ब्राह्मण समाज के खिलाफ हो रही साजिश, विनय शंकर तिवारी से अजय राय तक सरकार पर बरसे
दरोगा भर्ती परीक्षा में 'पंडित' शब्द के विवादित इस्तेमाल पर सपा नेता विनय शंकर तिवारी और पवन पांडेय के साथ ही कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने योगी सरकार को घेरा। नेताओं ने इसे ब्राह्मण समाज के खिलाफ एक सुनियोजित साजिश बताया।

UP Police Bharti: उत्तर प्रदेश पुलिस दारोगा भर्ती परीक्षा के प्रश्नपत्र में 'पंडित' शब्द के अपमानजनक संदर्भ को लेकर प्रदेश की सियासत में उबाल आ गया है। इस मुद्दे पर पूर्वांचल के कद्दावर ब्राह्मण परिवार के नेता विनय शंकर तिवारी से लेकर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय और सपा नेता पवन पांडेय ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। विपक्षी नेताओं का आरोप है कि भाजपा सरकार के दौरान एक सोची-समझी रणनीति के तहत ब्राह्मण समाज को अपमानित करने का काम किया जा रहा है।
सुनियोजित साजिश का आरोप
गोरखपुर के कद्दावर नेता और पूर्व मंत्री हरिशंकर तिवारी के बेटे और सपा नेता विनय शंकर तिवारी ने तीखा हमला करते हुए कहा कि भाजपा जब से सत्ता में आई है, उसने तय कर लिया है कि ब्राह्मण समाज का सदैव अपमान करना है। उन्होंने याद दिलाया कि कुछ दिन पहले ही केंद्रीय सेंसर बोर्ड ने 'घूसखोर पंडत' नाम की वेब सीरीज को इजाजत दी थी, जिसे भारी आक्रोश के बाद वापस लेना पड़ा। विनय शंकर ने कहा कि दरोगा भर्ती में पूछा गया सवाल कोई मानवीय चूक नहीं, बल्कि एक सुनियोजित साजिश का हिस्सा है।
'बाटी-चोखा' से लेकर 'बटुक' कांड तक का जिक्र
सपा नेता पवन पांडेय ने सरकार को घेरते हुए पूछा कि आज गृह विभाग और पुलिस विभाग किसके पास है? उन्होंने सवाल उठाया कि क्या सरकार दोषियों पर कार्रवाई करेगी? पांडेय ने कहा, "2017 से लगातार ब्राह्मण समाज के लोग मारे जा रहे हैं और फर्जी मुकदमों का सामना कर रहे हैं। जब कुछ ब्राह्मण विधायकों ने मिलकर 'बाटी-चोखा' खाया, तब उन पर चाबुक चला दिया गया। इसके बाद बटुक ब्राह्मणों के साथ जो हुआ, वह सबने देखा।" उन्होंने चेतावनी दी कि जिस समाज ने देश को आजादी दिलाई और ज्ञान दिया, वह अपने अपमान का बदला सरकार को सत्ता से हटाकर लेगा।
कांग्रेस ने बताया घटिया राजनीति की पराकाष्ठा
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने इस घटना को 'ब्राह्मण उत्पीड़न का नया अध्याय' करार दिया। उन्होंने कहा कि सत्ता के नशे में चूर भाजपा ने अपनों को ही हाशिए पर धकेल दिया है। अजय राय ने कहा, "जिस समाज ने भाजपा को अटल बिहारी वाजपेयी और दीनदयाल उपाध्याय जैसे महान ब्राह्मण नेता दिए, आज उसी समाज को 'अवसरवादी' के पर्याय के रूप में पेश किया जा रहा है। यह घटिया राजनीति की पराकाष्ठा है और अब अपमान बर्दाश्त से बाहर है।" कहा जा रहा है कि इस विवाद ने न केवल प्रशासनिक चूक को उजागर किया है, बल्कि आगामी चुनावों से पहले ब्राह्मण वोटों की नाराजगी ने भाजपा के लिए भी मुश्किल खड़ी कर दी है।
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Yogesh Yadavयोगेश यादव लाइव हिन्दुस्तान में पिछले छह वर्षों से यूपी सेक्शन को देख रहे हैं। यूपी की राजनीति, क्राइम और करेंट अफेयर से जुड़ी खबरों को कवर करने की जिम्मेदारी निभा रहे हैं। यूपी की राजनीतिक खबरों के साथ क्राइम की खबरों पर खास पकड़ रखते हैं। यूपी में हो रहे विकास कार्यों, शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों में आ रहे बदलाव के साथ यहां की मूलभूत समस्याओं पर गहरी नजर रखते हैं।
पत्रकारिता में दो दशक का लंबा अनुभव रखने वाले योगेश ने डिजिटल से पहले प्रिंट में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई। लम्बे समय तक हिन्दुस्तान वाराणसी में सिटी और पूर्वांचल के नौ जिलों की अपकंट्री टीम को लीड किया है। वाराणसी से पहले चड़ीगढ़ और प्रयागराज हिन्दुस्तान को लांच कराने वाली टीम में शामिल रहे। प्रयागराज की सिटी टीम का नेतृत्व भी किया।
बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से बीकॉम में ग्रेजुएट और बनारस की ही काशी विद्यापीठ से मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएट योगेश ने कई स्पेशल प्रोजेक्ट पर काम भी किया है। राष्ट्रीय नेताओं के दौरों को कवर करते हुए उनके इंटरव्यू किये। नेताजी सुभाष चंद्र बोस की मौत से जुड़े रहस्यों पर हिन्दुस्तान के लिए सीरीज भी लिख चुके हैं।


