यूपी पुलिस को 4 साल बाद मिलने जा रहा स्थायी डीजीपी, दिल्ली की बैठक में ये 3 नाम तय
यूपी पुलिस को 4 साल बाद स्थायी डीजीपी मिलने जा रहा है। दिल्ली में हुई बैठक यूपी पुलिस के डीजीपी के दावेदारों के नामों पर विमर्श किया गया। अधिकारियों के नामों पर विचार-विमर्श के बाद तीन नाम तय कर लिए हैं।

UP DGP: यूपी में चार वर्ष बाद पूर्णाकालिक डीजीपी की नियुक्ति जल्द होगी। नई दिल्ली में मंगलवार को संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की बैठक में यूपी पुलिस के डीजीपी के दावेदारों के नामों पर विमर्श किया गया। बैठक में मुख्य सचिव एसपी गोयल व प्रमुख सचिव गृह संजय प्रसाद भी मौजूद रहे।आयोग ने वरिष्ठता सूची में शामिल अधिकारियों के नामों पर विचार-विमर्श के बाद तीन नाम तय कर लिए हैं। आयोग बुधवार को तीन नामों का पैनल राज्य सरकार को भेज सकता है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पैनल में शामिल तीन नामों में से एक अधिकारी का नाम पूर्णकालिक डीजीपी के लिए चुनेंगे।
सूत्रों का कहना है कि पैनल में वरिष्ठता क्रम में सबसे आगे 1990 बैच की आईपीएस अधिकारी रेणुका मिश्रा के अलावा 1991 बैच के आईपीएस अधिकारी पीयूष आनन्द और राजीव कृष्ण के नाम शामिल हैं। प्रस्ताव में वरिष्ठता क्रम के आधार पर 30 वर्ष की सेवा पूरी कर चुके उन अधिकारियों के नाम शामिल थे, जिनका छह माह से अधिक का कार्यकाल शेष है। वरिष्ठता सूची में दूसरा नाम 1991 बैच के आईपीएस अधिकारी आलोक शर्मा का नाम है। हालांकि वर्तमान में केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर डीजी एसपीजी के पद पर तैनात आलोक शर्मा का कार्यकाल अगले माह पूरा हो रहा है। ऐसे में कार्यवाहक डीजीपी राजीव कृष्ण के ही पूर्णकालिक डीजीपी बनने की उम्मीद सबसे अधिक मानी जा रही है। रेणुका मिश्रा डीजीपी मुख्यालय से संबद्ध हैं और पीयूष आनन्द वर्तमान में डीजी एनडीआरएफ के पद पर तैनात हैं।
सुप्रीम कोर्ट ने बीते दिनों सभी राज्यों को पूर्णकालिक डीजीपी की तैनाती के लिए प्रस्ताव केंद्र को भेजने का निर्देश दिया था। यूपी में मुकुल गोयल की अंतिम पूर्णाकालिक डीजीपी के रूप में तैनाती हुई थी। 11 मई, 2022 को मुकुल गोयल को डीजीपी के पद से हटा दिया गया था। इसके उपरांत डा.डीएस चौहान, आरके विश्वकर्मा, विजय कुमार व प्रशांत कुमार कार्यवाहक डीजीपी के रूप में तैनात रहे। वर्तमान में 1991 बैच के आईपीएस अधिकारी राजीव कृष्ण लगातार पांचवें कार्यवाहन डीजीपी के रूप में तैनात हैं।
यूपी के छह आईपीएस अधिकारी केंद्र में इंपैनल
यूपी के छह आईपीएस अधिकारियों का केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर जाने का रास्ता साफ हो गया है। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने केंद्र में आईजी के पद पर इंपैनल किए गए देश के 68 आईपीएस अधिकारियों की सूची जारी की है। इनमें यूपी कैडर के आईपीएस अधिकारी किरन एस, जोगेन्दर कुमार, आनंद सुरेशराव कुलकर्णी, अमित वर्मा, विनोद कुमार सिंह व रवि शंकर छबि के नाम शामिल हैं।
लेखक के बारे में
Deep Pandeyदीप नरायन पांडेय लाइव हिन्दुस्तान में पिछले आठ सालों से यूपी की खबरें करते हैं। डिजिटल, टीवी और प्रिंट जर्नलिज्म में 15 साल से अधिक का अनुभव रखने वाले दीप नरायन पांडेय वरिष्ठ पत्रकार हैं। दीप अब डिजिटल मीडिया के जाने माने नाम बन गए हैं। दीप हिंदी भाषा की डिजिटल पत्रकारिता के नए आयामों को बेहतर समझते हैं। यूपी की राजनीति के साथ क्राइम की खबरों पर अच्छी पकड़ है। सामाजिक, इंफ्रास्ट्रक्चर, पर्यटन, शिक्षा और हेल्थ पर भी लिखते हैं। दीप पाठकों की पसंद को समझने और उसी तरह से न्पूज प्रस्तुत करने में माहिर हैं। दीप सरल भाषा में खबरों को पाठकों तक पहुंचाते हैं। खबर लिखने के अलावा साहित्य पढ़ने-लिखने में भी रुचि रखते हैं। मास कम्युनिकेशन में बीए और एमए दीप नरायन पांडेय मूल रूप से उत्तर प्रदेश के गोंडा के रहने वाले हैं। दीप ने पत्रकारिता की शुरुवात लखनऊ से की। टीवी चैनल से करियर का आगाज करने वाले दीप इसके बाद प्रिंट अमर उजाला लखनऊ में भी रहे। हिन्दुस्तान प्रिंट में वाराणसी, गोरखपुर, फिर लखनऊ में कार्य के दौरान विभिन्न जिलों के डेस्क इंचार्ज रहे हैं। यूपी विधानसभा चुनाव 2012, 2017, 2022, लोकसभा चुनाव, पंचायत चुनावों के दौरान बेहतर कवरेज कर चुके हैं।
और पढ़ें

