प्रवक्ताओं की पदोन्नति में 4 आईएएस अधिकारियों से होगी पूछताछ, गायब रहे अफसर की जांच
उत्तर प्रदेश के समाज कल्याण विभाग में 100 प्रवक्ताओं को प्रमोट करने के मामले में तत्कालीन प्रमुख सचिव सहित 4 आईएएस अधिकारियों से जवाब-तलब किया जाएगा। वहीं, आईएएस अधिकारी समीर वर्मा के लंबे समय से बिना सूचना गायब रहने पर विभागीय जांच शुरू कर दी गई है।

UP News: समाज कल्याण विभाग के जय प्रकाश नारायण सर्वोदय विद्यालयों में 100 प्रवक्ताओं को गलत ढंग से प्रधानाचार्य के पद पर पदोन्नति दिए जाने के मामले में जांच तेज हो गई है। अब उच्चाधिकारियों से जवाब तलब किया जाएगा। चार आईएएस अधिकारियों से पूछताछ होगी। चार अधिकारियों की जिम्मेदारी तय करने के लिए पत्र भी भेज दिया गया है। वहीं, एक लंबे समय तक ड्यूटी से गायब रहे आईएएस अधिकारी समीर वर्मा के खिलाफ जांच शुरू हो गई है। जांच अधिकारी नियुक्त कर दिया गया है।
समाज कल्याण विभाग का मामला वर्ष 2024 का है ऐसे में नियुक्ति विभाग उच्च स्तर से सहमति मिलने के बाद अब इस मामले में समाज कल्याण विभाग के तत्कालीन प्रमुख सचिव, सचिव और विशेष सचिव का लिखित में पक्ष लेगा। इसके अलावा सचिवालय प्रशासन विभाग के चार अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई के लिए पत्र भेज दिया गया है। शासन ने समीक्षा अधिकारी धर्मेंद्र, अनुभाग अधिकारी अरविंद प्रकाश, उप सचिव रजनीकांत और विशेष सचिव शशिकांत कनौजिया की जिम्मेदारी तय करने के लिए सचिवालय प्रशासन विभाग को पत्र भेज दिया है।
फिलहाल प्रोन्नति के लिए 11 जनवरी 2024 को प्रस्ताव भेजा गया और उस समय पोषक संवर्ग नहीं था। पहले इन्हें उप प्राचार्य बनाया जाना था और फिर प्राचार्य पद पर पदोन्नति देनी चाहिए थी । मगर सीधे 4800 ग्रेड पे से सीधे 7600 ग्रेड पे के प्राचार्य के पद पर भेज दिया गया ।
गायब रहने पर आईएएस समीर वर्मा के खिलाफ विभागीय जांच
लखनऊ। वर्ष 2002 बैच के आईएएस अधिकारी समीर वर्मा के लंबे समय से अनधिकृत रूप से अनुपस्थित रहने पर विभागीय कार्रवाई शुरू हो गई है। उन्हें आठ अक्तूबर 2025 को नियोजन विभाग में सचिव के पद पर तैनाती दी गई थी, पर उन्होंने ज्वाइन ही नहीं किया।
उनके खिलाफ इस प्रकरण में प्रमुख सचिव, सिंचाई अनिल गर्ग को जांच अधिकारी बनाया गया है। समीर वर्मा का नाम पिछले साल जून में स्टांप एवं पंजीयन विभाग में तबादलों में गड़बड़ियों में सामने आया था। तब वे विभाग में आईजी, स्टांप के पद पर तैनात थे। इसके बाद उन्हें 19 जून को इस पद से हटाते हुए प्रतीक्षारत कर दिया गया था। कई महीने की वेटिंग के बाद उन्हें अक्तूबर में नियोजन विभाग में तैनाती मिली।
सूत्र बताते हैं कि उन्होंने स्टडी लीव मांगी, पर नियुक्ति विभाग से इसकी अनुमति नहीं मिली। तब से वे गैरहाजिर चल रहे हैं। शासन के उच्चपदस्थ सूत्रों के मुताबिक, नियुक्ति विभाग के रिकॉर्ड में उन्हें अनधिकृत रूप से अनुपस्थित माना गया है। इसलिए उनके खिलाफ विभागीय कार्यवाही के आदेश दिए गए हैं।
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Yogesh Yadavयोगेश यादव लाइव हिन्दुस्तान में पिछले छह वर्षों से यूपी सेक्शन को देख रहे हैं। यूपी की राजनीति, क्राइम और करेंट अफेयर से जुड़ी खबरों को कवर करने की जिम्मेदारी निभा रहे हैं। यूपी की राजनीतिक खबरों के साथ क्राइम की खबरों पर खास पकड़ रखते हैं। यूपी में हो रहे विकास कार्यों, शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों में आ रहे बदलाव के साथ यहां की मूलभूत समस्याओं पर गहरी नजर रखते हैं।
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बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से बीकॉम में ग्रेजुएट और बनारस की ही काशी विद्यापीठ से मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएट योगेश ने कई स्पेशल प्रोजेक्ट पर काम भी किया है। राष्ट्रीय नेताओं के दौरों को कवर करते हुए उनके इंटरव्यू किये। नेताजी सुभाष चंद्र बोस की मौत से जुड़े रहस्यों पर हिन्दुस्तान के लिए सीरीज भी लिख चुके हैं।


