अंग्रेजों के जमाने के 160 साल पुराने पुल पर सरपट दौड़ीं रेलगाड़ियां, अब स्पैन बदलकर फिर चालू

Srishti Kunj पीयूष श्रीवास्तव, प्रयागराज
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यूपी के प्रयागराज में यमुना नदी पर बना ऐतिहासिक पुल करीब 160 साल तक बिना बड़े बदलाव के रेलगाड़ियों का भार झेलता रहा। इस पुल की पटरियों पर डेढ़ सदी से अधिक समय तक ट्रेनें सरपट दौड़ती रहीं, लेकिन पहली बार इसके पुराने कॉर्नर स्पैन को बदलने की नौबत आई।

अंग्रेजों के जमाने के 160 साल पुराने पुल पर सरपट दौड़ीं रेलगाड़ियां, अब स्पैन बदलकर फिर चालू

यूपी के प्रयागराज में यमुना नदी पर बना ऐतिहासिक पुल करीब 160 साल तक बिना बड़े बदलाव के रेलगाड़ियों का भार झेलता रहा। इस पुल की पटरियों पर डेढ़ सदी से अधिक समय तक ट्रेनें सरपट दौड़ती रहीं, लेकिन पहली बार इसके पुराने कॉर्नर स्पैन को बदलने की नौबत आई। उत्तर मध्य रेलवे ने पुल के दोनों किनारों के शोर स्पैन को बदलकर इसे फिर से सुरक्षित संचालन के लिए तैयार कर दिया है।

अंग्रेजों के जमाने में 15 अगस्त 1865 को शुरू हुआ यह पुल उस दौर की इंजीनियरिंग क्षमता का उत्कृष्ट उदाहरण माना जाता है। खास बात यह है कि इस पुल पर रेल और सड़क दोनों का संचालन होता है। एक ही ढांचे पर दोहरे उपयोग की यह व्यवस्था आज भी लोगों को आकर्षित करती है। लंबे समय से निरंतर उपयोग के कारण पुल के किनारों वाले हिस्सों पर दबाव बढ़ गया था, जिसे देखते हुए रेलवे ने इनके नवीनीकरण का निर्णय लिया।

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एनसीआर के वरिष्ठ पीआरओ डॉ. अमित मालवीय ने बताया कि वर्ष 1911 में इस पुल का दोहरीकरण किया गया था, जबकि 1929 में री-गर्डरिंग का कार्य हुआ था। इसके बाद से पुल लगातार सेवा दे रहा था। 160 वर्षों के लंबे उपयोग के बाद पहली बार इसके दोनों कॉर्नर के शोर स्पैन को नए स्टील गर्डर से बदला गया है। पुराने 2×9.15 मीटर के स्पैन हटाकर नए 2×9.1 मीटर के मजबूत स्टील गर्डर लगाए गए हैं।

यह कार्य चरणबद्ध तरीके से किया गया। 27 मार्च 2026 को अप लाइन का पहला शोर स्पैन लॉन्च किया गया, जबकि 28 मार्च को डाउन लाइन का दूसरा स्पैन स्थापित किया गया। इस दौरान इंजीनियरिंग, परिचालन और बिजली विभाग की टीमों ने समन्वय के साथ काम किया। सीमित समय में चुनौतीपूर्ण तकनीकी प्रक्रिया पूरी कर पुल को दोबारा चालू कर दिया गया।

रेलवे अधिकारियों का कहना है कि स्पैन बदलने से पुल की मजबूती बढ़ेगी और इस व्यस्त रेल खंड पर ट्रेनों का संचालन अधिक सुरक्षित और सुचारु हो सकेगा। ऐतिहासिक महत्व वाले इस पुल का आधुनिकीकरण रेलवे की प्राथमिकता में शामिल है, ताकि आने वाले वर्षों में भी इस पर रेलगाड़ियां इसी तरह सरपट दौड़ती रहें।

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सृष्टि कुंज एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें मीडिया इंडस्ट्री में एक दशक से अधिक का अनुभव है। वर्तमान में वह लाइव हिन्दुस्तान में कार्यरत हैं। उन्होंने पंजाब केसरी ग्रुप के नवोदय टाइम्स और इंडिया न्यूज जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों के साथ काम किया है, जहां उन्होंने नेशनल और दिल्ली डेस्क के लिए कंटेंट क्रिएशन और मल्टीमीडिया स्टोरीटेलिंग में अपनी स्किल्स को निखारा है। सृष्टि कुंज लाइव हिन्दुस्तान में लगभग 6 वर्षों से यूपी की टीम संग काम कर रही हैं। 2020 से वह हिन्दुस्तान डिजिटल के लिए उत्तर प्रदेश की राजनीति, क्राइम, स्वास्थ्य, शिक्षा और अन्य बीटों से जुड़ीं खबरें लिखती हैं। सृष्टि ने अपनी स्कूलिंग के बाद एनिमेशन की पढ़ाई की और फिर बतौर एनिमेटर एक विदेशी गेम के लिए कैरेक्टर डिजाइनिंग की। इसके बाद सृष्टि ने मॉस कम्यूनिकेशन और जर्नलिजम में स्नातक की डिग्री हासिल की। एक दशक से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय सृष्टि ने जर्नलिज्म एंड मास कॉम में डिग्री लेकर पंजाब केसरी ग्रुप के दिल्ली संस्करण नवोदय टाइम्स की डिजिटल टीम के साथ अपने करियर की शुरुआत की थी। 3 साल नवोदय टाइम्स से जुड़े रहने के बाद सृष्टि ने इंडिया न्यूज की डिजिटल टीम (इनखबर) की नेशनल डेस्क के साथ भी काम किया। 2020 से सृष्टि लाइव हिन्दुस्तान की डिजिटल टीम के साथ अब ट्रेंड्स के अनुसार पाठकों तक यूपी की हर खबर को पहुंचा रही हैं।

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