नकद पेट्रोल-डीजल खरीदने के कारण बिगड़ा पंपों का गणित, यूपी में इस शहर के 9 पंप सूखे
यूपी के कानपुर में पेट्रोल और डीजल खरीदने के लिए नकद की बाध्यता ने पंप संचालकों की गणित बिगाड़ दी है। कानपुर नगर ही नहीं बल्कि मंडल के सभी जिलों पर इसका असर पड़ रहा हैं। शहर के नौ पंप सूख गए हैं। बचे हुए पंपों पर कम डीजल और पेट्रोल मिल रहा है। इससे पंप संचालक और जनता दोनों ही बेहाल हैं।
यूपी के कानपुर में पेट्रोल और डीजल खरीदने के लिए नकद की बाध्यता ने पंप संचालकों की गणित बिगाड़ दी है। कानपुर नगर ही नहीं बल्कि मंडल के सभी जिलों पर इसका असर पड़ रहा हैं। शहर के नौ पंप सूख गए हैं। बचे हुए पंपों पर कम डीजल और पेट्रोल मिल रहा है। इससे पंप संचालक और जनता दोनों ही बेहाल हैं। संचालकों को पूरा लोड ही नहीं मिल रहा है। इंडियन आयल और एचपीसीएल के पंपों पर तेल की कमी हो गई है। इससे संचालक शहरवासियों को कम-कम तेल दे रहे हैं। देर रात तक पंपों पर तेल भराने वालों की लंबी-लंबी लाइनें लग रही हैं।
दिन प्रतिदिन गैस के बाद अब पेट्रोल और डीजल का संकट गहराता जा रहा है। गैस कंपनियां निर्धारित मांग का सिर्फ आधे से भी कम डीजल और पेट्रोल दे रही हैं। वह भी पैसे का भुगतान नकद करना पड़ रहा है। अगर किसी के पास पैसा नहीं है तो उसको तेल नहीं मिल रहा है। भुगतान करने के 24 घंटे बाद डीजल व तेल की डिलीवरी मिल रही है। एक बार देने के बाद पंप संचालकों को कई-कई दिन लोड का इंतजार करना पड़ रहा है। मांग को देखते हुए आने वाले ग्राहकों को आधा-आधा तेल ही सिर्फ दिया जा रहा है।
गुरुवार को एचपीसीएल के राजरानी पेट्रोल पंप शिवराजपुर, प्रियांशी फिलिंग स्टेशन बकौठी, इंडियन आयल के सिंह फिलिंग स्टेशन किदवई नगर, बाजपेई फिलिंग स्टेशन सिविल लाइंस और एसके फिलिंग स्टेशन पनकी में पेट्रोल और डीजल दोनों ही खत्म हो गया। पंप पूरी तरह से सूख गया। पनकी के रज्जन आटो में सिर्फ डीजल खत्म था, इसलिए वहां से भी लोगों को लौटना पड़ा। शहर के बाहरी इलाकों में कई पंप सूख रहे।
डीजल न मिलने से किसान हो रहे परेशान
सजेती कस्बे के पाण्डेय फिलिंग स्टेशन में डीजल खत्म हो चुका है। मालिक रिंकू पाण्डेय ने बताया कि भुगतान किया जा चुका है, लेकिन अभी तक टैंकर नहीं आया। इस पंप के आसपास पांच किमी दूर तक कोई दूसरा पंप न होने के कारण वाहन चालकों के साथ ही फसल कटाई के लिए किसानों को मुसीबतें उठानी पड़ रही हैं। किसान सुरेश कुमार, राकेश, राजबहादुर आदि बताते हैं कि उन्हे कतराई के लिए डीजल नहीं मिल पा रहा है। जिससे फसल का काम पिछड़ रहा है। घाटमपुर कस्बे के भी एक पंप में डीजल की उपलब्धता नहीं थी। इसलिए तेल लेने वालों को दूर-दूर पंप में जाकर लाइन में लगना पड़ रहा है।
कृपया अपने अनुभव को रेट करें
लेखक के बारे में
Srishti Kunjसृष्टि कुंज एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें मीडिया इंडस्ट्री में एक दशक से अधिक का अनुभव है। वर्तमान में वह लाइव हिन्दुस्तान में कार्यरत हैं। उन्होंने पंजाब केसरी ग्रुप के नवोदय टाइम्स और इंडिया न्यूज जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों के साथ काम किया है, जहां उन्होंने नेशनल और दिल्ली डेस्क के लिए कंटेंट क्रिएशन और मल्टीमीडिया स्टोरीटेलिंग में अपनी स्किल्स को निखारा है। सृष्टि कुंज लाइव हिन्दुस्तान में लगभग 6 वर्षों से यूपी की टीम संग काम कर रही हैं। 2020 से वह हिन्दुस्तान डिजिटल के लिए उत्तर प्रदेश की राजनीति, क्राइम, स्वास्थ्य, शिक्षा और अन्य बीटों से जुड़ीं खबरें लिखती हैं। सृष्टि ने अपनी स्कूलिंग के बाद एनिमेशन की पढ़ाई की और फिर बतौर एनिमेटर एक विदेशी गेम के लिए कैरेक्टर डिजाइनिंग की। इसके बाद सृष्टि ने मॉस कम्यूनिकेशन और जर्नलिजम में स्नातक की डिग्री हासिल की। एक दशक से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय सृष्टि ने जर्नलिज्म एंड मास कॉम में डिग्री लेकर पंजाब केसरी ग्रुप के दिल्ली संस्करण नवोदय टाइम्स की डिजिटल टीम के साथ अपने करियर की शुरुआत की थी। 3 साल नवोदय टाइम्स से जुड़े रहने के बाद सृष्टि ने इंडिया न्यूज की डिजिटल टीम (इनखबर) की नेशनल डेस्क के साथ भी काम किया। 2020 से सृष्टि लाइव हिन्दुस्तान की डिजिटल टीम के साथ अब ट्रेंड्स के अनुसार पाठकों तक यूपी की हर खबर को पहुंचा रही हैं।
और पढ़ें

