स्मार्ट मीटर वाले पांच लाख ग्राहकों के लिए एक और खुशखबरी, इसी महीने से वापस होंगे 3200 से ज्यादा रुपए
स्मार्ट मीटर के नाम पर यूपी में अतिरिक्त वसूली गई 200 करोड़ रुपये की राशि इसी महीने से उपभोक्ताओं को वापस करना शुरू हो जाएगा। करीब 5 लाख उपभोक्ताओं से सिंगल फेज मीटर के लिए 2,800 के बजाय 6,016 लिए गए थे। यानी हर ग्राहक को 3216 रुपए वापस होंगे।

UP News: स्मार्ट मीटर ग्राहकों के लिए एक और खुशखबरी की खबर है। स्मार्ट प्रीपेड मीटर को पोस्ट पेड करने के साथ ही स्मार्ट के नाम पर हुई अतिरिक्त वसूली की रकम पावर कॉरपोरेशन इसी महीने से वापस करना शुरू कर देगा। तकरीबन पांच लाख उपभोक्ताओं को 200 करोड़ रुपये से ज्यादा वापस करने हैं। 2,800 रुपये के बजाय उपभोक्ताओं से मीटर के 6,016 रुपये लिए गए थे। यानी हर ग्राहक को 3216 रुपए वापस मिलेंगे। उपभोक्ताओं को रकम वापसी के फैसले पर फाइल संस्तुति की प्रक्रिया में है।
सितंबर 2025 में पावर कॉरपोरेशन ने सभी नए कनेक्शन स्मार्ट मीटर के साथ प्रीपेड मोड में देने के आदेश दिए थे। कनेक्शन की दरें तय करने वाली कॉस्ट डाटा बुक में स्मार्ट मीटर के दाम तय नहीं किए गए थे। बावजूद इसके पावर कॉरपोरेशन ने सिंगल फेज कनेक्शन वाले मीटरों के लिए 6,016 रुपये लेने शुरू कर दिए थे। बाद में जब नियामक आयोग ने 31 दिसंबर 2025 को नई कॉस्ट डाटा बुक जारी की तो उसमें स्मार्ट मीटर के दाम 2800 रुपये तय कर दिए। ऐसे में ज्यादा वसूली गई रकम उपभोक्ताओं को वापस की जानी है। जब तक आदेश आते और उस पर अमल होता तब तक करीब पांच लाख उपभोक्ताओं से कनेक्शन के वक्त मीटर के दाम के तौर पर 6,016 रुपये ही लिए गए।
बाद में उपभोक्ता परिषद की याचिका पर सुनवाई करते हुए नियामक आयोग ने मीटर के दाम में हुई अतिरिक्त वसूल की गई रकम उपभोक्ताओं को वापस करने के आदेश दिए थे। आयोग ने अप्रैल से पैसा वापस करने के आदेश दिए थे। आयोग के आदेश के बाद भी अप्रैल बीत गया, लेकिन रकम वापस होने का सिलसिला अब तक शुरू नहीं हो पाया है। सूत्र बताते हैं कि रकम वापसी की प्रक्रिया इसी महीने शुरू हो जाएगी। आयोग के आदेश के मुताबिक प्रस्ताव तैयार करके उच्च स्तर पर अनुमोदन के लिए भेज दिया गया है।
बिल में होगा समायोजन
अतिरिक्त वसूली की रकम बिजली बिल में समायोजित करके उपभोक्ताओं को वापस की जाएगी। यह रकम एकमुश्त वापस होगी या किस्तों पर इस पर अभी फैसला नहीं हुआ है। पहले जब मीटर प्रीपेड थे तब उपभोक्ताओं के मीटर खातों में रीचार्ज करके आसानी से वापस किया जा सकता था। हालांकि, बीते दिनों मुख्यमंत्री के निर्देश पर प्रीपेड मीटर व्यवस्था समाप्त कर दी गई है। सभी प्रीपेड मीटरों को पोस्टपेड में बदला जा रहा है। ऐसे में अब रीचार्ज के बजाय मीटर में वापस की जाने वाली रकम कम किए जाने का फैसला होगा।
लेखक के बारे में
Yogesh Yadavयोगेश यादव लाइव हिन्दुस्तान में पिछले छह वर्षों से यूपी सेक्शन को देख रहे हैं। यूपी की राजनीति, क्राइम और करेंट अफेयर से जुड़ी खबरों को कवर करने की जिम्मेदारी निभा रहे हैं। यूपी की राजनीतिक खबरों के साथ क्राइम की खबरों पर खास पकड़ रखते हैं। यूपी में हो रहे विकास कार्यों, शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों में आ रहे बदलाव के साथ यहां की मूलभूत समस्याओं पर गहरी नजर रखते हैं।
पत्रकारिता में दो दशक का लंबा अनुभव रखने वाले योगेश ने डिजिटल से पहले प्रिंट में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई। लम्बे समय तक हिन्दुस्तान वाराणसी में सिटी और पूर्वांचल के नौ जिलों की अपकंट्री टीम को लीड किया है। वाराणसी से पहले चड़ीगढ़ और प्रयागराज हिन्दुस्तान को लांच कराने वाली टीम में शामिल रहे। प्रयागराज की सिटी टीम का नेतृत्व भी किया।
बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से बीकॉम में ग्रेजुएट और बनारस की ही काशी विद्यापीठ से मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएट योगेश ने कई स्पेशल प्रोजेक्ट पर काम भी किया है। राष्ट्रीय नेताओं के दौरों को कवर करते हुए उनके इंटरव्यू किये। नेताजी सुभाष चंद्र बोस की मौत से जुड़े रहस्यों पर हिन्दुस्तान के लिए सीरीज भी लिख चुके हैं।


