यूपी पंचायत चुनाव में पहली बार ऐसे होगा तय आरक्षण, 6 महीने का समय; इलेक्शन के कब आसार?
UP Panchayat elections: यूपी पंचायत चुनाव में पहली बार समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग गठित कर ट्रिपल टेस्ट के आधार पर ओबीसी का आरक्षण तय किया जाएगा। आयोग के गठन के बाद छह महीने का समय दिया जाएगा।

UP Panchayat elections: यूपी में त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों में पहली बार समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग गठित कर ट्रिपल टेस्ट के आधार पर ओबीसी का आरक्षण तय किया जाएगा। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर वर्ष 2023 में नगर निकाय चुनावों में पहली बार इसे लागू कर आयोग गठित किया गया था। वर्ष 2021 के पंचायत चुनाव में रैपिड सर्वे से आरक्षण तय किया गया था। अब 10 जून को पंचायत चुनाव की अंतिम मतदाता सूची जारी होने की उम्मीदें हैं। फिर भी विधानसभा चुनाव से पहले पंचायत चुनाव होना आसान नहीं होगा। क्योंकि समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग का कार्यकाल जून से अगर शुरू हुआ तो यह नवंबर तक रहेगा। वहीं आयोग ने रिपोर्ट देने में समय लगाया तो शासन इसका कार्यकाल बढ़ा सकता है। ऐसे ज्यादा उम्मीद है कि पंचायत चुनाव विधानसभा चुनाव के बाद ही हो।
समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग का कार्यकाल छह महीने का तय किया गया है। अध्यक्ष व सदस्यों की नियुक्ति की प्रक्रिया इस महीने के अंत तक या जून के प्रथम सप्ताह में होने की उम्मीद है। यह आयोग पिछड़नेपन की प्रकृति व प्रभावों की समकालीन, सतत व अनुभवजन्य जांच और अध्ययन, पिछड़ा वर्ग के आंकड़े न होने पर सर्वे और फिर आरक्षण तय करेगा। पंचायत चुनाव समय पर न होने से ग्राम प्रधानों का कार्यकाल 26 मई को खत्म हो जाएगा। ऐसे में प्रशासक समिति के माध्यम से ग्राम प्रधानों का कार्यकाल बढ़ाने की तैयारी की जा रही है। पंचायती राज विभाग की ओर से शासन को प्रशासक समिति के माध्यम से पंचायत प्रतिनिधियों को ही बागडोर सौंपने का प्रस्ताव भेजा गया है।
कार्यकाल बढ़ाकर हमदर्दी हासिल करने का प्रयास कर सकती है सरकार
ग्राम प्रधान, ब्लॉक प्रमुख व जिला पंचायत अध्यक्षों का कार्यकाल प्रशासक समिति के माध्यम से बढ़ाकर भाजपा सरकार उनकी हमदर्दी हासिल करने का प्रयास कर सकती है। जो आगे विधानसभा चुनाव में उसके काम आ सकती है। वर्ष 2021 में पंचायत चुनाव रैपिड सर्वे से हुआ था और वर्ष 2015 के ओबीसी आंकड़े भी रखे गए थे। क्योंकि उत्तराखंड, मध्य प्रदेश व राजस्थान की तर्ज पर यूपी में भी पंचायत प्रतिनिधियों का कार्यकाल बढ़ाने की मांग जोर-शोर से उठाई जा रही है।
विपक्षी दल भी पंचायत चुनाव समय पर कराए जाने को लेकर शांत
वर्ष 2021 में पंचायत चुनाव चार चरणों में अप्रैल-मई में हुए थे। 15, 19, 26 और 29 अप्रैल को मतदान और 2 मई को नतीजे आए थे। वहीं दूसरी ओर अब राज्य निर्वाचन आयोग भी अपना काम तेजी से करेगा। लगातार पांचवीं बार अंतिम मतदाता सूची जारी करने की तारीख बढ़ाकर 10 जून की गई है। सत्तापक्ष ही नहीं विपक्षी दल भी पंचायत चुनाव समय पर कराए जाने को लेकर शांत हैं। ऐसे में ज्यादा उम्मीदें विधानसभा चुनाव के बाद हों। मामला न्यायालय में विचाराधीन है, ऐसे में वहां से जो दिशा-निर्देश मिलेंगे उसका सरकार पालन करेगी।
लेखक के बारे में
Deep Pandeyदीप नरायन पांडेय लाइव हिन्दुस्तान में पिछले आठ सालों से यूपी की खबरें करते हैं। डिजिटल, टीवी और प्रिंट जर्नलिज्म में 15 साल से अधिक का अनुभव रखने वाले दीप नरायन पांडेय वरिष्ठ पत्रकार हैं। दीप अब डिजिटल मीडिया के जाने माने नाम बन गए हैं। दीप हिंदी भाषा की डिजिटल पत्रकारिता के नए आयामों को बेहतर समझते हैं। यूपी की राजनीति के साथ क्राइम की खबरों पर अच्छी पकड़ है। सामाजिक, इंफ्रास्ट्रक्चर, पर्यटन, शिक्षा और हेल्थ पर भी लिखते हैं। दीप पाठकों की पसंद को समझने और उसी तरह से न्पूज प्रस्तुत करने में माहिर हैं। दीप सरल भाषा में खबरों को पाठकों तक पहुंचाते हैं। खबर लिखने के अलावा साहित्य पढ़ने-लिखने में भी रुचि रखते हैं। मास कम्युनिकेशन में बीए और एमए दीप नरायन पांडेय मूल रूप से उत्तर प्रदेश के गोंडा के रहने वाले हैं। दीप ने पत्रकारिता की शुरुवात लखनऊ से की। टीवी चैनल से करियर का आगाज करने वाले दीप इसके बाद प्रिंट अमर उजाला लखनऊ में भी रहे। हिन्दुस्तान प्रिंट में वाराणसी, गोरखपुर, फिर लखनऊ में कार्य के दौरान विभिन्न जिलों के डेस्क इंचार्ज रहे हैं। यूपी विधानसभा चुनाव 2012, 2017, 2022, लोकसभा चुनाव, पंचायत चुनावों के दौरान बेहतर कवरेज कर चुके हैं।
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