
जुए के अड्डे पर छापा पड़ते ही 5 नदी में कूदे, दोस्तों के भरोसे कूदने वाले एक युवक की मौत
शाहजहांपुर में जुए के अड्डे पर यूपी पुलिस की दबिश के दौरान अफरा-तफरी मच गई। मौके से भागने के प्रयास में पांच युवक नदी में कूद गए, जिनमें से चार तैरकर पार निकल गए लेकिन एक युवक की डूबने से मौत हो गई।
यूपी के शाहजहांपुर में हनुमान धाम के पास खन्नौत नदी के घाट पर बुधवार दोपहर जुए के अड्डे पर पुलिस की दबिश के दौरान अफरा-तफरी मच गई। मौके से भागने के प्रयास में पांच युवक नदी में कूद गए, जिनमें से चार तैरकर पार निकल गए लेकिन एक युवक की डूबने से मौत हो गई। मृतक की पहचान बाबूजई मोहल्ले के कोविद तिवारी के रूप में हुई है। घटना के बाद परिजनों ने शव को सड़क पर रखकर जाम लगा दिया और पुलिस के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। एसपी ने तीन सिपाहियों को निलंबित कर दिया है।

हनुमान धाम के किनारे बग्गू घाट पर बुधवार दोपहर को कुछ युवक जुआ खेल रहे थे। इसी दौरान सूचना पर दो सिपाही मौके पर पहुंच गए। पुलिस को देख जुआ खेल रहे युवक घबरा गए और पांच लोग नदी में कूद पड़े। इनमें चार युवक नदी पार कर निकल गए जबकि कोविद नामक युवक डूब गया। काफी देर तक युवक के बाहर न निकलने पर स्थानीय लोगों की भीड़ जमा हो गई। सूचना पर चौक पुलिस मौके पर पहुंची और गोताखोरों की मदद से तलाश शुरू कराई गई। दो घंटे की मशक्कत के बाद गोताखोरों ने कोविद का शव नदी से बाहर निकाला।
परिजन और पुलिसकर्मी युवक को लेकर तुरंत निजी अस्पताल पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मौत की जानकारी मिलते ही परिजन आक्रोशित हो गए और केरूगंज से कचहरी मार्ग पर शव रखकर जाम लगा दिया। परिजनों का आरोप था कि कोविद को चार युवकों ने बुलाया था और मौके पर पहुंचे सिपाहियों की वजह से यह हादसा हुआ। परिजन दोनों सिपाहियों और उसे बुलाने वाले युवकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग पर अड़े रहे। सूचना पर सिटी मजिस्ट्रेट और सीओ सिटी मौके पर पहुंचे। दोनों अफसरों ने परिजनों को कार्रवाई का आश्वासन देकर जाम खुलवाया। इसके बाद पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
दोस्तों के भरोसे पर कोविद ने नदी में लगाई मौत की छलांग
दोस्ती पर भरोसा बुधवार को कोविद के लिए जानलेवा साबित हो गई। शहर के हनुमत धाम के पास खन्नौत नदी में उसने दोस्तों पर यकीन किया और कीमत जान देकर चुकानी पड़ी। बाबूजई मोहल्ले का रहने वाला कोविद तिवारी बुधवार दोपहर अपने दोस्तों के बुलाने पर कुछ रुपए लेकर नदी किनारे पहुंचा था। तभी वहां जुआ खेलते लोगों को देखकर पुलिस के दो सिपाही पहुंच गए। पुलिस को देखते ही कोविद के चारों दोस्त तुरंत नदी में कूद गए। सिपाहियों ने जब कोविद को रोकना चाहा, तो उसके दोस्तों ने आवाज दी कि तू भी कूद जा, हम तुझे निकाल लेंगे।
कोविद ने कहा कि उसे तैरना नहीं आता, मगर दोस्तों के भरोसा दिया कि वह उसे निकाल लेंगे। इस भरोसे पर वह नदी में कूद गया। लेकिन किसे पता था कि यही भरोसा उसकी मौत की वजह बन जाएगा। चारों दोस्त तैरकर पार निकल गए और कोविद बीच धारा में डूब गया। देर तक उसकी कोई मदद नहीं आई। दो घंटे बाद गोताखोरों ने उसका शव नदी से निकाला। इस घटना ने दोस्ती के नाम पर भरोसे को झकझोर दिया। जहां चार दोस्तों ने अपनी जान बचाई, वहीं एक ने उन पर यकीन कर जान गंवा दी।





