
यूपी पंचायत चुनाव के लिए मतपत्रों का आवंटन शुरू, प्रदेश भर में प्रशासनिक तैयारियां तेज
यूपी पंचायत चुनाव को लेकर सियासी पारा चढ़ने लगा है। राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देशों के बाद अब जिलों में प्रशासनिक मशीनरी सक्रिय हो गई है।
उत्तर प्रदेश में आगामी त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव को लेकर सियासी पारा चढ़ने लगा है। राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देशों के बाद अब जिलों में प्रशासनिक मशीनरी सक्रिय हो गई है। इसी क्रम में संभल जिले के लिए लगभग 60 लाख मतपत्रों का आवंटन किया गया है, जो इस बात का संकेत है कि लोकतंत्र के सबसे जमीनी चुनाव की तैयारियों में प्रशासन जुट गया है।
पंचायत चुनाव के तहत ग्राम पंचायत सदस्य, ग्राम प्रधान, क्षेत्र पंचायत सदस्य (BDC) और जिला पंचायत सदस्य के पदों के लिए मतदान होना है। इन चारों महत्वपूर्ण पदों के लिए मतपत्रों आपूर्ति की जिम्मेदारी राज्य निर्वाचन आयोग ने दिल्ली स्थित एक नामित सुरक्षा प्रेस को सौंपी है। आयोग की मंशा है कि मतपत्रों की गोपनीयता और सुरक्षा के साथ कोई समझौता न हो।
राज्य निर्वाचन आयोग के कड़े प्रोटोकॉल का पालन करते हुए, जिलाधिकारी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी डॉ. राजेंद्र पैंसिया ने मतपत्रों को सुरक्षित जिले तक लाने के लिए चकबंदी अधिकारी राजेश कुमार को नोडल अधिकारी नामित किया है। उनके नेतृत्व में चकबंदी विभाग के 20 अनुभवी अधिकारियों और कर्मचारियों की एक विशेष टीम 30 दिसंबर को तीन वाहनों (बस सहित) के साथ दिल्ली के लिए रवाना होगी। यह टीम वहां मतपत्रों की बारीकी से गिनती और सत्यापन करेगी, जिसके बाद इन्हें विशेष सुरक्षा घेरे में जिले लाया जाएगा।
सीसीटीवी से होगी निगरानी
संभल की तर्ज पर उत्तर प्रदेश के अन्य जिलों में भी इसी प्रकार की तैयारियां चल रही हैं। संभल में अपर जिलाधिकारी प्रदीप वर्मा ने बताया कि दिल्ली से आने वाले मतपत्रों को अनाज मंडी समिति, संभल के किसान भवन में बने अत्याधुनिक 'स्ट्रांग रूम' में रखा जाएगा। यहां 24 घंटे पुलिस का कड़ा पहरा होगा और सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की जाएगी। पूरे प्रदेश में संवेदनशील क्षेत्रों की मैपिंग की जा रही है ताकि शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित हो सके।
निष्पक्ष चुनाव के लिए आयोग सतर्क
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और राज्य निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि पंचायत चुनाव को पूरी तरह से निष्पक्ष और पारदर्शी बनाया जाए। मतपत्रों के वितरण से लेकर मतदान केंद्रों की सुरक्षा तक हर स्तर पर डिजिटल निगरानी की जा रही है। संभल में हुई यह 60 लाख मतपत्रों की हलचल दरअसल पूरे उत्तर प्रदेश में आने वाले 'चुनावी महाकुंभ' की एक छोटी सी झलक है। आने वाले दिनों में अन्य जिलों के लिए भी इसी तरह मतपत्रों का उठाव और वितरण शुरू कर दिया जाएगा।

लेखक के बारे में
Yogesh Yadavयोगेश यादव हिन्दुस्तान में डिप्टी न्यूज एडिटर के पद पर हैं।
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