अस्पताल में मारपीट से हुई मरीज की मौत, गेट पर छोड़कर फरार हो गए आरोपी
प्रयागराज के बेली अस्पताल में मारपीट से मरीज की मौत हुई थी। पुलिस ने मामले में खुलासा कर दिया है। मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार भी किया गया है। आरोपी पिटाई के बाद बेहोशी की हालत में गेट पर छोड़कर फरार हो गए थे।

यूपी में प्रयागराज के बेली अस्पताल में भर्ती 42 वर्षीय मरीज मनोज कुमार की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। कैंट पुलिस की जांच में पता चला कि मनोज की अस्पताल के वार्ड ब्वॉय इरफान और उसके साथी जितेंद्र कुमार द्वारा बेरहमी से पिटाई की वजह से मौत हुई थी। पुलिस ने मंगलवार को दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेशी के बाद जेल भेज दिया।
कीडगंज के मनोज कुमार को परिजनों ने चार जुलाई को बेली अस्पताल में भर्ती कराया था। पांच जुलाई की देर रात मनोज संदिग्ध हालात में वार्ड से लापता हो गया और छह जुलाई की सुबह अस्पताल गेट पर मृत मिला था। मृतक की पत्नी रिंकी की तहरीर पर कैंट पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच की, तो मामले का खुलासा हुआ।
पुलिस के अनुसार, मानसिक रूप से बीमार मनोज पांच जुलाई की देर रात भर्ती वार्ड से बाहर निकलकर अस्पताल परिसर की आवासीय कॉलोनी पहुंच गया। जहां एक आवास का दरवाजा खटखटाने लगा। आसपास के लोग जुट गए। इसी दौरान अस्पताल का वार्ड ब्वॉय इरफान और उसका साथी जीतेंद्र भी पहुंच गए। दोनों ने मनोज के साथ मारपीट की। सिर और शरीर के अन्य हिस्सों में गंभीर चोटें लगने से मनोज बेहोश हो गया। उसे अस्पताल गेट के पास छोड़कर फरार हो गए थे।
अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
इस घटना ने बेली अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। वार्ड में भर्ती मरीज देर रात अस्पताल से निकलकर आवासीय कॉलोनी तक पहुंचने और पिटाई से मौत के लिए विभागीय लापरवाही भी उजागर हुई है। उधर, बेली अस्पताल की सीएमएस डॉ. भावना शर्मा का कहना है कि अस्पताल में मरीज की मौत की जांच के लिए गठित पांच सदस्यीय समिति की ओर से रिपोर्ट अभी नहीं मिली है। घटना में लिप्त वार्ड ब्वॉय इरफान की ड्यूटी हाईकोर्ट में लगी थी।
भाई के आरोप- किसी ने नहीं की मदद
मलाकराज निवासी 42 वर्षीय मनोज कुमार पुत्र श्रीनाथ को चार जुलाई को पेट में परेशानी होने पर तेज बहादुर सप्रू अस्पताल (बेली) में भर्ती कराया गया था। अस्पताल में साथ मौजूद रहे उनके बड़े भाई काजू के मुताबिक मनोज नई बिल्डिंग के वार्ड नंबर तीन में भर्ती था। उनका आरोप है कि पांच जुलाई की देर रात उनके भाई के साथ वार्ड के भीतर ही तीन-चार अज्ञात लोगों ने मारपीट की। वह बीमार भाई को बचाने के लिए गिड़गिड़ाता रहा लेकिन हमलावरों ने एक न सुनी।
वहां मौजूद अस्पताल स्टाफ ने भी कुछ नहीं किया। उल्टे मारपीट के बाद रात में ही जबरन उनसे अंगूठा लगवाकर मनोज को अस्पताल से बाहर कर दिया गया। इसी आपाधापी के बीच मनोज उनकी नजरों से ओझल हो गया। वह रातभर उसे तलाशते रहे । सोमवार सुबह पता चला कि अस्पताल के गेट नंबर दो के पास मनोज का शव मिला था, जिसे कैंट पुलिस ने अज्ञात में पोस्टमार्टम हाउस भेज दिया है। मनोज के परिवार में पत्नी रिंकी और एक बेटा है।
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Srishti Kunjसृष्टि कुंज एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें मीडिया इंडस्ट्री में एक दशक से अधिक का अनुभव है। वर्तमान में वह लाइव हिन्दुस्तान में कार्यरत हैं। उन्होंने पंजाब केसरी ग्रुप के नवोदय टाइम्स और इंडिया न्यूज जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों के साथ काम किया है, जहां उन्होंने नेशनल और दिल्ली डेस्क के लिए कंटेंट क्रिएशन और मल्टीमीडिया स्टोरीटेलिंग में अपनी स्किल्स को निखारा है। सृष्टि कुंज लाइव हिन्दुस्तान में लगभग 6 वर्षों से यूपी की टीम संग काम कर रही हैं। 2020 से वह हिन्दुस्तान डिजिटल के लिए उत्तर प्रदेश की राजनीति, क्राइम, स्वास्थ्य, शिक्षा और अन्य बीटों से जुड़ीं खबरें लिखती हैं। सृष्टि ने अपनी स्कूलिंग के बाद एनिमेशन की पढ़ाई की और फिर बतौर एनिमेटर एक विदेशी गेम के लिए कैरेक्टर डिजाइनिंग की। इसके बाद सृष्टि ने मॉस कम्यूनिकेशन और जर्नलिजम में स्नातक की डिग्री हासिल की। एक दशक से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय सृष्टि ने जर्नलिज्म एंड मास कॉम में डिग्री लेकर पंजाब केसरी ग्रुप के दिल्ली संस्करण नवोदय टाइम्स की डिजिटल टीम के साथ अपने करियर की शुरुआत की थी। 3 साल नवोदय टाइम्स से जुड़े रहने के बाद सृष्टि ने इंडिया न्यूज की डिजिटल टीम (इनखबर) की नेशनल डेस्क के साथ भी काम किया। 2020 से सृष्टि लाइव हिन्दुस्तान की डिजिटल टीम के साथ अब ट्रेंड्स के अनुसार पाठकों तक यूपी की हर खबर को पहुंचा रही हैं।
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