
कुत्ते ने बदलवा दी इस मेडिकल कॉलेज की व्यवस्था, खाना खिलाने वालों का आवास आवंटन होगा कैंसिल
एलएलआरएम मेडिकल कॉलेज परिसर में अब कोई कर्मचारी, चिकित्सक या अधिकारी पालतू जानवर नहीं पाल सकेगा। अगर किसी ने परिसर की नियमों को तोड़ा तो उसके सरकारी आवास का आवंटन निरस्त कर दिया जाएगा।
एलएलआरएम मेडिकल कॉलेज परिसर में अब कोई कर्मचारी, चिकित्सक या अधिकारी पालतू जानवर नहीं पाल सकेगा। अगर किसी ने परिसर की नियमों को तोड़ा तो उसके सरकारी आवास का आवंटन निरस्त कर दिया जाएगा। यह फरमान हॉस्टल में पहुंचे कुत्ते की वीडियो वायरल होने के बाद कॉलेज प्राचार्य ने जारी किए हैं।
एक कुत्ते के हॉस्टल में पहुंचने के बाद परिसर की पूरी व्यवस्था बदल दी गई। मेडिकल कॉलेज कैम्पस में हजारों की संख्या में चिकित्सक, कर्मचारी, जेआर समेत नर्सिंग स्टाफ के लिए सरकारी आवास बने हैं। कई एकड़ वाले मेडिकल परिसर में अवैध डेयरियां, मुर्गी फार्म संचालित हैं। अब कॉलेज प्रशासन ने आवारा, पालतू जानवरों के सरकारी परिसर में पालने पर सख्ती से रोक लगा दी है। अगर किसी ने पालतू जानवर को पाला तो उसके आवास का आंवटन निरस्त करने का नियम लागू कर दिया है।
आवारा पशु को खिलाने पर रोक
परिसर में आवारा कुत्ते, बंदर और पशुओं को खिलाने-पिलाने पर रोक लगा दी है। किसी भी स्टाफ ने इनको खाना, पीना उपलब्ध कराया तो उसकी खैर नहीं। परिसर के सभी चौकीदार, गार्ड और माली समेत अन्य स्कार्ट टीम को पशुपालन का नियम तोड़ने वालों पर गोपनीय निगरानी करने के निर्देश दिए गए हैं। इसकी सूचना पर नियम तोड़ने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। कहा कि आदेश का सख्ती से पालन हो।
कुत्ते की वीडियो हुई थी वायरल
मेडिकल कॉलेज के गर्ल्स हॉस्टल की एक वीडियो अभी हाल में वायरल हुई थी, उसमें साफ दिखाई दे रहा है कि दीवार के ऊपर चढ़कर कुत्ते खाने की प्लेट को चाट रहा है। कुत्ते के प्लेट में खाना खाने से सुरक्षा और सेहत दोनों पर सवाल खड़े कर दिए। मेडिकल के अंदर बने अस्पताल में आने वाले मरीज और तीमारदार भी कुत्ते और बंदरों से परेशान हैं। बंदर पार्किंग में खड़े वाहनों को नुकसान पहुंचाते हैं तो कुत्ते अस्पताल में ओपीडी से लेकर वार्डों में हर जगह दिखाई देते हैं। कई बार तो कुत्तों ने मरीज और तीमारदारों पर हमला भी कर दिया लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई थी।
एलएलआरएम, मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य, डॉ. आरसी गुप्ता ने कहा कि परिसर में एक आवास में एक गाय पालने की अनुमति लेने के बाद स्टाफ पालन-पोषण कर सकता है। गाय के अलावा अन्य कोई जानवर कैम्पस में नहीं पाला जाएगा। यह नियम सख्ती से लागू कर दिया है।





