मथुरा नाव हादसे के बाद आगरा तक हड़कंप, यमुना में नाव उतारने से पहले लेना होगा लाइसेंस

Srishti Kunj विशेष संवाददाता, आगरा
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यूपी में मथुरा से आगरा तक यमुना में नौका संचालन के नियम बदलेंगे। नाव को नदी में उतारने से पहले लाइसेंस लेना होगा। बिना लाइसेंस के चालान के साथ जुर्माना भी लगाया जा सकता है। साथ ही नदी में कितनी नाव चलेंगी, इसकी संख्या तय किए जाने पर विचार किया जा रहा है।

मथुरा नाव हादसे के बाद आगरा तक हड़कंप, यमुना में नाव उतारने से पहले लेना होगा लाइसेंस

यूपी में मथुरा से आगरा तक यमुना में नौका संचालन के नियम बदलेंगे। नाव को नदी में उतारने से पहले लाइसेंस लेना होगा। बिना लाइसेंस के चालान के साथ जुर्माना भी लगाया जा सकता है। साथ ही नदी में कितनी नाव चलेंगी, इसकी संख्या तय किए जाने पर विचार किया जा रहा है। ऐसा मथुरा के केशी घाट पर हुए हादसे के बाद ब्लूप्रिंट तैयार करने का निर्णय लिया गया है।

केशी घाट पर हुए हादसे में 15 लोगों की डूबने से हुई मौत के बाद मथुरा से लेकर आगरा के बटेश्वर तक नदी में चलने वाली नावों को लेकर सतर्कता बरतने का निर्णय लिया गया है। मंडलायुक्त नगेंद्र प्रताप ने इस दिशा में कारगर कदम उठाने की जरूरत बताई है। उन्होंने कहा कि नदी में अधिकतर नावें उन लोगों की हैं, जो गोताखोर हैं। मथुरा से लेकर बटेश्वर तक कितनी नावें यमुना में चल रही हैं, किन-किन स्थानों से संचालित होती हैं, उनमें कितने लोगों को बैठाने की क्षमता है और कहां से कहां तक ले जाती हैं, इसकी जानकारी एकत्र की जाएगी।

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उन्होंने बताया कि इन सभी नावों को मथुरा से लेकर बटेश्वर तक बने घाटों से ही संचालित करने की अनुमति दी जाएगी। यहां चेक प्वाइंट भी बनाने पर विचार होगा, जिससे यह जानकारी रह सके कि नाव संचालक कितने लोगों को बैठा रहा है और कहीं क्षमता से अधिक सवारी तो नहीं है। साथ ही कितना सामान नाव के अंदर ले जाने की अनुमति दी जाए, इस पर भी विचार किया जाएगा।

उन्होंने बताया कि जानकारी मिली है कि अभी बड़ी संख्या में नदी में नाव चलाई जा रही हैं, जो एक पार से दूसरी ओर ले जाने का काम करती हैं। कुछ लोग एक सिरे से दूसरे सिरे तक रस्सी बांधकर उसके सहारे नाव को लेकर जाते हैं। मंडलायुक्त, नगेंद्र प्रताप ने इस बारे में जानकारी देते हुए कहा कि यमुना में नाव संचालन के लिए नए नियम बनाने की जरूरत है। इसके लिए विभिन्न विभागों के अधिकारियों से बात करने के बाद ब्लूप्रिंट तैयार करने पर विचार चल रहा है, जिससे भविष्य में केशी घाट जैसी घटना की पुनरावृत्ति न हो सके।

ताज के पीछे तैनात रहती है नदी पुलिस

ताजमहल के पीछे नदी पुलिस तैनात रहती है। यहां चौकी भी स्थापित है। नदी पुलिस के एक जवान ने बाढ़ के दौरान कई लोगों को डूबने से बचाया है। अब यमुना में पानी कम होने के कारण नदी पुलिस की पेट्रोलिंग रुकी हुई है। अन्यथा पानी रहने की स्थिति में नदी पुलिस लगातार ताजमहल से लेकर आगरा किला तक पेट्रोलिंग करती रहती है।

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लेखक के बारे में

Srishti Kunj

सृष्टि कुंज एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें मीडिया इंडस्ट्री में एक दशक से अधिक का अनुभव है। वर्तमान में वह लाइव हिन्दुस्तान में कार्यरत हैं। उन्होंने पंजाब केसरी ग्रुप के नवोदय टाइम्स और इंडिया न्यूज जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों के साथ काम किया है, जहां उन्होंने नेशनल और दिल्ली डेस्क के लिए कंटेंट क्रिएशन और मल्टीमीडिया स्टोरीटेलिंग में अपनी स्किल्स को निखारा है। सृष्टि कुंज लाइव हिन्दुस्तान में लगभग 6 वर्षों से यूपी की टीम संग काम कर रही हैं। 2020 से वह हिन्दुस्तान डिजिटल के लिए उत्तर प्रदेश की राजनीति, क्राइम, स्वास्थ्य, शिक्षा और अन्य बीटों से जुड़ीं खबरें लिखती हैं। सृष्टि ने अपनी स्कूलिंग के बाद एनिमेशन की पढ़ाई की और फिर बतौर एनिमेटर एक विदेशी गेम के लिए कैरेक्टर डिजाइनिंग की। इसके बाद सृष्टि ने मॉस कम्यूनिकेशन और जर्नलिजम में स्नातक की डिग्री हासिल की। एक दशक से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय सृष्टि ने जर्नलिज्म एंड मास कॉम में डिग्री लेकर पंजाब केसरी ग्रुप के दिल्ली संस्करण नवोदय टाइम्स की डिजिटल टीम के साथ अपने करियर की शुरुआत की थी। 3 साल नवोदय टाइम्स से जुड़े रहने के बाद सृष्टि ने इंडिया न्यूज की डिजिटल टीम (इनखबर) की नेशनल डेस्क के साथ भी काम किया। 2020 से सृष्टि लाइव हिन्दुस्तान की डिजिटल टीम के साथ अब ट्रेंड्स के अनुसार पाठकों तक यूपी की हर खबर को पहुंचा रही हैं।

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