मातम में बदलीं शादी की खुशियां, समारोह में आए दो बच्चे गंगा में डूबे, एक की मौत
यूपी के संभल में शादी समारोह में शामिल होने आए दो बच्चे मंगलवार को गुन्नौर क्षेत्र के इसामपुर डांडा गंगा घाट पर स्नान के दौरान गहरे पानी में डूब गए। घाट पर मौजूद लोगों ने एक बच्चे को बचा लिया, लेकिन 11 वर्षीय दूसरे बच्चे की डूबने से मौत हो गई।

यूपी के संभल में शादी समारोह में शामिल होने आए दो बच्चे मंगलवार को गुन्नौर क्षेत्र के इसामपुर डांडा गंगा घाट पर स्नान के दौरान गहरे पानी में डूब गए। घाट पर मौजूद लोगों ने एक बच्चे को बचा लिया, लेकिन 11 वर्षीय दूसरे बच्चे की डूबने से मौत हो गई। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर कार्रवाई शुरू की, हालांकि परिजनों ने पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया।
गुन्नौर तहसील क्षेत्र के गांव नंदरोली निवासी मुकेश कुमार अपने चचेरे भाई आकाश की शादी में शामिल होने हरियाणा के कैथल से परिवार सहित गांव आए थे। मंगलवार शाम राजपुर थाना क्षेत्र के गांव देवराभरा बारात जानी थी। बारात की तैयारियों के बीच मुकेश अपनी पत्नी मीरा देवी, बेटे यशकांत और छोटे भाई अमित कुमार के इकलौते बेटे 11 वर्षीय माधव के साथ इसामपुर डांडा गंगा घाट पर स्नान करने गए।
घाट पर पहुंचते ही दोनों बच्चे यशकांत और माधव उत्साह में गंगा में कूद गए, लेकिन गहराई का अंदाजा न होने के कारण दोनों डूबने लगे। शोर मचाने पर आसपास के लोगों ने बचाव कार्य शुरू किए। काफी प्रयास के बाद यशकांत को सुरक्षित निकाल लिया गया, लेकिन माधव को नहीं बचाया जा सका। इकलौते बेटे को खोने के बाद पिता अमित कुमार और मां सीमा देवी का रो-रोकर बुरा हाल है।
इकलौते बेटे की मौत से मातम में बदली खुशियां
गांव नंदरोली में मंगलवार को खुशियों का माहौल था। घर में शहनाइयां गूंज रही थीं, महिलाएं मंगल गीत गा रही थीं और हर कोई बारात की तैयारियों में जुटा था। चचेरे भाई की शादी की रौनक ने पूरे परिवार को उत्सव में सराबोर कर रखा था। लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था। बारात निकलने से पहले गंगा स्नान के लिए गए परिवार के बच्चों की मस्ती कुछ ही पलों में मातम में बदल गई। गंगा की लहरों में उतरे 11 वर्षीय माधव की डूबने से मौत हो गई, जबकि दूसरा बच्चा बचा लिया गया। माधव अपने पिता अमित कुमार का इकलौता चिराग था।
बारात की तैयारियां थम गई हैं और हर आंख नम है। मां सीमा देवी और पिता अमित कुमार का दर्द असहनीय है, इकलौते बेटे को खोने का दुख शब्दों से परे है। इस हादसे ने पूरे गांव को शोक में डुबो दिया है। खुशियों के बीच आया यह दर्दनाक हादसा एक कड़वी सच्चाई छोड़ गया। कभी-कभी एक पल की घटना पूरी जिंदगी बदल देती है, और जलती हुई खुशियों के बीच अचानक किसी घर का इकलौता चिराग हमेशा के लिए बुझ जाता है।
लेखक के बारे में
Srishti Kunjसृष्टि कुंज एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें मीडिया इंडस्ट्री में एक दशक से अधिक का अनुभव है। वर्तमान में वह लाइव हिन्दुस्तान में कार्यरत हैं। उन्होंने पंजाब केसरी ग्रुप के नवोदय टाइम्स और इंडिया न्यूज जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों के साथ काम किया है, जहां उन्होंने नेशनल और दिल्ली डेस्क के लिए कंटेंट क्रिएशन और मल्टीमीडिया स्टोरीटेलिंग में अपनी स्किल्स को निखारा है। सृष्टि कुंज लाइव हिन्दुस्तान में लगभग 6 वर्षों से यूपी की टीम संग काम कर रही हैं। 2020 से वह हिन्दुस्तान डिजिटल के लिए उत्तर प्रदेश की राजनीति, क्राइम, स्वास्थ्य, शिक्षा और अन्य बीटों से जुड़ीं खबरें लिखती हैं। सृष्टि ने अपनी स्कूलिंग के बाद एनिमेशन की पढ़ाई की और फिर बतौर एनिमेटर एक विदेशी गेम के लिए कैरेक्टर डिजाइनिंग की। इसके बाद सृष्टि ने मॉस कम्यूनिकेशन और जर्नलिजम में स्नातक की डिग्री हासिल की। एक दशक से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय सृष्टि ने जर्नलिज्म एंड मास कॉम में डिग्री लेकर पंजाब केसरी ग्रुप के दिल्ली संस्करण नवोदय टाइम्स की डिजिटल टीम के साथ अपने करियर की शुरुआत की थी। 3 साल नवोदय टाइम्स से जुड़े रहने के बाद सृष्टि ने इंडिया न्यूज की डिजिटल टीम (इनखबर) की नेशनल डेस्क के साथ भी काम किया। 2020 से सृष्टि लाइव हिन्दुस्तान की डिजिटल टीम के साथ अब ट्रेंड्स के अनुसार पाठकों तक यूपी की हर खबर को पहुंचा रही हैं।
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