इन बेटियों को स्कूटी देगी यूपी सरकार, जल्द लांच होगी योजना, महिला दिवस पर CM योगी का एक और ऐलान

Mar 08, 2026 08:49 pm ISTDinesh Rathour लाइव हिन्दुस्तान, लखनऊ
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महिला दिवस पर बोल रहे सीएम योगी ने कहा, पहले चरण में स्नातक और परा-स्नातक के फाइनल ईयर की मेधावी बेटियों को स्कूटी का लाभ दिया जाएगा। जल्द ही लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना लांच की जाएगी।  

इन बेटियों को स्कूटी देगी यूपी सरकार, जल्द लांच होगी योजना, महिला दिवस पर CM योगी का एक और ऐलान

महिला दिवस पर सीएम योगी आदित्यनाथ ने कई बड़ी घोषणाएं की। सीएम योगी ने अब मेधावी बेटियों को स्कूटी देने का भी ऐलान कर दिया है। महिला दिवस पर बोल रहे सीएम योगी ने कहा, पहले चरण में स्नातक और परा-स्नातक के फाइनल ईयर की मेधावी बेटियों को स्कूटी का लाभ दिया जाएगा। जल्द ही लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना लांच की जाएगी। मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि यूपी के बजट की थीम युवा, महिला, अन्नदाता किसान और गरीब थी। उन्होंने बताया कि केंद्रीय बजट में शी-मार्ट की तर्ज पर यूपी में महिलाओं के लिए महिला उद्यमी विपणन स्कीम लाई गई है। महिला स्वयंसेवी समूह जो भी बनाएंगे, उसकी पहुंच बाजार तक आसानी से हो, इसके लिए गांव, न्याय पंचायत स्तर पर सेंटर स्थापित करेंगे। गारंटी व ब्याज मुक्त लोन, मेधावी बेटियों के लिए स्कूटी समेत अनेक कार्यक्रम आ रहे हैं। जो बेटियों को आत्मनिर्भरता के लक्ष्य प्रदान करने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वहन करेंगे।

सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि 2017 के बाद यूपी में आए परिवर्तन के पांच मुख्य कारण हैं। सरकार ने प्रधानमंत्री मोदी के पांच टी (ट्रेडिशन, टेक्नोलॉजी, ट्रांसपेरेंसी, ट्रस्ट, ट्रांसफॉर्मेशन) विजन को ध्यान में रखकर काम किया। जब ट्रेडिशन, टेक्नोलॉजी, ट्रांसपेरेंसी व ट्रस्ट मिलते हैं तो ट्रांसफॉर्मेशन होता है। हमने भारत की परंपरा और विरासत का सम्मान किया, इससे विकास अपना रास्ता तय कर लेता है। हम इसे टेक्नोलॉजी से जोड़कर और आसान करते हैं। ट्रांसपेरेंसी से ही आमजन में विश्वास की भावना पैदा होती है और यही विश्वास परिवर्तन का कारण बनता है। यूपी इसी 5-टी का मॉडल बना है।

लाभार्थी महिलाओं को किया सम्मानित

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ रविवार को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित राज्यस्तरीय कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने इस अवसर पर विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को सम्मानित किया और पिंक रोजगार महाकुंभ-2026 (रोजगार मेले) का शुभारंभ भी किया। मुख्यमंत्री ने प्रदर्शनी व श्रम विभाग की लघु फिल्म का अवलोकन किया। उन्होंने विभिन्न योजनाओं का जिक्र करते हुए सभी लाभार्थी व सम्मानित होने वाली महिलाओं को शुभकामनाएं दीं।

