
अनियंत्रित कार के टकराने के बाद टैंकर से गैस लीक, 15-20 किलोमीटर तक लगी गाड़ियों की लाइन
यूपी के प्रयागराज में राष्ट्रीय राजमार्ग-19 पर बुधवार को एनएचएआई और अग्निशमन विभाग की तत्परता से बड़ा हादसा टल गया। ज्वलनशील गैस प्रोपीलीन का हाईवे पर रिसाव होने से लगभग तीन घंटे तक अफरातफरी मची रही।
यूपी के प्रयागराज में राष्ट्रीय राजमार्ग-19 पर बुधवार को एनएचएआई और अग्निशमन विभाग की तत्परता से बड़ा हादसा टल गया। ज्वलनशील गैस प्रोपीलीन का हाईवे पर रिसाव होने से लगभग तीन घंटे तक अफरातफरी मची रही। आननफानन में हाईवे की दोनों लेन पर जहां यातायात रोक दिया गया, तो वहीं सड़क से गुजरने वालों और ग्रामीणों के होश उड़े रहे। विभागीय अधिकारियों की मानें तो थोड़ी सी चूक होने पर बड़ा हादसा हो सकता था।
थरवई इलाके में बेरुई गांव के पास नेशनल हाईवे पर दोपहर लगभग 12 बजे से अनियंत्रित कार के टैंकर से टकराने के चंद मिनट बाद ही एनएचएआई के सीसीटीवी कंट्रोल रूम से खतरे की सूचना दी गई। बिना समय गंवाए एनएचएआई के सेफ्टी मैनेजर अभिषेक यादव व प्रदीप यादव टीम के साथ पहुंचे।
जहां गैस का तेजी से रिसाव देख तत्काल हाईवे पर आवागमन रोकने का अलर्ट जारी किया गया। घटनास्थल से दोनों तरफ 500-500 मीटर की दूरी पर तत्काल बैरिकेड्स लगाकर यातायात रोक दिया गया। उधर, अग्निशमन विभाग के सीएफओ सीएम शर्मा भी टीम के साथ पहुंच गए। अग्निशमन विभाग की लगातार फायर टेंडर गाड़ियों को मंगाया जाता रहा। लगभग 10 गाड़ियों से लगातार गैस रिसाव वाली जगह पर पानी का छिड़काव किया जाता रहा। ताकि गैस को हवा के साथ मिलकर हाईवे और आसपास के गांवों में फैलने से रोका जा सके। गैस का रिसाव कम होने और घटनास्थल से टैंकर को हटाए जाने के बाद सभी ने राहत की सांस ली।
बेरुई गांव के समीप टैंकर से गैस रिसाव होने के कारण जब राष्ट्रीय राजमार्ग पर आवागमन रोक दिया गया तो दोनों ओर की लेन पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। थरवई इलाके में बेरुई गांव के समीप हाईवे पर गुरुवार दोपहर गैस टैंकर में घुसी कार को बचाव कर्मियों ने बड़ी मशक्कत के बाद बाहर निकाला।
गैस रिसाव देख चालक की छूटी हिम्मत
लगभग ढाई घंटे तक पानी के बौछार के बीच किसी तरह सावधानी पूर्वक दुर्घटनाग्रस्त कार को टैंकर के अंदर से बाहर निकला गया। सीएफओ सीएम शर्मा ने साहस दिखाते हुए खुद ही टैंकर के टूटे वॉल्व से गैस का रिसाव रोकने के लिए लोहे की गुल्ली लगाई। हालांकि, चालक प्रवेश कुमार इसके बाद टैंकर स्टार्ट कर घटनास्थल से हटाने की हिम्मत नहीं कर रहा था। किसी तरह समझाने के बाद फायर टेंडर की तीन गाड़ियां साथ-साथ चलने पर चालक ने टैंकर ले जाकर रिंगरोड किनारे खड़ी की।
ग्रामीणों को अलर्ट रहने की दी सलाह
घटनास्थल से थोड़ी दूर पर बेरुई गांव की घनी बस्ती है। ज्वलनशील गैस के रिसाव को देखते हुए एनएचएआई की टीम लगातार लाउड हेलर से ग्रामीणों को अलर्ट रहने की सलाह देती रही। ग्रामीणों ने घरों में आग नहीं जलाने, मोबाइल का इस्तेमाल नहीं करने, गैस से दिक्कत होने पर पानी का सेवन करने जैसे सूचनाएं दी जाती रही। हालांकि, घटनास्थल से थोड़ी दूर पर ग्रामीणों की भीड़ भी देखने को मिली। पुलिस बार-बार ग्रामीणों को हटाने की कोशिश करती रही।
मुख्य अग्निशमन अधिकारी, सीएम शर्मा ने कहा कि प्रोपीलीन अत्यधिक ज्वलनशील गैस होती है। थोड़ी सी लापरवाही से विस्फोट, दम घुटने व पाला पड़ने का खतरा होता है। हालांकि, सावधानीपूर्वक लगातार पानी का बौछार कर गैस को फैलने से रोका गया। गैस का रिसाव रोक कर घटनास्थल से टैंकर को हटवा दिया गया है।





