
कूड़े के विवाद में युवक की गोली मारकर हत्या, फायरिंग में तीन लोग घायल, आरोपी फरार
यूपी के मैनपुरी में गैरेज के सामने पड़े कूड़े को लेकर हुए विवाद में शनिवार को एक युवक की गोली मारकर हत्या कर दी गई। फायरिंग में तीन अन्य लोग भी गोली लगने से घायल हैं। सूचना के बाद कई थानों की पुलिस फोर्स के साथ एसपी गांव में पहुंचे।
यूपी के मैनपुरी में गैरेज के सामने पड़े कूड़े को लेकर हुए विवाद में शनिवार को एक युवक की गोली मारकर हत्या कर दी गई। फायरिंग में तीन अन्य लोग भी गोली लगने से घायल हैं। सूचना के बाद कई थानों की पुलिस फोर्स के साथ एसपी गांव में पहुंचे। पिता, उसके दो बेटों पर हत्या का मुकदमा दर्ज किया है। आरोपी फरार हैं।
घटना शनिवार सुबह 10 की है। कोतवाली क्षेत्र के गांव जगरूपपुर निवासी योगेंद्र (40) पुत्र जौहरीलाल राजपूत घर से पास वेल्डिंग की दुकान पर जा रहा था। तभी पड़ोसी 65 वर्षीय भूदेव राजपूत ने उसके घर के सामने कूड़ा फेंक दिया। इसी बात को लेकर पहले दोनों में कहासुनी और गाली गलौज हुई। विवाद बढ़ा तो भूदेव के दो बेटे हथियार लेकर आए और फायरिंग कर दी। फायरिंग में एक गोली योगेंद्र की गर्दन में लगी। उसकी मौके पर मौत हो गई।
विनय (22) पुत्र प्रमोद कुमार राजपूत और राहुल पुत्र नेम सिंह को भी गोली लगी हैं। 65 वर्षीय रामसिंह पुत्र कांशीराम और 15 वर्षीय शिखा पुत्री सत्यपाल भी घायल हुए हैं। मृतक योगेंद्र की पत्नी प्रीती की तहरीर पर पुलिस ने भूदेव पुत्र वीरबल, अवनीश, जीतू पुत्रगण भूदेव, बॉबी पुत्र इंद्रसेन, सागर पुत्र अष्टसेन पर हत्या का केस दर्ज किया है। एसपी गणेश प्रसाद साहा ने बताया कि आरोपियों की तलाश की जा रही है।
नमकीन की पन्नी, दो डिस्पोजल फेंकने के विवाद में हुई हत्या
कोतवाली क्षेत्र के ग्राम जगरूपपुर में कूड़े डालने को लेकर हुए विवाद के दौरान हुई हत्या से इलाके में सनसनी फैल गई है। कुरकुरे नमकीन की एक पन्नी और दो डिस्पोजल ग्लास के कूड़े को लेकर यह विवाद हुआ। घटना के बाद गांव में सन्नाटा पसर गया है। एसपी के निर्देश पर डॉग स्क्वायड और फोरेंसिक एक्सपर्ट की टीमों ने घटनास्थल पर साक्ष्य जुटाए हैं। एक हत्यारोपी सिपाही है और इस समय कासगंज के पटियाली थाने में तैनात है।
रविवार की सुबह कूड़े डालने को लेकर हुए विवाद में ग्रामवासी योगेंद्र राजपूत की गोली मारकर हत्या कर दी गई। फायरिंग के दौरान योगेंद्र का भतीजा रविंद्र सहित परिवार के चार अन्य लोग भी घायल हुए हैं। सभी घायलों का जिला अस्पताल और सैफई मेडिकल कॉलेज में उपचार चल रहा है। घटना के बाद पुलिस पहुंची तो ग्रामीणों ने शव नहीं उठने दिया और हत्यारोपियों की गिरफ्तारी की मांग शुरू हो गई। जानकारी पाकर एसपी गणेश प्रसाद साहा, एसपी सिटी अरुण कुमार, सीओ भोगांव ऋषीकांत शुक्ला मौके पर पहुंच गए। मैनपुरी, दन्नाहार, बिछवां, भोगांव, एलाऊ थानों की पुलिस को भी बुला लिया गया।
जानकारी मिली तो भाजपा जिलाध्यक्ष ममता राजपूत पीड़ित पक्ष से मिलने पहुंच गई। उन्होंने पीड़ित पक्ष को ढांढस बंधाया और कड़ी कार्रवाई का भरोसा दिया। उधर घटना के बाद पुलिस ने विरोध के बीच शव उठा लिया और गाड़ी में रख लिया तो ग्रामीणों ने गाड़ी घेर ली और पुलिस से धक्का मुक्की कर शव गाड़ी से बाहर निकाल लिया। लगभग चार घंटे तक शव पड़ा रहा। परिवार और गांव के लोग बहुत गुस्से में थे। घटना के बाद कुछ लोगों ने गैरिज में जाकर हत्यारोपियों की दो गाड़ियों में तोड़फोड़ कर दी। पुलिस ने मुश्किल से इन लोगों को रोका।
घटना के बाद सभी आरोपी हो गए फरार
घटना के बाद हत्यारे फरार हैं। परिवार में सिर्फ एक महिला बची हुई है। पुलिस ने आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी। लेकिन वह नहीं मिले। बताया गया है कि घटना में एक 12 बोर की बंदूक और एक पिस्तौल का इस्तेमाल हुआ। मौके से पुलिस ने एक कारतूस भी बरामद किया है। घटना के बाद गांव में पुलिस तैनात कर दी गई है।
पर्यटन मंत्री ने की पीड़ित परिवार से मुलाकात
घटना की जानकारी पाकर पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे और उन्होंने पीड़ित परिवार से घटना के संबंध में बात की। उन्होंने मौके पर ही पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए कि घटना में जो भी शामिल हैं उनकी तत्काल गिरफ्तारी की जाए और पीड़ित परिवार को सुरक्षा दी जाए।
घटना में सिपाही की बताई जा रही बड़ी भूमिका
इस हत्याकांड में जीतू पुत्र भूदेव की बड़ी भूमिका बताई जा रही है। जीतू पुलिस विभाग में सिपाही है और कासगंज के पटियाली थाने में वर्तमान में तैनात है। इस समय वह घर आया हुआ है। आरोप है कि जीतू ने अपने भाई अवनीश के साथ फायरिंग की। जिससे यह घटना हुई।
मृतक के घर की तरफ फेंक दिया था कूड़ा
ग्रामीणों ने बताया कि गांव में भूदेव की गैराज है। वह गैराज खोलने आए थे। गेट पर ही नमकीन की पन्नी और दो गिलास पड़े हुए थे। भूदेव ने यह दोनों उठाकर योगेंद्र के घर की तरफ फेंक दिए। तभी वहां से निकल रहे योगेंद्र ने इसका विरोध किया और विवाद शुरू हो गया।





