
UP SIR में लगे लेखपाल के बाद एक BLO ने भी जान दी, बोला-SDM-BDO का था दबाव; VIDEO वायरल
यूपी एसआईआर में लगे एक और बीएलओ ने जहर खाकर जान दे दी। वायरल वीडियो में बीएलओ एसडीएम, बीडीओ और लेखपाल के दबाव में जहर खाने की बात कहता देखा जा रहा है। इससे पहले फतेहपुर में SIR में लगाए गए लेखपाल ने अपनी शादी से एक दिन पहले फांसी लगाकर जान दे दी थी।
यूपी में मतदाता विशेष पुनरीक्षण अभियान यानी SIR में लगाए गए फतेहपुर के लेखपाल सुसाइड के बाद अब गोंडा जिले में एक बीएलओ की जहर खाने से मौत हो गई। मंगलवार शाम लखनऊ में इलाज के दौरान बीएलओ की मौत हो गई। घटना को लेकर वायरल वीडियो में बीएलओ एसडीएम, बीडीओ और लेखपाल पर दबाव डालने की बात कह रहा था। हालांकि लाइव हिन्दुस्तान किसी वायरल वीडियो की पुष्टि नहीं करता है। बीएलओ की मौत पर डीएम प्रियंका निरंजन ने गहरा दुख जताया है। उन्होंने पूरे मामले की जांच के आदेश दिए हैं। डीएम ने मामले की जांच का जिम्मेदारी सीआरओ को दी है। इससे पहले फतेहपुर में SIR में लगाए गए लेखपाल ने अपनी शादी से एक दिन पहले फांसी लगाकर जान दे दी थी।
जौनपुर जनपद के थाना सरायख्याजा निवासी विपिन यादव पुत्र सुरेश चन्द्र यादव की तैनाती नवाबगंज क्षेत्र के जैतपुर प्राथमिक विद्यालय में 2024 में सहायक अध्यापक के रूप में हुई थी। मनकापुर विधानसभा क्षेत्र की मतदाता सूची के विशेष प्रगाढ पुनरीक्षण में मतदेय स्थल संख्या 326-प्राथमिक पाठशाला खेमपुर पर विपिन की ड्यूटी बीएलओ के रूप में लगी थी। बताया जाता है कि मंगलवार सुबह 7:30 बजे वह घर से निकले और रास्ते में उनकी तबीयत खराब हो गई। आनन-फानन में स्थानीय लोगों व साथी शिक्षकों ने एक निजी अस्पताल पहुंचाया। प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें मेडिकल कॉलेज लाया गया, जहां से इलाज के लिए किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी लखनऊ भेजा दिया गया। जहां इलाज के दौरान शाम को विपिन ने दम तोड़ दिया।
डीएम पहुंचीं मेडिकल कॉलेज, ली जानकारी
मामले की जानकारी होने पर डीएम प्रियंका निरंजन खुद मेडिकल कॉलेज पहुंचीं। उन्होंने वहां चिकित्सकों से बीएलओ के इलाज संबंधित जानकारी ली। हालत को देखते हुए एसडीएम सदर व नायब तहसीलदार नबाबगंज को किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी लखनऊ भी भेजा। वहीं मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी से भी तीन डाक्टरों की टीम बीएलओ के साथ एम्बुलेंस से लखनऊ गई ।
बीएलओ ने दबाव का लगाया आरोप
कार्य के दबाव में जहर खाने संबंधित एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो में एक महिला, जो उसकी पत्नी बताई जा रही है, पूछती है कि जहर क्यों खाया? जिस पर बीएलओ एसडीएम, बीडीओ और लेखपाल के दबाव में जहर खाने की बात कहता देखा जा रहा है। हालांकि लाइव हिन्दुस्तान किसी भी वायरल वीडियो की पुष्टि नहीं करता है। सोशल मीडिया पर वायरल इस वीडियो पर तरह-तरह के कमेंट भी लोग कर रहे हैं और आरोप भी लगा रहे हैं। जिले के कर्मचारियों में इस मामले को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं भी हैं। बीएलओ के जहर खाकर जान देने का मामला गंभीर होता जा रहा है। इस बीच मामले को गंभीरता से लेते हुए डीएम प्रियंका निरंजन ने जांच के आदेश भी दिए हैं। मामले की जांच की जिम्मेदारी डीएम ने मुख्य राजस्व अधिकारी (सीआरओ) को सौंपी गई है। सीआरओ जांच कर पूरी रिपोर्ट डीएम को सौंपेंगे।
शिक्षक संघ ने उठाई न्यायिक जांच की मांग :
नवाबगंज क्षेत्र में बतौर बीएलओ तैनात सहायक अध्यापक विपिन कुमार यादव की मौत पर शिक्षक संघ गहरा रोष जताया है। उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष विनय तिवारी ने कहा कि यह घटना बहुत ही दुखद है। इसकी जितनी भी निंदा की जाए कम है। उन्होंने कहा कि सहायक अध्यापक के मौत मामले की न्यायिक जांच कराई जानी चाहिए। विनय तिवारी ने कहा कि इस मामले मे जो भी दोषी हो उसे सजा मिले। कहा कि अगर जल्द ही दोषियों के खिलाफ कोई कार्यवाही के कदम नही उठाए जाते हैं तो शिक्षक संघ आगे की रणनीति तय कर कदम उठाएगा।
उधर, तरबगंज में प्राथमिक शिक्षक संघ के ब्लॉक अध्यक्ष सुशील पांडेय ने इस घटना को निंदनीय बताया। कहा कि एसआईआर में लगे सभी शिक्षक पूरी ईमानदारी से अपना कर्तव्य निभा रहे हैं, जबकि उनकी सभी छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं। इससे शिक्षा व्यवस्था भी प्रभावित हो रही है। आरोप लगाया कि शिक्षकों को देर रात तक काम करने के बावजूद एफआईआर दर्ज कराने, वेतन काटने जैसी धमकियां मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रही हैं। शिक्षकों के साथ अमानवीय व्यवहार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
सीआरओ को जांच के लिए निर्देश दिए गए
डीएम प्रियंका निरंजन ने बताया कि घटना बेहद दुखद है। बीएलओ के अस्पताल में भर्ती कराए जाने की सूचना पर मैं खुद अस्पताल गई थी। इलाज के संबंध में चिकित्सकों से जानकारी ली। गोंडा मेडिकल कॉलेज से रेफर होने पर एसडीएम सदर और तहसीलदार को भी वहां भेजा गया था। मैंने खुद बेहतर इलाज के लिए केजीएमयू की डायरेक्टर से बात की थी। मामले के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। सीआरओ को जांच के लिए निर्देश दिए गए हैं।
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