छात्रों को नमो भारत रैपिड रेल में नौकरी का झांसा, पुलिस के एक नोटिस से खुला करोड़ों के फर्जीवाड़े का राज
यूपी के छात्रों को नमो भारत रैपिड रेल में नौकरी का झांसा देकर उनके खाते खुलवाए गए। इन खातों से करोड़ों रूपयों की लेन-देन की गई। पुलिस ने एक मामले में खाताधारक छात्र को नोटिस भेजा। इस एक नोटिस से करोड़ों के फर्जीवाड़े का राज खुला।

यूपी में फर्जी नौकरी के ऑफर से कई बेरोजगारों को लूटा जा रहा है। शातिरों ने लूटने का नया तरीका अपनाया है। पहले छात्रों को जॉब ऑफर दिया जाता है फिर उनसे या तो रकम अपने खातों में ट्रांसफर करवाई जाती है या फिर उनके नाम पर नए खाते खोलकर उनमें लेन-देन किया जाता है। ये लेन-देन भी साइबर क्राइम से जुड़ा होता है। अब नमो भारत मेरठ में नौकरी दिलाने का झांसा देकर छात्रों से बैंक खाते खुलवाने और उन्हीं खातों के जरिए करोड़ों के संदिग्ध लेनदेन का मामला सामने आया है।
आरोप है कि नौकरी के नाम पर युवकों से नए बैंक खाते खुलवाकर उनके एटीएम कार्ड और पासबुक अपने कब्जे में ले लिए गए। बाद में जब एक छात्र के परिचित के पास पुलिस का नोटिस पहुंचा तो पूरे फर्जीवाड़े का पर्दाफाश हुआ। बैंक से खातों की जानकारी निकलवाने पर छात्रों और उनके परिजनों के होश उड़ गए। आरोप है कि उनके खातों से कुल करीब नौ करोड़ रुपये का ट्रांजेक्शन किया गया। शनिवार को पीड़ित छात्र अपने परिजनों के साथ ब्रह्मपुरी थाने पहुंचे और आरोपियों के खिलाफ तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की।
जानकारी के अनुसार, पीड़ितों ने पुलिस को बताया कि सभी कॉलेज के छात्र हैं और नौकरी की तलाश कर रहे थे। इस दौरान माधवपुरम निवासी अभिषेक चौहान के माध्यम से उनकी मुलाकात भोला रोड निवासी शाहरुख से हुई। शाहरुख ने खुद को सेवायोजन कंसल्टेंसी का ऑपरेटर बताते हुए नमो भारत और मेरठ मेट्रो में नौकरी लगवाने का भरोसा दिलाया। आरोप है कि उसने प्रत्येक छात्र से कमीशन के नाम पर पहली कमाई लेने की बात कही और अलग-अलग बैंकों में नए खाते खुलवाए।
भरोसा जीतने के बाद उसने खातों की पासबुक और एटीएम कार्ड भी अपने पास रख लिए। इसके बाद लंबे समय तक न नौकरी मिली और न ही कोई स्पष्ट जवाब दिया गया। मामले का खुलासा तब हुआ, जब एक छात्र निखिल के परिचित के पास पुलिस का नोटिस पहुंचा। छात्रों ने शाहरुख से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया। संदेह होने पर सभी छात्रों ने अपने बैंक खातों की जानकारी निकाली तो पता चला कि खातों से लेनदेन किया है।
विभिन्न ट्रांजेक्शन से करोड़ों की हेराफेरी
पीड़ितों का आरोप है कि बैंक स्टेटमेंट में अलग-अलग खातों से करोड़ों के ट्रांजेक्शन दर्ज मिले। किसी खाते से करीब आठ करोड़ रुपये तक का लेनदेन सामने आया, जबकि सभी खातों को मिलाकर लगभग नौ करोड़ रुपये के ट्रांजेक्शन की जानकारी मिली। पीड़ित छात्र राघव ने बताया कि उसके खाते से लगभग 6.50 करोड़ का ट्रांजेक्शन हुआ है। वहीं, छात्र अक्षत के खाते से 42 लाख, मयंक वर्मा के खाते से 12 लाख और सबसे अधिक कार्तिक के खाते से करीब आठ करोड़ का लेनदेन कर हेराफेरी की गई। पीड़ितों का यह भी कहना है कि सभी बैंक खातों पर साइबर शिकायत दर्ज है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर जांच शुरू कर दी है।


