
यूपी मिशन शक्ति केंद्रों के आंकड़ों से खुलासा- रेप केस 34 प्रतिशत कम, अपहरण और दहेज हत्या में भी कमी
उत्तर प्रदेश के सभी थानों में मिशन शक्ति केन्द्रों की स्थापना होने के बाद महिला अपराध में कमी दिखी है। बलात्कार के मामलों में 34 तो बच्चियों के अपहरण में 17 प्रतिशत की कमी आई। दहेज हत्या के मामले 13 प्रतिशत कम हुए।
उत्तर प्रदेश के सभी थानों में मिशन शक्ति केन्द्रों की स्थापना होने के बाद महिला अपराध में कमी दिखी है। बलात्कार के मामलों में 34 तो बच्चियों के अपहरण में 17 प्रतिशत की कमी आई। दहेज हत्या के मामले 13 प्रतिशत कम हुए। इसमें सबसे अधिक 80 प्रतिशत की कमी बलरामपुर जिले में आई। घरेलू हिंसा में भी करीब 10 प्रतिशत की कमी आई। यह आंकड़ा शुक्रवार को डीजीपी राजीव कृष्ण की वीडियो कांफ्रेसिंग के जरिए हुई समीक्षा बैठक में सामने आया।
डीजीपी ने सभी थानों में महिला हेल्प डेस्क के बाद मिशन शक्ति केन्द्रों की सफलता पर पुलिस कर्मियों की सराहना भी की। साथ ही उन्होंने कई निर्देश भी दिए। समीक्षा बैठक में मिशन शक्ति केन्द्र स्थापित होने से तीन महीने पहले यानी 16 जून से 15 सितम्बर के बीच और केन्द्र बनने के बाद तीन महीने बाद यानी 16 सितम्बर से 15 दिसम्बर तक महिला सम्बन्धी अपराध का ब्योरा तैयार किया गया था।
इससे ही महिला अपराधों में कमी का आंकड़ा सामने आया। समीक्षा बैठक में कई जिलों के अफसरों ने कुछ कमियां गिनाई साथ ही कई सुझाव भी दिए। पीलीभीत, अयोध्या, लखनऊ समेत कई जिलों में मिशन शक्ति केन्द्रों की पुलिसकर्मियों द्वारा किए गए अच्छे कार्य भी गिनाए गए।
मिशन शक्ति केन्द्र और थानों के बीच बेहतर समन्वय रहे
राजीव कृष्ण ने निर्देश दिए कि मिशन शक्ति केन्द्र, थानों और अन्य इकाइयों के बीच बेहतर समन्वय, संसाधनों का समुचित इस्तेमाल करने के साथ ही डाटा आधारित मूल्यांकन करने को कहा। कहा कि जिलों में होने वाली गोष्ठियों में मिशन शक्ति केन्द्र प्रभारी के साथ थाना प्रभारी को भी शामिल किया जाए।
स्कूलों में शिकायत पेटिका लगाई जाए
डीजीपी ने कहा कई बार बालिकाएं संकोच में अपनी शिकायत किसी से नहीं बता पाती है। इस लिए प्रिसिंपल से सहमति लेकर स्कूल परिसर में थाना-स्तरीय शिकायत पेटी लगाई जाए। इसके बारे में प्रचार भी किया जाए। शिकायत पेटी पर मिशन शक्ति केन्द्र के नम्बर भी लिखे जाएं। लिखवाये जायें। इसके अलावा चौकी स्तर पर महिलाओं से जुड़ी शिकायतें आने पर उनका भी मिशन शक्ति केन्द्रों से समाधान कराया जाये। डीजीपी ने कहा कि अगर किसी जिले में शक्ति केन्द्र पर समस्याओं को सुलझाने में कोई नई पहल की गई है तो उसके बारे में बताया जाए। इससे इसे अन्य केन्द्रों पर भी लागू किया जा सकेगा।

लेखक के बारे में
Srishti Kunjसृष्टि कुंज लाइव हिन्दुस्तान में लगभग 6 वर्षों से यूपी की टीम संग काम कर रही हैं। एक दशक से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय सृष्टि ने जर्नलिज्म एंड मास कॉम में डिग्री लेकर पंजाब केसरी ग्रुप की डिजिटल टीम के साथ अपने करियर की शुरुआत की थी। सृष्टि ने इंडिया न्यूज के साथ भी लंबे समय तक काम किया। 2020 से वह उत्तर प्रदेश की राजनीति, क्राइम, स्वास्थ्य, शिक्षा और अन्य बीटों से जुड़ीं खबरें लिखती हैं।
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