चित्रकूट में बेटी की मार्मिक कहानी का किया जिक्र

सीएम ने कहा कि 2017 में मुख्यमंत्री बना तो देखा कि बेसिक शिक्षा परिषद के स्कूलों में 60 फीसदी बेटियां नंगे पांव स्कूल जाती थीं। उन्होंने चित्रकूट में एक बिटिया के साथ मार्मिक संवाद का जिक्र कर बेटे-बेटी के भेदभाव को इंगित किया। उन्होंने कहा कि एक ही घर में बेटा पब्लिक स्कूल और बेटियां प्राइमरी स्कूल में पढ़ने जाती थीं। बेटे के पास जूते, चप्पल, कपड़े सब होते थे, लेकिन बेटी के पास नहीं होते थे। जब मैंने कारण पूछा तो बेटी ने कहा कि वह भाई है न। उसी दिन शाम को विभाग की बैठक ली और घोषणा की है कि बेसिक शिक्षा परिषद के स्कूलों में पढ़ने वाले हर बच्चे को राज्य सरकार की तरफ से यूनिफॉर्म, बैग, बुक, जूते-मोजे देंगे। आज लगभग 98-99 फीसदी बेटियां जूते-मोजे या चप्पल और सर्दियों में स्वेटर पहनकर आती हैं। गांव की बेटी, सबकी बेटी, यह हमारी मान्यता है। उसे सम्मान, जीने, आगे बढ़ने का अधिकार मिलना चाहिए। खुद को उपेक्षित महसूस करने वाली आधी आबादी के लिए कार्य करता देखकर हमें लगता है कि हमारा आना सार्थक हुआ।

स्वावलंबन का कारण बन रही हैं शासन की योजनाएं

सीएम योगी ने कहा कि शासन की योजनाएं स्वावलंबन का कारण बन रही हैं। मिशन शक्ति कार्यक्रम को महिला सुरक्षा, सम्मान व स्वावलंबन से जोड़कर आगे बढ़ाया। आज का समारोह उसका प्रतीक है। नारी सुरक्षित तो समाज सुरक्षित, नारी का सम्मान है तो समाज का सम्मान है, वह स्वावलंबन की ओर अग्रसर है तो सभी लोग स्वावलंबन के पथ पर अग्रसर हैं। बेटी सुरक्षा-सम्मान प्राप्त कर रही है तो दुनिया में यूपी का हर नागरिक सम्मान प्राप्त कर रहा है। 2017 के पहले महिला कार्यबल केवल 13 फीसदी था, आज अलग-अलग क्षेत्रों में 36-37 फीसदी महिलाएं कार्य कर रही हैं। पहले दिन में स्कूल जाने में भी बेटी डरती थी, लेकिन सुरक्षा के कारण बेटियां अब नाइट शिफ्ट में भी कार्य कर रही हैं।

आवास, शौचालय व गैस न होने से सर्वाधिक पीड़ित होती थी महिलाएं

सीएम योगी ने कहा कि पिछले 11 वर्ष में महिलाओं के स्वावलंबन के लिए अनेक कार्य हुए। आवास, शौचालय, रसोई गैस न होने से सर्वाधिक पीड़ित महिला होती थी। अब उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों के लिए सिलेंडर है। होली-दीवाली पर उन्हें फ्री सिलेंडर मिल रहा है। 15 करोड़ लोगों को राशन तथा 5.60 करोड़ लोगों को आयुष्मान भारत की सुविधा का लाभ दिया जा चुका है। इस बार शिक्षामित्रों, अनुदेशकों, आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों, रसोइयों, होमगार्डों, आशा वर्करों को भी इसमें जोड़ दिया गया है। बेसिक, माध्यमिक, उच्च शिक्षा के 10 लाख से अधिक शिक्षकों को भी जोड़ा गया है। 70 वर्ष से ऊपर के हर वरिष्ठ नागरिक को यह सुविधा मिली है। 1.06 करोड़ से अधिक परिवारों को 12 हजार रुपये वार्षिक पेंशन का लाभ मिल रहा है। जल्द ही इसमें वृद्धि भी करेंगे। यूपी के अंदर पीएम-सीएम आवास योजना के तहत 62 लाख महिलाओं को आवास दिलाए जा चुके हैं।

