
यूपी पुलिस को फिर चुनौती; झगड़े की जांच करने गई टीम पर ही हमला, दारोगा की फाड़ी वर्दी
यूपी के आगरा में पुलिस टीम पर ही दबंगों ने हमला बोल दिया। इस घटना में दो उप निरीक्षकों (दारोगा) से धक्का-मुक्की की गई, एक दारोगा की वर्दी फाड़ दी गई। हमलावरों ने पुलिस की बाइक की चाबी निकालकर आरोपी को छुड़ा लिया।
उत्तर प्रदेश पुलिस को एक बार फिर सीधी चुनौती मिली है। आगरा जिले के थाना अछनेरा क्षेत्र के गांव साधन में एक साधारण झगड़े की जांच करने पहुंची पुलिस टीम पर ही दबंगों ने हमला बोल दिया। इस घटना में दो उप निरीक्षकों (दारोगा) से धक्का-मुक्की की गई, एक दारोगा की वर्दी फाड़ दी गई। हमलावरों ने पुलिस की बाइक की चाबी निकालकर आरोपी को छुड़ा लिया। थाने से अतिरिक्त फोर्स पहुंचने तक दबंग फरार हो चुके थे। पूरी घटना ने पुलिस की ही सुरक्षा और सम्मान पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

घटना की शुरुआत गांव साधन में दो पक्षों के बीच झगड़े से हुई। गांव निवासी एक व्यक्ति ने इसकी शिकायत थाना अछनेरा में प्रार्थना पत्र देकर दी। मामले की गंभीरता को देखते हुए, उप निरीक्षक सरताज हुसैन और अतुल कुमार जांच के लिए गांव पहुंचे। मौके पर पहुंचकर पुलिस ने पूछताछ शुरू की। झगड़े में शामिल युवक कुलदीप उर्फ कल्लड़ को पूछताछ के लिए थाने लेकर जाने की कोशिश की। कुलदीप को पुलिस ने अपनी बाइक पर बैठा लिया। इसी दौरान कुलदीप का भाई अजीत उर्फ उनिया ने अचानक पुलिस की मोटरसाइकिल की चाबी निकाल ली। यह देख पुलिस टीम ने फटकार लगाई लेकिन इसके बजाय दबंगों का गुस्सा भड़क उठा।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, अजीत ने पुलिसकर्मियों से धक्का-मुक्की शुरू कर दी। एक दारोगा को जोरदार धक्का देकर गिरा दिया गया। इससे उसकी वर्दी फट गई। हमलावरों ने पुलिस के कब्जे से कुलदीप को छुड़ा लिया और मौके से फरार हो गए। पुलिस टीम ने तुरंत वायरलेस सेट से थाने को सूचना दी। थाने से दो गाड़ियों में अतिरिक्त पुलिस बल मौके पर पहुंची लेकिन तब तक दबंग अपने घर से भाग चुके थे। पुलिस को मौके से केवल एक बाइक बरामद की है।
एसीपी अछनेरा रामप्रवेश गुप्ता ने बताया कि पुलिस टीम शांतिपूर्वक जांच कर रही थी, लेकिन दबंगों ने कानून को चुनौती दी। उन्होंने कहा कि मुकदमा दर्ज किया जा रहा है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है। पुलिस ने भारतीय दंड संहिता की संबंधित धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है, इसमें सरकारी कर्मचारी पर हमला, बाधा डालना और मारपीट शामिल हैं।
पुलिस महकमे ने इस घटना को गंभीरता से लिया है। उच्च अधिकारियों को रिपोर्ट भेजी गई है। एसीपी गुप्ता ने आश्वासन दिया कि आरोपियों को जल्द पकड़ा जाएगा और ऐसे मामलों में सख्ती बरती जाएगी। यह घटना न केवल पुलिस की सुरक्षा पर सवाल उठाती है, बल्कि आम जनता में कानून के प्रति विश्वास को भी कमजोर करती है। यदि दबंगों पर त्वरित कार्रवाई नहीं हुई, तो ऐसी घटनाएं बढ़ सकती हैं। पुलिस को अब न केवल आरोपियों की गिरफ्तारी, बल्कि अपनी छवि सुधारने के लिए भी कदम उठाने होंगे।

लेखक के बारे में
Yogesh Yadavयोगेश यादव हिन्दुस्तान में डिप्टी न्यूज एडिटर के पद पर हैं।
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