यूपी में बेमौसम बारिश से बर्बाद फसल देखकर किसान को आया हार्ट अटैक, खेत में ही मौत
यूपी में बेमौसम बारिश से बर्बाद फसल देखकर किसान को हार्ट अटैक आ गया।इससे उसकी खेत में ही मौत हो गई। भाकियू ने शासन-प्रशासन से किसान के परिजनों को मुआवजा देने की मांग की है।

UP News: उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले की मांट तहसील क्षेत्र के गांव प्रेमनगर में बारिश एवं ओलावृष्टि से बर्बाद हुई गेहूं की फसल को देखकर एक किसान को हार्ट अटैक आ गया। इससे उसकी खेत में ही मौत हो गई। किसान संगठन के एक पदाधिकारी ने इसकी जानकारी दी। भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) ने शासन-प्रशासन से किसान के परिजनों को मुआवजा देने की मांग की है।
क्षेत्र में कई दिनों से हो रही लगातार बारिश एवं ओलावृष्टि से गेहूं की फसल में बड़ा नुकसान हुआ है। गेहूं की खेतों में कटी पड़ी फसल में अधिक बारिश से अंकुर फूट आए हैं। उसकी बाली सड़ने लगी है और दाना काला पड़ गया है। ज्यादातर किसानों की लागत भी निकलती नहीं दिख रही है। वहीं प्रशासन सर्वे के नाम पर किसानों को आश्वासन दे रही हैं।
ग्राम पंचायत बिजौली के खंड प्रेमनगर में बुधवार सुबह बुजुर्ग किसान हीरालाल अपने खेत पर पहुंचे। वहां उन्होंने देखा कि गेहूं की पूरी फसल बर्बाद हो चुकी है। उनके पास आमदनी का अन्य कोई साधन भी नहीं था। यह दृश्य देखकर हीरालाल खेत में ही गिर पड़े और हार्ट अटैक आने से मौके पर ही उनकी मौत हो गई।
हर संभव मदद की जाएगी
घटना की सूचना पर भारतीय किसान यूनियन टिकैत की जिलाध्यक्ष मीरा चौधरी कार्यकर्ताओं सहित पहुंची। उन्होंने मृतक किसान के परिजनों को मुआवजा दिलाने की मांग की। सूचना पर नायब तहसीलदार रूबी यादव भी पहुंच गईं। उन्होंने किसानों को आश्वासन दिया कि शासन के अनुसार, हर संभव मदद की जाएगी। लेखपाल तरुण ने बताया कि मृतक के पास करीब दो एकड़ खेती थी, जिसमें गेहूं की फसल हुई थी। नायब तहसीलदार ने बताया कि मृतक के परिजनों ने शव का पोस्टमार्टम कराने से इंकार कर दिया है। इसके बाद आवश्यक कार्रवाई पूरी कर शव परिजनों को सौंप दिया गया है।
प्रशासन भी अपनी ओर से लगातार नुकसान का सर्वे कर रहा
गौरतलब है कि पिछले कुछ दिनों में जिले में आंधी, बारिश व ओला वृष्टि से गेहूं की फसल में बहुत नुकसान हुआ है जिससे किसानों में गहरी निराशा व्याप्त है। दूसरी ओर, जिलाधिकारी चंद्रप्रकाश सिंह ने कहा है कि जिन किसानों की फसल को नुकसान पहुंचा है वे फसल बीमा के अनुसार तय समय में दावा पेश करें। उन्होंने कहा कि प्रशासन भी अपनी ओर से लगातार नुकसान का सर्वे कराकर शासन को रिपोर्ट भेज रहा है।
लेखक के बारे में
Deep Pandeyदीप नरायन पांडेय लाइव हिन्दुस्तान में पिछले आठ सालों से यूपी की खबरें करते हैं। डिजिटल, टीवी और प्रिंट जर्नलिज्म में 15 साल से अधिक का अनुभव रखने वाले दीप नरायन पांडेय वरिष्ठ पत्रकार हैं। दीप अब डिजिटल मीडिया के जाने माने नाम बन गए हैं। दीप हिंदी भाषा की डिजिटल पत्रकारिता के नए आयामों को बेहतर समझते हैं। यूपी की राजनीति के साथ क्राइम की खबरों पर अच्छी पकड़ है। सामाजिक, इंफ्रास्ट्रक्चर, पर्यटन, शिक्षा और हेल्थ पर भी लिखते हैं। दीप पाठकों की पसंद को समझने और उसी तरह से न्पूज प्रस्तुत करने में माहिर हैं। दीप सरल भाषा में खबरों को पाठकों तक पहुंचाते हैं। खबर लिखने के अलावा साहित्य पढ़ने-लिखने में भी रुचि रखते हैं। मास कम्युनिकेशन में बीए और एमए दीप नरायन पांडेय मूल रूप से उत्तर प्रदेश के गोंडा के रहने वाले हैं। दीप ने पत्रकारिता की शुरुवात लखनऊ से की। टीवी चैनल से करियर का आगाज करने वाले दीप इसके बाद प्रिंट अमर उजाला लखनऊ में भी रहे। हिन्दुस्तान प्रिंट में वाराणसी, गोरखपुर, फिर लखनऊ में कार्य के दौरान विभिन्न जिलों के डेस्क इंचार्ज रहे हैं। यूपी विधानसभा चुनाव 2012, 2017, 2022, लोकसभा चुनाव, पंचायत चुनावों के दौरान बेहतर कवरेज कर चुके हैं।
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