
अब स्वचालित सेंसर से प्रदूषण पर रहेगी पैनी नजर, सूरज की ऊर्जा का होगा इस्तेमाल
प्रयागराज में मोतीलाल नेहरू राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एमएनएनआईटी) में अब हानिकारक गैस और वाष्प की पहचान रियल टाइम में करने वाली नई तकनीक पर काम शुरू हो गया है। यह तकनीक स्वास्थ्य और पर्यावरण सुरक्षा के क्षेत्र में अहम साबित होगी।
यूपी के प्रयागराज में मोतीलाल नेहरू राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एमएनएनआईटी) में अब हानिकारक गैस और वाष्प की पहचान रियल टाइम में करने वाली नई तकनीक पर काम शुरू हो गया है। यह तकनीक स्वास्थ्य और पर्यावरण सुरक्षा के क्षेत्र में अहम साबित होगी। संस्थान के इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग (ईसीई) विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. दीपक पुनेठा को इस शोध परियोजना के लिए काउंसिल ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी, उत्तर प्रदेश (यूपीसीएसटी) से ग्रांट मिली है।
इस परियोजना के तहत ऐसे स्मार्ट सेंसर विकसित किए जाएंगे जो बाहरी बिजली पर निर्भर नहीं होंगे। ये सेंसर खुद ही ऊर्जा उत्पन्न कर काम करेंगे, जिससे इन्हें दूर-दराज और संवेदनशील क्षेत्रों में भी आसानी से उपयोग किया जा सकेगा। शोध में सौर ऊर्जा और ट्राइबोइलेक्ट्रिक नैनोजेनरेटर का इस्तेमाल किया जा रहा है। इन दोनों तकनीकों की मदद से सेंसर को लगातार ऊर्जा मिलती रहेगी और यह लंबे समय तक बिना रुकावट काम कर सकेगा।
यह सेंसर हवा में मौजूद हानिकारक गैसों और वाष्प की तुरंत पहचान कर सकेगा। इससे स्वास्थ्य पर पड़ने वाले खतरों की समय रहते जानकारी मिल पाएगी और आवश्यक कदम उठाए जा सकेंगे। परियोजना में मशीन लर्निंग का भी अहम रोल होगा। सेंसर से मिलने वाले डाटा का विश्लेषण मशीन लर्निंग एल्गोरिद्म के जरिए किया जाएगा, जिससे परिणाम अधिक सटीक और भरोसेमंद होंगे।
स्वास्थ्य सेवाओं को मिलेगी नई दिशा
वैज्ञानिकों का कहना है कि यह तकनीक रियल-टाइम हेल्थकेयर मॉनीटरिंग में उपयोगी साबित होगी। खासकर अस्पतालों, औद्योगिक क्षेत्रों और प्रदूषण प्रभावित इलाकों में इसका व्यापक उपयोग किया जा सकेगा। परियोजना का मुख्य उद्देश्य कम लागत, अधिक संवेदनशील और भरोसेमंद तकनीक विकसित करना है। इससे भविष्य में बीमारियों की समय रहते पहचान संभव हो सकेगी और स्वास्थ्य सेवाओं को नई दिशा मिलेगी।

लेखक के बारे में
Srishti Kunjसृष्टि कुंज लाइव हिन्दुस्तान में लगभग 6 वर्षों से यूपी की टीम संग काम कर रही हैं। एक दशक से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय सृष्टि ने जर्नलिज्म एंड मास कॉम में डिग्री लेकर पंजाब केसरी ग्रुप की डिजिटल टीम के साथ अपने करियर की शुरुआत की थी। सृष्टि ने इंडिया न्यूज के साथ भी लंबे समय तक काम किया। 2020 से वह उत्तर प्रदेश की राजनीति, क्राइम, स्वास्थ्य, शिक्षा और अन्य बीटों से जुड़ीं खबरें लिखती हैं।
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