
नई पर्यटन नीति ने दी बड़ी राहत, होटल बनाने से पहले ही करोड़ों का लाभ, बाद में सब्सिडी ऊपर से
यूपी की नई पर्यटन नीति ने हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में जोश भर दिया है। सरकार 2 करोड़ से 40 करोड़ तक का तो सब्सिडी ही दे रही है। स्टांप ड्यूटी और टैक्स में छूट के जरिए निवेशकों को होटल बनाने से पहले ही करोड़ का लाभ हो रहा है।
उत्तर प्रदेश सरकार की नई पर्यटन नीति का असर होटल निर्माण से पहले ही दिखने लगा है। नीति के तहत हॉस्पिटैलिटी सेक्टर को दी जा रही सब्सिडी, कर रियायतें और स्टाम्प ड्यूटी माफी जैसी सुविधाओं से निवेशकों में उत्साह है। एक निर्माणाधीन होटल को काम शुरू करने से पहले ही एक करोड़ से अधिक का लाभ मिल चुका है। निवेशकों को राहत से पर्यटन उद्योग में भी नई ऊर्जा का संचार हुआ है।
गोरखपुर न सिर्फ धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि नेपाल और पूर्वोत्तर भारत के लिए एक प्रमुख गेटवे भी है। नई पर्यटन नीति में यहां हॉस्पिटैलिटी इंफ्रास्ट्रक्चर को विकसित करने पर विशेष जोर है। पर्यटन विभाग के क्षेत्रीय उप-निदेशक राजेंद्र प्रसाद ने बताया कि पर्यटन नीति का लाभ परियोजना शुरू करने से पूर्व ही मिलना शुरू हो जाता है। इसके लिए निवेशक को आवेदन करना होता है। उन्होंने बताया कि शहर के एक प्रमुख होटल को कुल निवेश पर लगभग 7 करोड़ रुपये की सब्सिडी का लाभ प्राप्त हो चुका है। इसके अलावा दो अन्य होटलों को क्रमश: करीब 9 करोड़ और 2.17 करोड़ रुपये सब्सिडी का भुगतान प्रक्रिया में है। जल्द ही इन्हें भी यह लाभ प्राप्त हो जाएगा।
स्टांप ड्यूटी और डेवलपमेंट चार्ज में छूट के साथ और भी रियायतें
हॉस्पिटैलिटी सेक्टर से जुड़े निवेशक विवेक केशरवानी ने बताया कि उनका होटल निर्माण कार्य अंतिम चरण में है, लेकिन उन्हें पहले ही इस नीति का लाभ मिलना शुरू हो गया है। भूमि क्रय पर 100% स्टाम्प ड्यूटी माफी, डेवलपमेंट चार्ज में छूट सहित अन्य रियायतों के चलते अब तक उन्हें 1 करोड़ रुपये से अधिक का प्रत्यक्ष लाभ मिल चुका है। कुल निवेश पर मिलने वाली सब्सिडी का लाभ प्रोजेक्ट पूरा होने पर मिलेगा। उनका कहना है कि इससे न सिर्फ निवेश को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि इससे स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।
उन्होंने बताया कि उनका नक्शा कई बार निरस्त किया जा रहा था। इसके बाद उन्होंने ‘निवेश मित्र पोर्टल’ पर इसकी शिकायत की और कुछ दिनों में सारी समस्या निस्तारित हो गई। लोगों को जागरूक होकर ऐसी सुविधाओं का लाभ लेना चाहिए।
2 से 40 करोड़ तक मिल रहा लाभ
राजेद्र प्रसाद ने कहा कि इस नीति के तहत 10 लाख से 10 करोड़ रुपये तक के निवेश पर 25%, 10 से 50 करोड़ तक पर 20%, 50 से 200 करोड़ तक पर 15%, और 200 से 500 करोड़ या उस से अधिक के निवेश पर 10% तक की सब्सिडी दी जा रही है। इस तरह निवेशकों को 2 से 40 करोड़ रुपये तक की सब्सिडी का लाभ दिया जा रहा है। वहीं महिला व एससी/एसटी निवेशकों को 5% की अतिरिक्त सब्सिडी का लाभ मिलेगा। नई इकाइयों को विशेष टैरिफ और डिमांड चार्ज में छूट, 5 वर्ष तक एसजीएसटी रिइम्बर्समेंट और इको-फ्रेंडली और हेरिटेज प्रोजेक्ट्स को अतिरिक्त प्रोत्साहन के प्रावधान जैसी अन्य सुविधाएं भी दी जा रही हैं।