ओडीओपी के बाद ओडीओसी भी महिलाओं को देगा अवसर

सीएम योगी ने एमएसएमई के तहत ओडीओपी (वन डिस्ट्रिक्ट-वन प्रोडक्ट) में कई जनपदों में महिलाओं के कार्यों का जिक्र किया। कहा कि लखनऊ में चिकनकारी से तमाम महिलाएं जुड़ी हैं। उनके पास कार्य की प्रचुरता है। ओडीओपी के बाद सरकार ओडीओसी (वन डिस्ट्रिक्ट-वन कुजीन) की तरफ अग्रसर हुई है। सीएम ने जौनपुर की महिला के विशिष्ट कार्यों का भी जिक्र किया और कहा कि ओडीओसी भी महिलाओं के लिए अवसर देगा। यूपी में लगभग 20 हजार स्टार्टअप कार्य कर रहे हैं, इसमें आधे से अधिक महिलाओं द्वारा संचालित हैं।

यूपीएससी में भी बेटियों का दबदबा

सीएम ने यूपीएससी के रिजल्ट का जिक्र करते हुए कहा कि यूपी की अनेक बेटियों ने इसमें सम्मानजनक स्थान प्राप्त किया है। मानसी, अदिति, तनिशा आदि बेटियों ने स्थान प्राप्त किया है। टॉप टेन में तीन महिलाएं हैं। पूरी सूची में भी बेटियों का दबदबा है। प्रदेश में जैसे-जैसे महिला कार्यबल बढ़ रहा है, गांव से आने वाली बेटियों को शहर में काम मिल रहा है। ऐसे में सरकार ने तय किया है कि विभिन्न जनपदों में वर्किंग वूमेन हॉस्टल देंगे। हर हॉस्टल की क्षमता 500 की होगी। वाराणसी, मेरठ, प्रयागराज, गोरखपुर, कानपुर, झांसी व आगरा में ये निर्माणाधीन हैं। इस बार के बजट में अयोध्या, सहारनपुर, मुरादाबाद, बरेली, अलीगढ़, मीरजापुर में भी धनराशि की व्यवस्था की गई है।

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दिनेश राठौर वर्तमान में 'लाइव हिन्दुस्तान' में डिप्टी चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं। डिजिटल और प्रिंट पत्रकारिता में 13 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले दिनेश ने अपने करियर की शुरुआत 2010 में हरदोई से की थी। कानपुर यूनिवर्सिटी से स्नातक दिनेश ने अपने सफर में हिन्दुस्तान (कानपुर, बरेली, मुरादाबाद), दैनिक जागरण और राजस्थान पत्रिका (डिजिटल) जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाई हैं। हरदोई की गलियों से शुरू हुआ पत्रकारिता का सफर आज डिजिटल मीडिया के शिखर तक पहुँच चुका है। दिनेश राठौर ने यूपी और राजस्थान के विभिन्न शहरों की नब्ज को प्रिंट और डिजिटल माध्यमों से पहचाना है।
लाइव हिन्दुस्तान की यूपी टीम में कार्यरत दिनेश दिनेश, खबरों के पीछे की राजनीति और सोशल मीडिया के ट्रेंड्स (वायरल वीडियो) को बारीकी से विश्लेषण करने के लिए जाने जाते हैं।

पत्रकारिता का सफर
हरदोई ब्यूरो से करिअर की शुरुआत करने के बाद दिनेश ने कानपुर हिंदुस्तान से जुड़े। यहां बतौर स्ट्रिंगर डेस्क पर करीब एक साल तक काम किया। इसके बाद वह कानपुर में ही दैनिक जागरण से जुड़े। 2012 में मुरादाबाद हिंदुस्तान जब लांच हुआ तो उसका हिस्सा भी बने। करीब दो साल यहां नौकरी करने के बाद दिनेश राजस्थान पत्रिका से जुड़ गए। सीकर जिले में दिनेश ने करीब तीन साल तक पत्रकारिता की। उन्होंने एक साल तक डिजिटल का काम भी किया। 2017 में दिनेश ने बरेली हिंदुस्तान में प्रिंट के डेस्क पर वापसी की। लगभग दो साल की सेवाओं के बाद डिजिटल हिंदुस्तान में काम करने का मौका मिला जिसका सफर जारी है।

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