
मां-बेटे की हत्या में सौतेले बेटे संग दो को उम्रकैद, बोरे में मिले थे दोनों के शव
यूपी के मथुरा में सौतेली मां और उसके बेटे की हत्या कर शव बोरे में भरकर सड़क किनारे फेंकने वाले सौतेले बेटे और उसके दोस्त को एडीजे स्पेशल ईसी कोर्ट डा. पल्लवी अग्रवाल ने आजीवन कारावास व 55-55 हजार रुपये अर्थदण्ड की सजा सुनाई है।
यूपी के मथुरा में सौतेली मां और उसके बेटे की हत्या कर शव बोरे में भरकर सड़क किनारे फेंकने वाले सौतेले बेटे और उसके दोस्त को एडीजे स्पेशल ईसी कोर्ट डा. पल्लवी अग्रवाल ने आजीवन कारावास व 55-55 हजार रुपये अर्थदण्ड की सजा सुनाई है। शव छिपाने में सहयोग करने वाले को अदालत पांच वर्ष के कारावास और 5 हजार रुपये अर्थदण्ड की सजा से दण्डित किया है। शासन की ओर से मुकदमे की पैरवी सहायक शासकीय अधिवक्ता अवनीश उपाध्याय द्वारा की गई।
एडीजीसी अवनीश उपाध्याय ने बताया कि जमुनापार थाना क्षेत्र स्थित गौसना टीले के पास सड़क किनारे 24 मई 2018 की सुबह बोरे में महिला और युवक के शव पड़े मिले थे। शवों की पहचान शिवनगर कॉलोनी तैयापुर निवासी कुमारी आशा ने अपनी मां देवी पत्नी स्वर्गीय रूमालीलाल व भाई राहुल के रूप में की थी। आशा ने पुलिस को बताया था कि उसकी मां स्वर्गीय रूमालीलाल की दूसरी पत्नी थीं। पिता सरकारी कर्मचारी थे। इस नाते मां को उनकी पेंशन मिलती थी।
पेंशन को लेकर उनकी पहली पत्नी का बेटा कृष्णा उर्फ लल्लू उर्फ केके अक्सर झगड़ा करता था। इसी को लेकर सौतेले बेटे कृष्णा उर्फ लल्लू उर्फ केके ने मां और भाई की हत्या कर शवों को बोरे में बंद कर फेंका है। दोनों की हत्या बिजली के तार से गला दबा कर की गई थी। पुलिस ने नामजद कृष्णा के साथ उसका सहयोग करने वाले दोस्त छगनलाल निवासी शिवनगर कालोनी तैयापुर व राजकुमार निवासी इगलास अलीगढ़ को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेजा था।
पुलिस ने तीनों के खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित किया। मुकदमे की सुनवाई एडीजे स्पेशल ईसी कोर्ट डा. पल्लवी अग्रवाल की अदालत में हुई। एडीजीसी अवनीश उपाध्याय ने बताया कि अदालत ने कृष्णा उर्फ लल्लू उर्फ केके व छगनलाल को हत्या कर शव छिपाने के मामले में आजीवन कारावास और 55-55 हजार रुपये अर्थदण्ड की सजा से दण्डित किया है। वहीं शव छिपाने में सहयोग करने वाले राजकुमार को अदालत ने 5 वर्ष के कारावास और 5 हजार रुपये अर्थदण्ड की सजा से दण्डित किया है। निर्णय सुनाए जाने के बाद अदालत ने सभी सजाई वारंट बना उन्हें सजा भुगतने के लिए जेल भेज दिया।





