यूपी में फ्लैट या प्लॉट खरीदने की तैयारी कर रहे लोगों को बड़ी राहत, मिलने जा रहीं यह सुविधाएं

लखनऊ, प्रमुख संवाददाता
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उत्तर प्रदेश में फ्लैट या प्लाट खरीदने की तैयारी करने वालों को बड़ी राहत मिलने वाली है। रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी (UP RERA) अपना 'पोर्टल 2.0' लॉन्च करने जा रहा है, जो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से लैस होगा। 

यूपी में फ्लैट या प्लॉट खरीदने की तैयारी कर रहे लोगों को बड़ी राहत, मिलने जा रहीं यह सुविधाएं

उत्तर प्रदेश में घर या प्लॉट खरीदने की योजना बना रहे लोगों के लिए राहत की खबर है। उत्तर प्रदेश रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी (यूपी रेरा) जल्द ही अपना एडवांस पोर्टल 2.0 लॉन्च करने जा रहा है। इसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) की सुविधा दी जाएगी। इस नई व्यवस्था के जरिए खरीदार अब मिनटों में यह जान सकेंगे कि कौन बिल्डर भरोसेमंद है और कौन धोखेबाज।

एआई से मिलेगी बिल्डरों की पूरी जानकारी: नए पोर्टल 2.0 शुरू होने के बाद कोई भी व्यक्ति सीधे एआई से सवाल पूछ सकेगा कि किस बिल्डर के खिलाफ कितनी शिकायतें हैं, कौन डिफॉल्टर है, किसने ग्राहकों को ठगा है और कौन समय पर मकान दे रहा है। एआई सवालों के जवाब डेटा के आधार पर तुरंत देगा। साथ ही हर बिल्डर के खिलाफ शिकायतों का प्रतिशत भी बताएगा। इससे रियल एस्टेट सेक्टर में पारदर्शिता बढ़ेगी और लोगों को ठगी से बचाया जा सकेगा।

रेरा के अध्यक्ष संजय भूस रेड्डी ने बताया कि संस्था के गठन के 9 साल पूरे हो चुके हैं और अब यह 10वें वर्ष में प्रवेश कर चुका है। उन्होंने यह भी कहा कि अब हर साल 1 मई को रेरा दिवस मनाया जाएगा।

आवासीय-व्यावसायिक इकाइयों में महत्वपूर्ण वृद्धि

रेरा चेयरमैन ने बताया कि वर्ष 2024 में 69,365 इकाइयां और वर्ष 2025 में 84,976 आवासीय इकाइयां प्रस्तावित की गईं, जो राज्य में बढ़ती मांग और मजबूत निवेश भावना को दर्शाती हैं। वर्ष 2025 में संख्या पिछले वर्ष की तुलना में 22.5 % अधिक रही, जो घर खरीदारों के लिए उपलब्ध इन्वेंट्री में उल्लेखनीय वृद्धि को दर्शाती है। 2026 के पहले चार महीनों में 33,206 इकाइयों के निर्माण का प्रस्ताव।

1000 रुपये में वारिस के नाम ट्रांसफर होगी सम्पत्ति

रेरा ने राहत देते हुए संपत्ति ट्रांसफर के नियमों में बदलाव किया है। यदि किसी खरीदार की सम्पत्ति की रजिस्ट्री से पहले मौत हो जाती है, तो संपत्ति वारिस के नाम करने के लिए बिल्डर को सिर्फ 1000 शुल्क देना होगा। पहले 400 से 500 रुपये प्रति वर्ग फुट शुल्क वसूले जाते थे। यदि संपत्ति किसी अन्य व्यक्ति को ट्रांसफर की जाती है, तो अधिकतम 5000 शुल्क होगा। खरीदार पहले ही राशि दे चुका होता है इसलिए बदलाव किया गया।

30 बिल्डर डिफॉल्टर, 47.52 करोड़ का जुर्माना

रेरा ने नियमों का उल्लंघन करने वाले बिल्डरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई भी की है। अध्यक्ष संजय भूस रेड्डी के अनुसार, 30 बिल्डरों के 72 प्रोजेक्ट ऐसे पाए गए जिन्होंने लाइसेंस का नवीनीकरण नहीं कराया और जरूरी जानकारी भी उपलब्ध नहीं कराई। इन सभी को डिफॉल्टर घोषित करते हुए कुल 47.52 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया गया है।

गिनाई उपलब्धियां

यूपी रेरा चेयरमैन के मुताबिक वर्ष 2023 में 197 नए प्रोजेक्ट पंजीकृत हुए, वर्ष 2024 में 259 और वर्ष 2025 में 308 प्रोजेक्ट पंजीकृत हुए। इस प्रकार वर्ष 2025 में यूपी रेरा में पंजीकृत परियोजनाओं की संख्या में 19 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। यह गति वर्ष 2026 के पहले चार महीनों में और तेज हुई है। इस अवधि में 106 नए प्रोजेक्ट पंजीकृत हुए, जो वर्ष 2025 की समान अवधि की तुलना में 22 अधिक हैं, 19% की अच्छी वृद्धि।

एक नजर में कार्रवाई

-रेरा ने 6,252 रिकवरी सर्टिफिकेट जारी किए

-इसके माध्यम से प्रमोटरों से ₹1,581 करोड़ की राशि वसूलकर खरीदारों को लौटाई

-समझौते के माध्यम से 1,777 रिकवरी सर्टिफिकेट के विरुद्ध ₹545 करोड़ ग्राहकों को दिलाए

-8,029 आवंटियों को ₹2,126 करोड़ की लंबित राशि प्राप्त हुई है।

-रेरा पीठों के समक्ष 3,095 मामलों में ₹1,883 करोड़ हुआ

Yogesh Yadav

लेखक के बारे में

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योगेश यादव लाइव हिन्दुस्तान में पिछले छह वर्षों से यूपी सेक्शन को देख रहे हैं। यूपी की राजनीति, क्राइम और करेंट अफेयर से जुड़ी खबरों को कवर करने की जिम्मेदारी निभा रहे हैं। यूपी की राजनीतिक खबरों के साथ क्राइम की खबरों पर खास पकड़ रखते हैं। यूपी में हो रहे विकास कार्यों, शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों में आ रहे बदलाव के साथ यहां की मूलभूत समस्याओं पर गहरी नजर रखते हैं।

पत्रकारिता में दो दशक का लंबा अनुभव रखने वाले योगेश ने डिजिटल से पहले प्रिंट में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई। लम्बे समय तक हिन्दुस्तान वाराणसी में सिटी और पूर्वांचल के नौ जिलों की अपकंट्री टीम को लीड किया है। वाराणसी से पहले चड़ीगढ़ और प्रयागराज हिन्दुस्तान को लांच कराने वाली टीम में शामिल रहे। प्रयागराज की सिटी टीम का नेतृत्व भी किया।

बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से बीकॉम में ग्रेजुएट और बनारस की ही काशी विद्यापीठ से मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएट योगेश ने कई स्पेशल प्रोजेक्ट पर काम भी किया है। राष्ट्रीय नेताओं के दौरों को कवर करते हुए उनके इंटरव्यू किये। नेताजी सुभाष चंद्र बोस की मौत से जुड़े रहस्यों पर हिन्दुस्तान के लिए सीरीज भी लिख चुके हैं।

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