UP SIR: नोटिस पाए दो करोड़ से ज्यादा वोटरों को दौड़-धूप से राहत, आयोग ने की नई व्यवस्था

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उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची के पुनरीक्षण यानी SIR के नोटिस का सामना कर रहे दो करोड़ से अधिक मतदाताओं को बड़ी राहत दी गई है। चुनाव आयोग ने सत्यापन की प्रक्रिया को सरल बनाते हुए वोटरों को दौड़-धूप से राहत दी है।

UP SIR: नोटिस पाए दो करोड़ से ज्यादा वोटरों को दौड़-धूप से राहत, आयोग ने की नई व्यवस्था

यूपी चल रहे मतदाताओं के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की प्रक्रिया में नोटिस पाने वाले दो करोड़ से ज्यादा वोटरों को बड़ी राहत मिल गई है। अब उन्हें इसके जवाब या दस्तावेजों को लेकर कहीं जाना नहीं होगा। चुनाव आयोग ने अब व्यवस्था दी है कि तार्किक विसंगति वाले 2.22 करोड़ मतदाताओं की घर पर ही बीएलओ सुनवाई कर मामले का निस्तारण कर देंगे। नोटिस पाने वाले मतदाताओं के परिवार के सदस्य जिसमें बेटा-बेटी, पति-पत्नी, माता-पिता, भाई बहन, दादी-बाबा, चाचा व भतीजे इत्यादि भी नोटिस से संबंधित दस्तावेज दे सकेंगे। फिर विसंगति दूर कर दी जाएगी।

कौन हैं तार्किक विसंगति वाले वोटर

सीईओ नवदीप रिणवा ने बताया कि क्योंकि तार्किक विसंगति वाले मतदाताओं के नाम वर्ष 2003 की मतदाता सूची में हैं, ऐसे में इनका मिलान तो हो ही चुका है। सिर्फ विसंगति दूर की जानी है। जो नाम, पिता के नाम, माता-पिता व बाबा-दादी की उम्र से कम अंतर के कारण हैं, उससे संबंधित दस्तावेज लेगा। वर्ष 2003 की मतदाता सूची का पेज, रिश्ते या उम्र से संबंधित साक्ष्य का दस्तावेज, आधार कार्ड व बीएलओ की अंडरटेकिंग जरूरी होगी।

सुनवाई की फोटो खींच कर बीएलओ एप पर अपलोड किया जाएगा। घर-घर सुनवाई होने का ही नतीजा है कि अब प्रतिदिन औसतन 12 लाख से 14 लाख तक लोगों की सुनवाई हो रही है। सुनवाई के लिए कुल 13161 ईआरओ व एईआरओ को लगाया गया है। अब 4635 केंद्रों पर सुनवाई हो रही है।

2.22 करोड़ तार्किक विसंगति व 1.04 करोड़ नो मैपिंग वाले यानी कुल 3.26 करोड़ मतदाताओं को नोटिस भेजी जानी है। अभी तक 3.25 करोड़ लोगों को नोटिस जारी की गई है और उसमें से 1.15 करोड़ वोटरों की सुनवाई हो चुकी है। मतदाताओं को सुनवाई के लिए दूरदराज न दौड़ना पड़े इसलिए अधिकारियों को लोगों के घर के आसपास के क्षेत्र में सुनवाई के लिए जाने के आदेश दिए गए हैं। वहीं औरैया ने अभी तक 90 प्रतिशत लोगों की नोटिस पर सुनवाई कर ली है। वह सबसे आगे चल रहा है।

चार दिनों में 45 लाख नोटिसों पर सुनवाई

जिन मतदाताओं को नोटिस जारी की गई है, अब उनकी सुनवाई में तेजी लाई गई है। बीते तीन दिनों में ही 35 लाख नोटिसों पर सुनवाई की गई। 5 फरवरी तक 30 लाख, 14 फरवरी तक 69.17 लाख और 18 फरवरी तक 1.15 करोड़ मतदाताओं की नोटिस पर सुनवाई हुई है।

वर्ष 2003 की सूची से मिलान होने पर आधार मान्य

ऐसे लोग जिन्होंने मतदाता बनने को फॉर्म-6 भरा है। अगर वर्ष 2003 की मतदाता सूची से उनके माता-पिता, दादी-बाबा व नाना-नानी के नाम से मिलान हो गया है तो उनके लिए आधार कार्ड मान्य है। अगर ऐसा नहीं है तो उसे जन्म प्रमाण पत्र, पासपोर्ट, अंकतालिका सहित 13 दस्तावेजों में से कोई एक दस्तावेज देना होगा।

Yogesh Yadav

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योगेश यादव लाइव हिन्दुस्तान में पिछले छह वर्षों से यूपी सेक्शन को देख रहे हैं। यूपी की राजनीति, क्राइम और करेंट अफेयर से जुड़ी खबरों को कवर करने की जिम्मेदारी निभा रहे हैं। यूपी की राजनीतिक खबरों के साथ क्राइम की खबरों पर खास पकड़ रखते हैं। यूपी में हो रहे विकास कार्यों, शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों में आ रहे बदलाव के साथ यहां की मूलभूत समस्याओं पर गहरी नजर रखते हैं।

पत्रकारिता में दो दशक का लंबा अनुभव रखने वाले योगेश ने डिजिटल से पहले प्रिंट में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई। लम्बे समय तक हिन्दुस्तान वाराणसी में सिटी और पूर्वांचल के नौ जिलों की अपकंट्री टीम को लीड किया है। वाराणसी से पहले चड़ीगढ़ और प्रयागराज हिन्दुस्तान को लांच कराने वाली टीम में शामिल रहे। प्रयागराज की सिटी टीम का नेतृत्व भी किया।

बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से बीकॉम में ग्रेजुएट और बनारस की ही काशी विद्यापीठ से मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएट योगेश ने कई स्पेशल प्रोजेक्ट पर काम भी किया है। राष्ट्रीय नेताओं के दौरों को कवर करते हुए उनके इंटरव्यू किये। नेताजी सुभाष चंद्र बोस की मौत से जुड़े रहस्यों पर हिन्दुस्तान के लिए सीरीज भी लिख चुके हैं।

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