यूपी पंचायत चुनाव के लिए बैलेट पेपर की छपाई जारी, जानें क्या है लेटेस्ट अपडेट
यूपी पंचायत चुनाव के लिए बैलेट पेपर की छपाई जारी है। निर्धारित व्यवस्था के अनुसार ग्राम प्रधान पद के लिए हरे रंग का मत पत्र है। मगर अभी तक समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग का गठन न हो पाने से चुनाव समय पर होना मुश्किल है।

UP News: यूपी में पंचायत चुनावों के लिए मत पत्र की छपाई का कार्य जिलों में जारी है। निर्धारित व्यवस्था के अनुसार ग्राम प्रधान पद के लिए हरे रंग का मत पत्र है। ग्राम पंचायत सदस्य के लिए सफेद रंग का, क्षेत्र पंचायत सदस्य (बीडीसी) के पद के लिए नीले और जिला पंचायत सदस्य के लिए गुलाबी रंग का मत पत्र छपवाया जा रहा है। मगर अभी तक समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग का गठन न हो पाने से चुनाव समय पर होना मुश्किल है।
उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव में ग्राम प्रधान सहित विभिन्न पदों पर आरक्षण तय करने के लिए समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग अभी तक गठित नहीं किया गया है। ग्राम पंचायत प्रधानों का कार्यकाल 26 मई को खत्म हो रहा है। ऐसे में अब अगर अभी समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग गठित भी हो जाए तो भी उसे अपनी रिपोर्ट देने में तीन महीने का समय लग सकता है। ऐसे में समय पर पंचायत चुनाव हो पाना कठिन होगा। वर्ष 2015 में सितंबर-अक्तूबर में चुनाव हुए थे और दिसंबर में ग्राम पंचायतों का गठन हो गया था।
जिला पंचायत अध्यक्षों का कार्यकाल 11 जुलाई 2026 को खत्म हो रहा
फिर कोरोना महामारी के चलते वर्ष ग्राम पंचायतों के चुनाव के बाद 27 मई 2021 को ग्राम प्रधानों की पहली बैठक हुई थी। ऐसे में 26 मई 2026 से पहले इसका गठन हो जाना चाहिए। अभी जो स्थिति है उससे समय पर उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव करा पाना आसान नहीं होगा। ऐसे ही क्षेत्र पंचायत प्रमुखों का 19 जुलाई और जिला पंचायत अध्यक्षों का कार्यकाल 11 जुलाई 2026 को खत्म हो रहा है। जिलों में पदों की संख्या के आधार पर मत पत्रों की छपाई का काम पिछले कुछ महीनों से चल रहा है। फिलहाल, कार्यकाल खत्म होने के बाद 6 महीने के भीतर चुनाव कराया जा सकता है। ऐसे में अब अगर चुनाव में देरी हुई तो पंचायतों में प्रशासक बैठाया जाना तय है।
15 अप्रैल को आएगी फाइनल सूची
उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव के लिए फाइनल वोटर लिस्ट अब 15 अप्रैल को आएगी। पहले अंतिम मतदाता सूची 28 मार्च को जारी होनी थी। फाइनल वोटर लिस्ट आने का समय बढ़ने के बाद से चुनाव में देरी अटकलें लगने लगी थीं। हालांकि पंचायती राज विभाग और मंत्री यह बार-बार कहते रहे कि पंचायत चुनाव समय पर संपन्न कराया जाएगा। इसको लेकर ओमप्रकाश राजभर से जब भी मीडिया ने सवाल किए। उनका जवाब यही रहा कि पंचायत समय पर ही कराया जाएगा।
लेखक के बारे में
Deep Pandeyदीप नरायन पांडेय लाइव हिन्दुस्तान में पिछले आठ सालों से यूपी की खबरें करते हैं। डिजिटल, टीवी और प्रिंट जर्नलिज्म में 15 साल से अधिक का अनुभव रखने वाले दीप नरायन पांडेय वरिष्ठ पत्रकार हैं। दीप अब डिजिटल मीडिया के जाने माने नाम बन गए हैं। दीप हिंदी भाषा की डिजिटल पत्रकारिता के नए आयामों को बेहतर समझते हैं। यूपी की राजनीति के साथ क्राइम की खबरों पर अच्छी पकड़ है। सामाजिक, इंफ्रास्ट्रक्चर, पर्यटन, शिक्षा और हेल्थ पर भी लिखते हैं। दीप पाठकों की पसंद को समझने और उसी तरह से न्पूज प्रस्तुत करने में माहिर हैं। दीप सरल भाषा में खबरों को पाठकों तक पहुंचाते हैं। खबर लिखने के अलावा साहित्य पढ़ने-लिखने में भी रुचि रखते हैं। मास कम्युनिकेशन में बीए और एमए दीप नरायन पांडेय मूल रूप से उत्तर प्रदेश के गोंडा के रहने वाले हैं। दीप ने पत्रकारिता की शुरुवात लखनऊ से की। टीवी चैनल से करियर का आगाज करने वाले दीप इसके बाद प्रिंट अमर उजाला लखनऊ में भी रहे। हिन्दुस्तान प्रिंट में वाराणसी, गोरखपुर, फिर लखनऊ में कार्य के दौरान विभिन्न जिलों के डेस्क इंचार्ज रहे हैं। यूपी विधानसभा चुनाव 2012, 2017, 2022, लोकसभा चुनाव, पंचायत चुनावों के दौरान बेहतर कवरेज कर चुके हैं।
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