
UP SIR: यूपी में 2.93 करोड़ वोटर ढूंढ़ने के लिए चलेगा अभियान, लास्ट डेट बढ़ने के आसार
जो गणना प्रपत्र प्राप्त नहीं हुए हैं, उनमें मृत, स्थानांतरित या अनुपस्थित मतदाता हैं। इनका सत्यापन BLO और BLA की मदद से होगा। बूथवार ऐसे लोगों की सूची इन्हें सौंप दी जाएगी। पहले ऐसे मतदाताओं की संख्या 4.50 करोड़ थी और फिर अभियान चलाकर सत्यापन किया तो संख्या घटकर 3.40 लाख रह गई।
UP SIR Update: उत्तर प्रदेश में 2.93 करोड़ मतदाताओं को ढूंढ़ने के लिए अभियान चलेगा। ये वो हैं, जिन्होंने गणना प्रपत्र तो लिए पर वापस नहीं किए। बीएलओ, बीएलए इन्हें घर-घर खोजेंगे। इसके लिए मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) कार्यालय की ओर से चुनाव आयोग को एसआईआर प्रक्रिया 11 दिसंबर से दो हफ्ते बढ़ाने का प्रस्ताव भेजा जा रहा है। कुछ जिलों से समय-सीमा बढ़ाने की मांग पर प्रस्ताव आयोग भेजेगा।
जो गणना प्रपत्र प्राप्त नहीं हुए हैं, उनमें मृत, स्थानांतरित या अनुपस्थित मतदाता हैं। इनका सत्यापन बीएलओ और बीएलए की मदद से होगा। बूथवार ऐसे लोगों की सूची इन्हें सौंप दी जाएगी। पहले ऐसे मतदाताओं की संख्या 4.50 करोड़ थी और फिर अभियान चलाकर सत्यापन किया तो संख्या घटकर 3.40 लाख रह गई। अब आंकड़ों के मुताबिक यह पौने तीन करोड़ तक पहुंचेगी।
दूसरी ओर फॉर्म-6 भरकर मतदाता सूची में शामिल होने के लिए अभियान चलाया जाएगा। ऐसे युवा जो एक जनवरी 2026 को 18 वर्ष की आयु पूरी कर रहे हैं, उन्हें इसमें शामिल करने के लिए फॉर्म भरवाए जाएंगे। एसआईआर के साथ ही यह अभियान भी चलाने की तैयारी की जा रही है।
90 प्रतिशत तक मैपिंग करने का लक्ष्य
वर्तमान मतदाता सूची और वर्ष 2003 की मतदाता सूची की मैपिंग का कार्य किया जा रहा है। अभी तक 70 प्रतिशत मतदाताओं की मैपिंग की जा चुकी है। अमरोहा, बिजनौर व महोबा में 90 प्रतिशत तक मतदाताओं की मैपिंग वर्ष 2003 की वोटर लिस्ट से की जा चुकी है। ऐसे में इन जिलों के अनुभव का लाभ लेकर पूरे प्रदेश में 90 प्रतिशत तक मतदाताओं की मैपिंग करने का लक्ष्य तय किया गया है। जिससे केवल 10 प्रतिशत मतदाताओं को ही साक्ष्य प्रस्तुत करने के लिए नोटिस भेजी जा सके।
दूसरी बार डेट बढ़ाने की हो रही बात
यह दूसरा अवसर है जब गणना प्रपत्र भरकर जमा करने की समय-सीमा को आगे बढ़ाने की बात हो रहा है। पहले यह तारीख चार दिसंबर तक ही थी और इसे एक हफ्ते बढ़ाकर 11 दिसंबर किया गया था। कुछ जिलों से एसआईआर में गणना प्रपत्र भरने की समय-सीमा को बढ़ाने की फिर मांग आई है। बताया जा रहा है कि यह प्रस्ताव भारत निर्वाचन आयोग को भेजा जा रहा है।





