोड़े जाएंगे।
सुशील से सुशीला हो गए, अब शिफ्टिंग के लाले
स्वर्ण जयंती विहार, कैंट निवासी सुशील कुमार ने बताया कि शाहजहांपुर प्रवास के दौरान बीएलओ की गलती से उनका नाम सुशील हो गया। फार्म नंबर-8 भरने में दिक्कत हो रही है। शाहजहांपुर के बीएलओ कह रहे हैं कि सुधार करने में तीन महीने लगेंगे।
न्यू आजाद नगर, बरी रोड निवासी लियोनेल एलबर्ट बेलेटी ने बताया कि आधार, पैन कार्ड, आय प्रमाण पत्र, राशन कार्ड होने के बावजूद भी मतदाता सूची में नाम दर्ज नहीं हो पा रहा है। उनके माता-पिता का निधन वर्ष 2003 से पहले हो चुका है।
कोयलानगर निवासी मंजू लता की शादी पिछले साल गौरव सिंह से हुई थी। पिता रामबाबू सरकारी कर्मी थे। तबादले की वजह से उनका और मां का वोट नहीं बन पाया। दोनों की मौत वर्ष 2002 में हो चुकी है। अब मतदाता बनने में परेशानी है।
रेलवे कालोनी फेथफुलगंज निवासी रामजनम त्रिपाठी 73 साल के बुजुर्ग हैं। हाईस्कूल प्रमाण पत्र, बिजली का बिल, पेंशन प्रमाणपत्र, आधार कार्ड, बैंक पासबुक देने के बाद भी पिता की मैपिंग न हो पाने से नाम मतदाता सूची में दर्ज नहीं हो पा रहा है।
छावनी विधानसभा क्षेत्र के गंगापुर निवासी 20 वर्षीय अनुभव तिवारी ने बताया कि आधार कार्ड, हाईस्कूल प्रमाण पत्र, पैन कार्ड और पिता के पेंशन प्रमाणपत्र का दस्तावेज देने के बावजूद पिता की मैपिंग नहीं हो पाई। इस वजह से नाम दर्ज नहीं हुआ है।
लेखक के बारे में
Srishti Kunjसृष्टि कुंज एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें मीडिया इंडस्ट्री में एक दशक से अधिक का अनुभव है। वर्तमान में वह लाइव हिन्दुस्तान में कार्यरत हैं। उन्होंने पंजाब केसरी ग्रुप के नवोदय टाइम्स और इंडिया न्यूज जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों के साथ काम किया है, जहां उन्होंने नेशनल और दिल्ली डेस्क के लिए कंटेंट क्रिएशन और मल्टीमीडिया स्टोरीटेलिंग में अपनी स्किल्स को निखारा है। सृष्टि कुंज लाइव हिन्दुस्तान में लगभग 6 वर्षों से यूपी की टीम संग काम कर रही हैं। 2020 से वह हिन्दुस्तान डिजिटल के लिए उत्तर प्रदेश की राजनीति, क्राइम, स्वास्थ्य, शिक्षा और अन्य बीटों से जुड़ीं खबरें लिखती हैं। सृष्टि ने अपनी स्कूलिंग के बाद एनिमेशन की पढ़ाई की और फिर बतौर एनिमेटर एक विदेशी गेम के लिए कैरेक्टर डिजाइनिंग की। इसके बाद सृष्टि ने मॉस कम्यूनिकेशन और जर्नलिजम में स्नातक की डिग्री हासिल की। एक दशक से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय सृष्टि ने जर्नलिज्म एंड मास कॉम में डिग्री लेकर पंजाब केसरी ग्रुप के दिल्ली संस्करण नवोदय टाइम्स की डिजिटल टीम के साथ अपने करियर की शुरुआत की थी। 3 साल नवोदय टाइम्स से जुड़े रहने के बाद सृष्टि ने इंडिया न्यूज की डिजिटल टीम (इनखबर) की नेशनल डेस्क के साथ भी काम किया। 2020 से सृष्टि लाइव हिन्दुस्तान की डिजिटल टीम के साथ अब ट्रेंड्स के अनुसार पाठकों तक यूपी की हर खबर को पहुंचा रही हैं।
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