
यूपी एसआईआर: आज जारी होगी ड्राफ्ट मतदाता सूची, नाम न होने पर करना होगा ये काम
यूपी के करीब 2.89 करोड़ मतदाताओं की SIR प्रक्रिया के दौरान मैपिंग नहीं हो पाई है। चुनाव आयोग की ओर से ड्राफ्ट मतदाता सूची के प्रकाशन के बाद भी बिना मैपिंग वाले मतदाताओं को अपना नाम मतदाता सूची में शामिल कराने का मौका मिलेगा। बूथों पर बीएलओ बैठेंगे और बिना मैपिंग वाले मतदाताओं को नोटिस दिया जाएगा।
UP SIR Process Draft Voter List: यूपी में मंगलवार को 12.55 करोड़ मतदाताओं की ड्राफ्ट मतदाता सूची जारी की जाएगी। मतदाता सूची के विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण (एसआईआर) की प्रक्रिया में 2.88 करोड़ मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए हैं। यह स्थानांतरित, अनुपस्थित और मृत इत्यादि मतदाता हैं। सभी जिलों में ड्राफ्ट मतदाता सूची के प्रकाशन की तैयारियां पूरी कर ली गईं हैं।
सोमवार को मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) नवदीप रिणवा ने बैठक कर तैयारियों को पुख्ता किया। सभी जिलों के डीएम को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि वह शुद्ध मतदाता सूची जारी करने के लिए सभी जरूरी उपाय करें। तीन बार एसआईआर की तारीखों में भी इसी के चलते बदलाव किया गया ताकि यूपी की मतदाता सूची पुख्ता ढंग से तैयार की जा सके। मंगलवार से छह फरवरी तक मतदाता सूची पर दावे और आपत्तियां की जाएंगी।
किस जिले में कितने नाम कटे
वहीं मंगलवार से लेकर 27 फरवरी तक इन दावे और आपत्तियों का निस्तारण किया जाएगा। अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन छह मार्च को किया जाएगा। सबसे ज्यादा 12 लाख मतदाताओं के नाम लखनऊ में कटेंगे। वहीं प्रयागराज में 11.56 लाख, कानपुर नगर में नौ लाख, आगरा में 8.36 लाख, गाजियाबाद में 8.18 लाख, बरेली में 7.14 लाख, मेरठ में 6.65 लाख, गोरखपुर में 6.45 लाख, सीतापुर में 6.23 लाख और जौनपुर में 5.89 लाख मतदाताओं के नाम काटे गए हैं।
बिना मैपिंग वाले मतदाताओ को मिलेगा मौका
चुनाव आयोग की ओर से ड्राफ्ट मतदाता सूची के प्रकाशन के बाद भी बिना मैपिंग वाले मतदाताओं को अपना नाम मतदाता सूची में शामिल कराने का मौका मिलेगा। इसी दिन बूथों पर बीएलओ बैठेंगे और बिना मैपिंग वाले मतदाताओं को नोटिस दिया जाएगा कि वे अपनी नागरिकता के प्रमाण से संबंधित दस्तावेज प्रस्तुत करें। इसके साथ ही नए मतदाता बनाने के लिए फार्म भरे जाएंगे। एसआईआर के अनुसार घोषणा प्रपत्र भरने वाले मतदाताओं को नोटिस नहीं दिया जाएगा।
बिना मैपिंग वाले मतदाताओं से प्राप्त दस्तावेजों की जांच करके पात्रों का नाम मतदाता सूची में जोड़ा जाएगा। इस नोटिस के जवाब में बिहार राज्य से आए मतदाता अपने माता पिता के बिहार एसआईआर में दर्ज होने का संदर्भ दे सकते हैं। गोरखपुर में बिना मैपिंग वाले 3, 22, 468 मतदाताओं को नोटिस दिया जाएगा, क्योंकि उनकी मैपिंग 2003 की मतदाता सूची से नहीं हो सकी है। एक जुलाई 1987 से पहले जन्मतिथि वाले मतदाताओं को स्वयं के दस्तावेज देने होंगे, जबकि उसके बाद जन्म लेने वाले मतदाताओं को माता-पिता में एक या दोनों के दस्तावेज जमा करने होंगे। 2 दिसंबर 2004 के बाद जन्म लेने वाले मतदाताओं को अपने माता पिता के दस्तावेज भी जमा करने होंगे। एडीएम वित्त एवं राजस्व विनीत कुमार सिंह ने बताया कि मंगलवार को अनंतिम मतदाता सूची प्रकाशित होगी।
पंचायत चुनाव में बढ़ेंगे 1.35 लाख मतदाता
त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव को लेकर चलाए गए वृहद पुनरीक्षण अभियान के क्रम में अनंतिम सूची पर मांगे गए दावे एवं आपत्तियों की समय सीमा में 1 लाख 35 हजार 115 मतदात बढ़ गए हैं। अंतिम दिन तहसीलों से आई जानकारी के अनुसार करीब 36,850 आवेदन मतदाता बनने के लिए थे। 6,157 आवेदन नाम काटने के लिए थे, जो अब नाम कटने वालों की संख्या 23,759 हो गई है अनंतिम मतदाता सूची में वोटरों की संख्या 29, 88, 605 थी, जो अब 30, 99, 961 हो जाएगी।
6 फरवरी को होगा मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन
निर्वाचन अयोग द्वारा पुनरीक्षण के तय कार्यक्रम के अनुसार 31 दिसंबर 2025 से 6 जनवरी 2026 तक संबंधित दावे और आपत्तियों का निस्तारण किया जाएगा। इसके बाद 7 से 12 जनवरी 2026 तक संशोधित हस्तलिखित पाण्डुलिपियां सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी कार्यालय में जमा की जाएंगी।
13 से 29 जनवरी 2026 के बीच पूरक सूचियों का कम्प्यूटरीकरण कर उन्हें मूल मतदाता सूची में समाहित किया जाएगा। वहीं 30 जनवरी से 5 फरवरी 2026 तक मतदान केंद्रों का क्रमांकन, वार्ड मैपिंग, मतदाता क्रमांकन और मतदाता सूची की डाउनलोडिंग व फोटो प्रतियां कराने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। पंचायत निर्वाचक नामावलियों का अंतिम प्रकाशन छह फरवरी 2026 तक किया जाएगा।





