
कपसाड़ हत्याकांड: दिनभर हंगामा, देर शाम महिला का अंतिम संस्कार, बेटी की राजस्थान से उत्तराखंड तक तलाश
यूपी के मेरठ में दलित महिला की हत्या कर उसकी बेटी को अगवा करने के मामले में सरधना का कपसाड़ गांव शुक्रवार को पूरे दिन सियासी आंच में तपता रहा। पीड़ित परिजन न्याय मिलने तक अंतिम संस्कार करने से इनकार पर अड़े रहे।
यूपी के मेरठ में दलित महिला की हत्या कर उसकी बेटी को अगवा करने के मामले में सरधना का कपसाड़ गांव शुक्रवार को पूरे दिन सियासी आंच में तपता रहा। पीड़ित परिजन न्याय मिलने तक अंतिम संस्कार करने से इनकार पर अड़े रहे। वे हत्यारोपियों की गिरफ्तारी, आरोपियों के घरों पर बुलडोजर चलाने, रूबी की बरामदगी और परिवार को एक करोड़ मुआवजा की मांग कर रहे थे। तनाव की आशंका में गांव छावनी में तब्दील रहा। देर शाम 7.15 बजे प्रशासन केे 10 लाख मुआवजा, शस्त्र लाइसेंस, नौकरी और 24 घंटे में हत्यारोपियों की गिरफ्तारी व रूबी की बरामदगी के आश्वासन पर परिजन माने और सुनीता के शव का अंतिम संस्कार हुआ।
गुरुवार सुबह कपसाड़ गांव निवासी सुनीता की फरसे से काटकर हत्या करने के बाद उनकी बेटी रूबी का कुछ युवकों ने अपहरण कर लिया था। रूबी के भाई नरसी ने गांव निवासी पारस सोम और सुनील समेत कई के खिलाफ हत्या और अपहरण समेत कई धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया। पोस्टमार्टम के बाद देररात 12 बजे सुनीता का शव गांव लाया गया। रात में ही बिरादरी के लोगों की पंचायत हुई और रूबी की बरामदगी होने तक अंतिम संस्कार नहीं करने पर सहमति बनी। सुबह परिजनों ने घर पर शव रखकर धरना शुरू कर दिया। इस बीच गांव जा रहे सपा विधायक अतुल प्रधान को पुलिस ने रोक दिया। इसे लेकर पुलिसकर्मियों से धक्कामुक्की भी हुई। वह धरने पर बैठ गए। बाद में उन्हें गांव जाने की अनुमति दी गई।
20 थानों की फोर्स समेत 1000 पुलिसकर्मी तैनात
कपसाड़ में 20 थानों की फोर्स समेत एक हजार पुलिसकर्मी तैनात रहे। गांव के रास्तों को बैरिकेड लगाकर सील कर दिया गया। सुबह 10 बजे डीएम डॉ. वीके सिंह और एसएसपी/ डीआईजी डॉ. विपिन ताडा गांव पहुंचे। बंद कमरे में परिजनों से बातचीत की, लेकिन बात नहीं बनी। गांव में पूर्व कैबिनेट मंत्री संजीव बालियान, विधायक संगीत सोम, पूर्व विधायक योगेश वर्मा समेत कई नेताओं का जमावड़ा रहा।
सकौती होकर फरार हुए आरोपी, नौ हिरासत में
रूबी का 48 घंटे बाद भी पता नहीं लगा है। पुलिस ने आरोपी पक्ष से नौ लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की है, 25 से ज्यादा जगहों पर दबिश दी। वहीं, पुलिस की जांच में सामने आया है कि आरोपी पारस कार में रूबी को लेकर कैली गांव से होते हुए सकौती की ओर भागा था और हाईवे से शहर से बाहर भाग गए।
पुलिस ने रूबी की बरामदगी के लिए 200 पुलिसकर्मियों की टीम लगाई है, साथ ही दो एसपी और पांच सीओ टीम को लीड कर रहे हैं। एसएसपी/डीआईजी मेरठ डॉ. विपिन ताडा पूरे मामले में पल-पल की रिपोर्ट ले रहे हैं। वहीं, दूसरी ओर पुलिस ने आरोपियों के फरार होने का रूट मैप तैयार किया है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार आरोपी कार में रूबी को लेकर कैली पहुंचे और यहां से सकौती मार्ग पर निकले थे। इसके बाद एनएच-58 पर आरोपी आरोपी दिल्ली की ओर भागे।
राजस्थान से लेकर उत्तराखंड तक तलाश
पुलिस को आशंका थी आरोपी रिश्तेदार के यहां पिलखुवा गए थे। एक टीम को वहां भेजा गया, वहां कोई नहीं मिला। दूसरी टीम उत्तराखंड, तीसरी को दिल्ली और एक टीम को राजस्थान के लिए रवाना किया गया है।





