
लाठी-डंडों से पीट-पीटकर युवक को उतारा मौत के घाट, जान देकर चुकाई लड़की ले जाने की कीमत
संक्षेप: यूपी में शाहजहांपुर के कांट क्षेत्र के सप्तयारा गांव में मंगलवार रात युवक की लाठी-डंडों से पीटकर हत्या कर दी गई। शव गांव के बाहर फेंककर आरोपी फरार हो गए। कांट पुलिस मामले की जांच कर रही है।
यूपी में शाहजहांपुर के कांट क्षेत्र के सप्तयारा गांव में मंगलवार रात युवक की लाठी-डंडों से पीटकर हत्या कर दी गई। शव गांव के बाहर फेंककर आरोपी फरार हो गए। कांट पुलिस मामले की जांच कर रही है। ग्रामीणों ने मंगलवार रात 8 बजे सप्तयारा गांव के ओमकार वर्मा (25) का शव गांव के बाहर देखा। सूचना पर कोतवाल राकेश मौर्या फोर्स के साथ पहुंचे। इसी दौरान एसपी राजेश द्विवेदी बड़ी संख्या में फोर्स के साथ पहुंचे।

फील्ड यूनिट ने मौके से साक्ष्य जुटाये। पुलिस ने बताया कि युवक के सिर में किसी भारी वस्तु से मारने के निशान मिले हैं। शरीर के अन्य हिस्सों में भी चोटें हैं। ओमकार के परिजनों ने पुलिस को बताया कि वह पांच साल पहले गांव के दूसरे समुदाय की लड़की को साथ ले गया था। इस मामले में पुलिस ने लड़की बरामद कर ओमकार को जेल भेजा था। हाल ही में ओमकार जेल से छूटा था।
परिजनों ने आरोप लगाया कि इसी विवाद में ओमकार की हत्या की गई है। हत्या के बाद से गांव में तनाव को देखते हुए पुलिस तैनात की गई है। एसपी राजेश द्विवेदी ने बताया कि कांट में युवक की हत्या की सूचना मिली थी। उसके सिर में चोट लगने से मौत की बात सामने आई है। मुकदमा दर्ज किया जाएगा। फिलहाल जिन लोगों पर आरोप लगाए गए हैं, उनकी गिरफ्तारी को टीमें लगाई गई हैं।
लड़की को ले गया था, जान देकर चुकानी पड़ी कीमत
प्यार के रिश्ते में उलझी एक पुरानी कहानी मंगलवार की देर शाम खून से सनी त्रासदी में बदल गई। सफ्तयारा गांव का ओमकार वर्मा, जिसे पांच साल पहले दूसरे समुदाय की लड़की को साथ ले जाने के आरोप में जेल जाना पड़ा था, उसकी मंगलवार की रात बेरहमी से पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। हालांकि जेल से छूटकर लौटा था तो पुराने जीवन को फिर से पटरी पर लाने की कोशिश कर रहा था, लेकिन किस्मत ने उसे मौका नहीं दिया।
ग्रामीणों के मुताबिक, ओमकार जेल से आने के बाद गांव में मजदूरी कर गुजर-बसर कर रहा था। वह शांत स्वभाव का था और अपने पुराने विवादों से दूर रहना चाहता था। लेकिन जिन परिजनों ने उसकी वजह से सामाजिक अपमान झेला था, उनके मन में आग अब तक बुझी नहीं थी। मंगलवार की रात उसी रंजिश का बदला खून से चुकाया गया।
बताया जाता है कि रात में किसी बहाने बुलाकर उसे खेतों की तरफ ले जाया गया, जहां लाठी-डंडों से उसकी बेरहमी से पिटाई की गई। उसके सिर पर वार इतना जोरदार था कि मौके पर ही उसकी मौत हो गई। शव को गांव के बाहर फेंक दिया गया ताकि घटना को छिपाया जा सके।
गांव में लोग दबी जुबान में कहते हैं कि ओमकार ने उस दिन जो किया था, उसकी सजा अब मिली है। मगर कई यह भी मानते हैं कि यह न्याय नहीं, निर्दयता है। ओमकार का अपराध कानून ने पहले ही तय कर दिया था, लेकिन समाज ने जान लेकर दोबारा सजा दे दी।
गांव में तनाव, भारी पुलिस बल तैनात
मामला दो समुदायों का होने के कारण गांव में पुलिस फोर्स तैनात कर दी गई है। सूचना पर तत्काल एसपी राजेश द्विवेदी स्वयं पहुंचे थे। जांच के दौरान पुलिस को कई अहम सबूत भी मिले हैं। हालांकि देर शाम तक मामले में कोई गिरफ्तारी नहीं हो सकी थी। पुलिस दबिश दे रही थी।





