
1.5 साल तक दरोगा बनकर झाड़ता रहा रौब, शौक पूरे करने को पहनी वर्दी अब पहुंचा जेल
यूपी के शाहजहांपुर में खुटार पुलिस ने उस युवक की हकीकत उजागर कर दी जिसने लगभग डेढ़ वर्ष तक खुद को उत्तर प्रदेश पुलिस का दरोगा बताकर न केवल लोगों में रौब जमाया, बल्कि अपने निजी शौक पूरे करने के लिए पुलिस की वर्दी, स्टार, बैज और पास आईडी तक का इस्तेमाल करता रहा।
यूपी के शाहजहांपुर में खुटार पुलिस ने उस युवक की हकीकत उजागर कर दी जिसने लगभग डेढ़ वर्ष तक खुद को उत्तर प्रदेश पुलिस का दरोगा बताकर न केवल लोगों में रौब जमाया, बल्कि अपने निजी शौक पूरे करने के लिए पुलिस की वर्दी, स्टार, बैज और पास आईडी तक का इस्तेमाल करता रहा। सोमवार देर रात वाहन चेकिंग के दौरान पकड़े गए इस फर्जी दरोगा को पुलिस ने गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर मंगलवार को कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।
यह मामला अब पुलिस के लिए फॉलोअप जांच का भी विषय बन गया है क्योंकि आरोपी के मोबाइल में कई वर्दीधारी फोटोज और पुलिस संबंधी दस्तावेज मिले हैं। थाना प्रभारी आरके रावत के अनुसार, सोमवार रात खुटार–पूरनपुर स्टेट हाईवे फ्लाईओवर के नीचे वाहन चेकिंग की जा रही थी। इसी दौरान सामने से आ रही मारुति सुजुकी कार को पुलिस ने रोकने का इशारा किया। कार चालक ने वाहन रोका लेकिन उसकी हरकतों और हावभाव से पुलिस को शक हुआ। तलाशी लेने पर कार से उत्तर प्रदेश पुलिस की वर्दी टंगी हुई मिली।
गाड़ी में एक पी कैप, एक डंडा और अन्य सामान मिला, जिससे शक और गहरा गया। युवक को थाने लाकर पूछताछ की गई तो उसने पहले टालमटोल किया, लेकिन कड़ाई से पूछताछ में वह टूट गया। उसने अपना नाम गौरव शर्मा (30) पुत्र राकेश शर्मा निवासी ई-33 जनकपुरी महोली रोड मथुरा बांगर, थाना कृष्णा नगर, जनपद मथुरा बताया। जांच में सामने आया कि गौरव शर्मा खुटार कस्बे के मोहल्ला नौगांवा कोट में संजय त्रिपाठी के मकान में लगभग डेढ़ वर्ष से किराए पर रह रहा था वह खुद को पुलिस का दरोगा बताता रहा।
मोबाइल से मिलीं कई तस्वीरें
उसके मोबाइल फोन में पुलिस वर्दी पहने कई तस्वीरें मिली हैं। पुलिस ने उसके पास से उत्तर प्रदेश पुलिस की एक फर्जी आईडी, दो अन्य व्यक्तियों की आईडी, वर्दी और उससे जुड़े सामान बरामद किए हैं।
पुलिस कर रही गतिविधियों की जांच
आरोपी द्वारा उपयोग किए गए दस्तावेजों और मोबाइल में मिले फोटो के आधार पर पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि वह किन-किन स्थानों पर वर्दी पहनकर गया और कहीं उसने किसी से ठगी या वसूली तो नहीं की। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि फर्जी आईडी और वर्दी उसे कहां से मिली। थाना प्रभारी आरके रावत ने बताया कि आरोपी के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। परत-दर-परत जांच आगे बढ़ रही है। अगर किसी व्यक्ति को उससे ठगे जाने या अन्य तरीके से प्रभावित होने की जानकारी है तो वह पुलिस को सूचना दे सकता है।





