यूपी में ग्राम पंचायतों के साढ़े 7 लाख सदस्यों का कार्यकाल खत्म, प्रधानों ने संभाला प्रशासक का जिम्मा

प्रमुख संवाददाता, लखनऊ
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पांच साल का कार्यकाल पूरा होने के बाद अब निवर्तमान ग्राम प्रधान और सचिव ग्राम पंचायत चलाएंगे। वहीं 7.32 लाख ग्राम पंचायत सदस्यों का का कार्यकाल खत्म हो गया है। सभी 6 समितियां भंग हो गई हैं। पंचायती राज विभाग की ओर से निवर्तमान ग्राम प्रधानों को प्रशासक के रूप में रूटीन काम के निर्देश दिए गए हैं।

यूपी में ग्राम पंचायतों के साढ़े 7 लाख सदस्यों का कार्यकाल खत्म, प्रधानों ने संभाला प्रशासक का जिम्मा

UP News : उत्तर प्रदेश में अब सभी 57694 निवर्तमान ग्राम प्रधानों ने ग्राम पंचायतों के प्रशासक का पदभार संभाल लिया। अब पांच साल का कार्यकाल पूरा होने के बाद ये निवर्तमान ग्राम प्रधान और सचिव ग्राम पंचायत चलाएंगे। वहीं 7.32 लाख ग्राम पंचायत सदस्यों का पांच साल का कार्यकाल खत्म हो गया है। सभी छह समितियां भंग हो गई हैं। पंचायती राज विभाग की ओर से निवर्तमान ग्राम प्रधानों को प्रशासक के रूप में रूटीन कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं। वह नीतिगत निर्णय नहीं ले सकेंगे।

नीतिगत निर्णय का प्रस्ताव जिला पंचायती राज अधिकारी के माध्यम से जिलाधिकारी को भेजा जाएगा और उनकी स्वीकृति से ही यह पास हो सकेगा। प्रशासक समिति बनाए जाने की बजाए प्रधान को ही प्रशासक बनाए जाने के चलते सभी छह समितियां भंग हो गई हैं। ऐसे शिक्षा व स्वास्थ्य समिति, स्वच्छता समिति, जल प्रबंधन समिति व निर्माण कार्य समिति के अध्यक्ष ग्राम पंचायत सदस्यों में से ही किसी को बनाया जाता है। सिर्फ प्रशासनिक व नियोजन एवं विकास समिति का अध्यक्ष ग्राम प्रधान होता है।

फिलहाल, ग्राम पंचायतों के संचालन के लिए पंचायती राज विभाग जल्द विस्तृत दिशा-निर्देश जारी करेगा। क्योंकि ग्राम प्रधानों को पांच हजार रुपये प्रति महीने मासिक मानदेय मिलता है। अब वह निवर्तमान ग्राम प्रधान के तौर पर प्रशासक होंगे। ऐसे में यह मानदेय मिलेगा या नहीं। प्रशासक के रूप में ग्राम प्रधान पंचायत सहायकों व सामुदायिक शौचालय के सफाई कर्मियों का मानदेय जारी करने सहित अन्य कार्य करेंगे।

जिला पंचायत अध्यक्षों का भी बढ़ सकता है कार्यकाल

त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में देरी के चलते जिला पंचायत अध्यक्षों और ब्लॉक प्रमुखों का भी कार्यकाल बढ़ाया जा सकता है। जिला पंचायत अध्यक्षों का कार्यकाल 19 जुलाई को खत्म होगा। अभी तक जिला पंचायत अध्यक्ष का कार्यकाल खत्म होने पर जिलाधिकारी और ब्लॉक प्रमुख का कार्यकाल खत्म होने पर एसडीएम को प्रशासक बनाया जाता था। अब उम्मीद जताई जा रही है कि इनका भी कार्यकाल बढ़ाया जाएगा।

विधानसभा चुनाव के बाद ही हो पाएंगे पंचायत चुनाव

माना जा रहा है कि उत्तर प्रदेश अगले विधानसभा चुनाव 2027 की फरवरी और मार्च में होंगे। जनवरी में अधिसूचना जारी होने की उम्मीद है। ऐसे में अब उम्मीद जताई जा रही है कि त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव विधानसभा चुनाव के बाद ही हो पाएंगे। निवर्तमान प्रधानों को अब प्रशासक बनाकर उन्हें खुश कर टिया गया है।

पिछड़ा वर्ग आयोग छह माह में देगा रिपोर्ट

त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों में विभिन्न पदों पर पिछड़ा वर्ग के लोगों का आरक्षण तय करने के लिए गठित उप्र राज्य स्थानीय समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग को रिपोर्ट देने में छह महीने का समय लग सकता है। मंगलवार को आयोग के अध्यक्ष व उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश राम औतार सिंह और सदस्यों ने काम शुरू कर दिया।

Ajay Singh

लेखक के बारे में

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अजय कुमार सिंह पिछले आठ वर्षों से लाइव हिन्दुस्तान की यूपी टीम में पूर्वांचल के बड़े हिस्से से खबरों का कोआर्डिनेशन देख रहे हैं। वह हिन्दुस्तान ग्रुप से 2010 से जुड़े हैं। पत्रकारिता में 27 वर्षों का लंबा अनुभव रखने वाले अजय ने टीवी, प्रिंट और डिजिटल मीडिया में अपनी एक विशिष्ट पहचान बनाई है। हिन्दुस्तान से पहले वह ईटीवी, इंडिया न्यूज और दैनिक जागरण के लिए अलग-अलग भूमिकाओं में काम कर चुके हैं। अजय राजनीति, क्राइम, सेहत, शिक्षा और पर्यावरण से जुड़ी खबरों को गहराई से कवर करते हैं। बैचलर ऑफ जर्नलिज्म और मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएट अजय फिलहाल लाइव हिन्दुस्तान में असिस्टेंट एडिटर हैं और उत्तर प्रदेश की राजनीति और क्राइम की खबरों पर विशेष फोकस रखते हैं।

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